Night Shift करने वाली महिलाओं में Breast Cancer का खतरा, रिसर्च में सामने आया कनेक्शन
प्रत्येक वर्ष अक्तूबर का महीना ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस मंथ के रुप में जाना जाता है। इस बार इसकी थीम है 'Every Story is Unique, Every Journey Matters'। आजकल सबसे ज्यादा महिलाएं ब्रेस्ट कैंसर का शिकार हो रही हैं। ऐसे में कई महिलाएं आईटी कंपनियों, बीपीओ, अस्पतालों और दूसरी जगहों पर नाइट शिफ्ट में काम करती हैं। नाइट शिफ्ट में रात भर जागना होता है। इसलिए उनका रूटीन रातभर जागना और दिन में सोना बन ही जाता है।
क्या आपने कभी सोचा है कि रात में लगातार काम करने का असर आपकी सेहत को खराब कर सकता है। एक रिसर्च के अनुसार, लंबे समय तक नाइट शिफ्ट करने और ब्रेस्ट कैंसर के बीच संबंध बताया है। ऐसे में रात में काम करने वाली महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर का खतरा है, आइए आपको बताते हैं क्या कहती है रिसर्च?
रात में काम करने से ब्रेस्ट कैंसर का क्या है कनेक्शन?
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) की एजेंसी इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (IARC) ने साल 2019 में रात की शिफ्ट में काम करने वाली महिलाओं को कैंसर का खतरा बढ़ाने वाला माना था, जिनको ग्रुप 2A में रखा गया था। असल में इस क्लासिफिकेशन में उन महिलीओं को रखा गया था, जिसमें ब्रेस्ट कैंसर से संबंधित कुछ सबूत मिले थे। इसका मतलब यह नहीं है कि नाइट शिफ्ट करने वाली हर महिला को कैंसर होगा।
डॉक्टर ने नाइट शिफ्ट करने वाली महिलाओं को क्या सलाह दी?
हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, भारत में बहुत-सी महिलाए नाइट शिफ्ट में काम करती है। लंबे समय तक नींद और जागने के बदलते रुटीन को जरुर गंभीरता से लेना चाहिए। रिसर्च में नाइट शिफ्ट और ब्रेस्ट कैंसर के बीच संबंध देखने को मिला है, हालांकि दोनों के बीच संबंध मिलने का मतलब यह नहीं है कि नाइट शिफ्ट करने के कारण कैंसर हो सकता है।
क्या कहती है ब्रेस्ट कैंसर पर हुई रिसर्च?
बात करें साल 2022 में प्रकाशित एक रिसर्च की, तो 33 स्टडी सामने आई थीं, जिसमें करीब 43 लाख लोगों को शामिल किया गया था। इस स्टडी में पता चला था कि रात की शिफ्ट में कार्य करने से 20 परसेंट महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा देखने को मिला था। लेकिन हर रिसर्च में एक जैसे नतीजे देखने को मिले नहीं है। कुछ बड़ी स्टड़ी में नाइट शिफ्ट और ब्रेस्ट कैंसर के बीच संबंध न होने की बात कही गई है।
इतना ही नहीं, साल 2024 में प्रकाशित एक रिव्यू में भी इस टॉपिक पर हुई नए रिसर्च को स्टडी किया गया था। इसमें लंबे समय तक लगातार या बार-बार नाइट शिफ्ट करने और ब्रेस्ट कैंसर के संबंध होने के कुछ संकेत देखने को मिले थे।
लेकिन, इसको लेकर पुख्ता नतीजे तक पहुंचने के लिए अभी और रिसर्च की जरुरत है। सबसे जरुरी बात यह है कि रिसर्च में सामने आया 20% ही खतरा है। इसका अर्थ यह नहीं है कि नाइट शिफ्ट करने वाली हर पांच में से एक महिला को ब्रेस्ट कैंसर होगा।
नाइट शिफ्ट करने वाली महिलाएं अपनी सेहत का ख्याल कैसे रखें?
- रोजाना जब भी आप सोएं तो एक समय पर ही नींद लें और ज्यादा से ज्यादा सोने की जरुरत है।
- दिन में सोते समय कमरे में पर्दे लगाएं, जिससे बाहर की रोशनी कमरे में न आएं।
- जब आप सोएं तो शोर कम करें, ताकि आपकी नींद बार-बार न टूटे।
- यदि आपको लंबे समय से नींद नहीं आ रही है, तो डॉक्टर से सलाह जरुर लें।
- ध्यान रखें कि, जब भी आपको ब्रेस्ट में गांठ, स्किन में चेंज या निप्पल से डिस्चार्ज जैसी परेशानी दिखे, तो डॉक्टर से जांच करवाएं।
गेंदबाजी में रणनीतियां लागू नहीं कर पाए, चौथे T20I में हार पर बोले कप्तान Shreyas Iyer
टीम इंडिया और वेस्टइंडीज के बीच चल रही T20I सीरीज का चौथा मुकाबला खेला गया। 15 अक्टूबर को हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में दोनों टीमें आमने-सामने थीं, जहाँ वेस्टइंडीज ने शानदार खेल दिखाते हुए जीत हासिल की। मैच की शुरुआत विंडीज़ की बल्लेबाज़ी से हुई। शानदार फॉर्म में चल रहे शाई होप ने पारी की शुरुआत की और 102 रन बनाए। शेरफेन रदरफोर्ड 49 रन बनाकर नाबाद रहे, जिससे मेहमान टीम ने पहली पारी में कुल 247 रन बनाए।
इसे भी पढ़ें: चौथे T20 में हार के बाद बल्लेबाजों को जिम्मेदारी लेने की Sunil Gavaskar की नसीहत
लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम 223 रनों पर ही सिमट गई। कीमो पॉल ने 5 विकेट लिए, जिससे भारतीय टीम लक्ष्य हासिल नहीं कर सकी और अंततः मेज़बान टीम को हार का सामना करना पड़ा। मैच के बाद, भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने टीम की कमियों पर बात की। पोस्ट-मैच प्रेजेंटेशन सेरेमनी में अय्यर ने कहा, "सब कुछ गेंदबाजी से शुरू हुआ। मुझे लगता है कि हम अपनी लाइन और लेंथ को सही से लागू नहीं कर पाए। 250 रन का पीछा करते समय आपको एक खास रणनीति के साथ आगे बढ़ना होता है। मुझे हमारी चेज़िंग अप्रोच अच्छी लगी, लेकिन बदकिस्मती से हम गेंदबाजी में अपनी योजनाओं को सही से लागू नहीं कर सके, और यहीं हम थोड़े पीछे रह गए।"
इस सवाल पर कि क्या शुरुआत में अभिषेक शर्मा के स्ट्राइक पर न होने से भारत की शुरुआत पर असर पड़ा, उन्होंने आगे कहा कि ऐसा नहीं है, उस समय भी हमारा रन रेट 12 प्रति ओवर चल रहा था। बात बस इतनी है कि उन्होंने अपनी योजनाओं को बहुत अच्छे से लागू किया, और विकेट का बर्ताव भी थोड़ा अलग था। गेंद थोड़ी उछल रही थी और उन्होंने फील्डिंग का भी बहुत अच्छा इस्तेमाल किया। इसलिए उन्हें पूरा श्रेय मिलना चाहिए; उनका काम एकदम सटीक था।
इसे भी पढ़ें: Shafali Verma बोलीं: Champions Trophy की तैयारी में टीम खेलेगी निडर और समझदारी भरा T20
यह ध्यान देने वाली बात है कि भारत और वेस्टइंडीज अब इस सीरीज के पांचवें और आखिरी T20I मैच की तैयारी कर रहे हैं। सीरीज 2-2 से बराबर है, इसलिए आने वाला मुकाबला दोनों टीमों के लिए बहुत अहम होगा। इस मुकाबले के लिए दोनों टीमें 17 अक्टूबर को बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में आमने-सामने होंगी, और यह देखना दिलचस्प होगा कि दोनों टीमें कैसा प्रदर्शन करती हैं।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi








