बांग्लादेश चुनाव में बीएनपी की बंपर जीत, जमात ने गड़बड़ी और हिंसा के लगाए आरोप
ढाका, 14 फरवरी (आईएएनएस)। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) 13वें संसदीय चुनाव में बड़ी जीत के बाद बांग्लादेश में अगली सरकार बनाने जा रही है। इसी बीच, कट्टरपंथी इस्लामी पार्टी जमात-ए-इस्लामी ने आरोप लगाया है कि कुछ चुनाव क्षेत्रों में नतीजों में धांधली हुई है।
ढाका में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जमात चीफ शफीकुर रहमान ने दावा किया कि शुक्रवार रात से देश के कई हिस्सों में जमात के नेतृत्व वाले 11 पार्टी चुनाव गठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं के घरों पर हमले हुए हैं।
बांग्लादेशी अखबार प्रोथोम अलो ने बताया कि उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इन मामलों को तय समय में हल नहीं किया गया तो वे कड़े कदम उठाएंगे। चुनाव के नतीजों पर टिप्पणी करते हुए रहमान ने कहा, अगर चुनाव के नतीजे नॉर्मल तरीके से आते हैं, तो आमतौर पर कोई बड़ी आपत्ति नहीं होती है। आमतौर पर हर कोई इसे मान लेता है।
उन्होंने आगे कहा, अगर कोई बड़ा भेदभाव या गड़बड़ी होती है, तो यह स्वाभाविक रूप से सवाल खड़े करता है। हमारे सकारात्मक नजरिए के बावजूद, आज बांग्लादेश के अलग-अलग हिस्सों में 11-पार्टी चुनावी गठबंधन के कार्यकर्ताओं, समर्थकों, एजेंट्स और वोटरों के घरों पर हमले हो रहे हैं, लोगों पर हमला किया जा रहा है, घरों में आग लगाई जा रही है।
उन्होंने कहा, चुनाव में जिन्हें ज्यादातर सीटें मिलीं, उनके बारे में हमारे पास काफी बातें और आपत्तियां हैं। उन्हें ये सीटें कैसे भी मिलीं, उन्हें जिम्मेदारी लेनी होगी। देश में शांति और व्यवस्था बनी रहेगी, अगर वे सरकार बनाते हैं, तो यह उनकी जिम्मेदारी है। अब ये संकेत क्या हैं? इन्हें अभी रोकना होगा। अगर इन्हें अभी भी नहीं रोका गया, तो हमें फैसला लेने पर मजबूर होना पड़ेगा।
बांग्लादेश में गुरुवार रात और शुक्रवार शाम के बीच चुनाव के बाद हुई हिंसा में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई और 36 अन्य घायल हो गए। पार्टियों के अंदर झड़प, विरोधी ग्रुप के हमले और तोड़फोड़ के आरोप हैं।
बांग्लादेशी अखबार द डेली स्टार ने बताया कि मुंशीगंज जिले के सदर उपजिला में बीएनपी से जुड़े विरोधी समूह के बीच झड़प के दौरान एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई।
मृतक मोहम्मद जसीम नायब (30) एक निर्दलीय उम्मीदवार और बीएनपी से निकाले गए जिला सदस्य सचिव मोहम्मद मोहिउद्दीन का समर्थक था। वह शुक्रवार दोपहर हुई हिंसा में गंभीर रूप से घायल हो गया और शाम को ढाका मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में उसकी मौत हो गई।
पुलिस के मुताबिक इलाके में विरोधी समूह के बीच पहले हुए झगड़े चुनाव से जुड़े मुद्दों पर हिंसक टकराव में बदल गए, जिसके दौरान जसीम के सिर पर एक धारदार हथियार से वार किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
--आईएएनएस
केके/एबीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन: रुबियो ने यूएस को बताया यूरोप का 'चाइल्ड', पश्चिम के ‘भ्रम’ पर रखी बात
म्यूनिख (जर्मनी), 14 फरवरी (आईएएनएस)। यूएस के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने अमेरिका को यूरोप का चाइल्ड यानी संतान बताया है। उन्होंने म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन के मंच से उस इतिहास की बात की जिसे यूएस और यूरोप साझा करते हैं। दावा किया कि उनका देश यूरोप के साथ मिलकर खुशहाली का नया रास्ता तय करना चाहता है। उनके भाषण का सभागार में मौजूद विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने खड़े होकर और तालियां बजाकर स्वागत किया।
बेहद सौम्य और साधारण अंदाज में उन्होंने ट्रांस-अटलांटिक युग के अंत का लक्ष्य न रखने की बात कही। रुबियो ने कहा, “ट्रांसअटलांटिक युग का अंत न तो हमारा लक्ष्य है और न ही हमारी इच्छा है। हम अमेरिकियों का घर भले ही वेस्टर्न हेमिस्फेयर में हो, लेकिन हम हमेशा यूरोप की संतान ही रहेंगे।”
इसके बाद उन्होंने यूरोप-यूएस के बॉन्ड की बात की। साझा इतिहास का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि कैसे यूएस की कहानी एक इतालवी एक्सप्लोरर से शुरू हुई और पहली कॉलोनियां अंग्रेजों ने बनाईं। फिर स्कॉटिश, आयरिश और जर्मन किसानों ने उन्हें आकार दिया।
रुबियो के मुताबिक, हमारा इतिहास और हमारी किस्मत दोनों हमेशा एक-दूसरे से जुड़े रहेंगे। अमेरिका खुशहाली की एक नई सदी के लिए रास्ता बना रहा है, लेकिन वह ऐसा यूरोप के साथ करना चाहता है। हम नहीं चाहते कि हमारे सहयोगी और साथी शर्म की जंजीरों में जकड़े हों।
अमेरिकी विदेश मंत्री की मानें तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अगुआई में संयुक्त राज्य अमेरिका ग्लोबल “रिन्यूअल और रेस्टोरेशन” को लीड करना चाहता है।
उन्होंने म्यूकहा कि यूनाइटेड स्टेट्स “एक ऐसे भविष्य के विजन से आगे बढ़ेगा जो उतना ही गौरवान्वित करने वाला होगा, उतना ही स्वायत्त और जरूरी होगा जितना हमारी सभ्यता का अतीत रहा है।”
उन्होंने कहा, “और अगर जरूरत पड़ी, तो हम इसे अकेले करने के लिए तैयार हैं, लेकिन यह हमारी पसंद और उम्मीद है कि हम इसे आपके साथ, यूरोप में हमारे दोस्तों के साथ मिलकर करेंगे।”
रुबियो ने कहा, “हम चाहते हैं कि यूरोप मजबूत हो। हमारा मानना है कि यूरोप को जिंदा रहना चाहिए।”
रुबियो ने डीइंडस्ट्रियलाइजेशन (उद्योग धंधों को बंद करना) और बड़े पैमाने पर माइग्रेशन को यूरोप के लिए खतरनाक बताया। उनके मुताबिक डीइंडस्ट्रियलाइजेशन आवश्यक नहीं था, और यह युद्ध के बाद के भ्रम का एक बेवकूफी भरा नतीजा था।
उन्होंने माइग्रेशन को हल्के में न लेने की सलाह भी दी। बोले, “बड़े पैमाने पर माइग्रेशन कोई मामूली चिंता नहीं है, था भी नहीं,” क्योंकि वह चेतावनी देते हैं कि यह “पूरे पश्चिम में समाजों को बदल रहा है और अस्थिर कर रहा है। यह हमारे समाज के ताने-बाने और हमारी सभ्यता के बने रहने के लिए एक बड़ा खतरा है।”
म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन हर साल फरवरी में जर्मनी के म्यूनिख शहर में आयोजित किया जाता है। इसमें दुनिया भर के राष्ट्राध्यक्ष, रक्षा मंत्री और सैन्य विशेषज्ञ जुटते हैं और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों, युद्ध और कूटनीति पर खुलकर चर्चा करते हैं।
--आईएएनएस
केआर/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation

















