Responsive Scrollable Menu

रिलायंस बोला-कॉम्पिटीशन से कभी नहीं डरे, स्टारलिंक का स्वागत है:मस्क ने मुकेश अंबानी पर भारत में कंपनी की एंट्री रुकवाने का आरोप लगाया था

सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस 'स्टारलिंक' की भारत में एंट्री को लेकर चल रहे विवाद के बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज ने शुक्रवार को कहा कि वह कॉम्पिटिशन से नहीं डरते। कंपनी ने X पर पोस्ट कर कहा कि असली मुकाबला वही है, जिससे यह पता चले कि सबसे अच्छी सर्विस कौन दे रहा है। कंपनी ने यह बयान इलॉन मस्क की ओर से लगाए गए उन आरोपों के बाद जारी किया, जिनमें उन्होंने भारतीय टेलिकॉम कंपनियों पर स्टारलिंक का रास्ता रोकने का दावा किया था। रिलायंस का पूरा पोस्ट…. भारतीय कंपनियों की तरह हम भी एक ऐसे माहौल में आगे बढ़े हैं जहां नई सोच और निवेश का स्वागत किया जाता है- चाहे वो देश का हो या विदेश का। लेकिन यह सब नियमों और कानून के हिसाब से चलता है। सरकार के नियम सबके लिए एक जैसे हैं, फिर चाहे कंपनी देसी हो या विदेशी। जियो सैटेलाइट को भी अभी तक सरकार से पूरी मंजूरी नहीं मिली है और वे भी अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। हम स्टारलिंक जैसी नई कंपनियों का स्वागत करते हैं। 2016 में जब जियो शुरू हुई थी, तब उनके पास एक भी ग्राहक नहीं था और टेलिकॉम मार्केट में पहले से कई कंपनियां मौजूद थीं। फिर भी, 10 साल में जियो ने 53 करोड़ से ज्यादा ग्राहकों का भरोसा जीता और देश को सबसे सस्ता डेटा और बेहतरीन सर्विस दी। जियो हो या स्टारलिंक, हर कंपनी को भारत के कानूनों और नियमों का पालन करना ही होगा। मस्क vs अंबानी... समझिए पूरा विवाद इलॉन मस्क भारत में स्टारलिंक की लॉन्चिंग में हो रही देरी को लेकर पिछले कुछ दिनों से नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। इस देरी के लिए वो रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी को जिम्मेदारी बता रहे हैं और उनके खिलाफ लगातार सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं। हाल ही में मस्क ने अपने एक पोस्ट में मुकेश अंबानी पर तंज कसते हुए उन्हें 'प्राइम मिनिस्टर अंबानी' लिखा था। इस पोस्ट में उन्होंने अंबानी को भारत का रियल बॉस बताया था। उनका तर्क था कि स्टारलिंक भारत के बिना इंटरनेट वाले इलाकों में कनेक्टिविटी पहुंचा सकता है। इससे दूरदराज के वंचित बच्चों को शिक्षा और छोटे कारोबारियों को ग्लोबल मार्केट तक पहुंच मिलेगी। मस्क के इस पोस्ट के बाद कुछ लोगों ने कहा कि भारत में दुनिया का सबसे सस्ता और तेज इंटरनेट मौजूद है। यहां सिर्फ ₹300-400 महीने में 60GB डेटा मिल जाता है, जो दूरदराज के गांवों में भी बेहतरीन काम करता है। ऐसे में यह सवाल उठना वाजिब है कि जब स्टारलिंक अन्य देशों में करीब ₹2,200 महीने चार्ज करता है, तो भारत में इसे कौन खरीदेगा। इस तर्क का जवाब देते गुए मस्क ने कहा कि एक तरफ वे दावा करते हैं कि स्टारलिंक भारत में जियो के सस्ते प्लान्स का मुकाबला नहीं कर पाएगी। दूसरी तरफ वे यह भी कहते हैं कि स्टारलिंक के आने से कॉम्पिटिशन बढ़ जाएगा। ये दोनों बातें एक साथ सही नहीं हो सकतीं। सच्चाई यह है कि मार्केट में कॉम्पिटिशन बढ़ने से हमेशा आम ग्राहकों को ही फायदा मिलता है। स्टारलिंक के आने से अंबानी की कंपनी का मुनाफा थोड़ा घट सकता है, लेकिन उनका कारोबार बंद नहीं होगा। जाहिर है, अगर स्टारलिंक भारत में बहुत महंगी होगी तो उसे कोई नहीं खरीदेगा, इसलिए स्पेसएक्स को यहां टिकने के लिए अपनी कीमतें सस्ती रखनी ही पड़ेंगी। सरकार का जवाब- भारत में मोनोपॉली की इजाजत नहीं मिलेगी 'इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026' में केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सरकार का रुख साफ किया। उन्होंने कहा कि भारत में किसी भी सेक्टर में मोनोपॉली की इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होंने बताया कि देश में तीन सैटेलाइट इंटरनेट कंपनियों को लाइसेंस मिल चुके हैं। 1. रिलायंस जियो सैटकॉम 2. भारती एयरटेल सपोर्टेड यूटेलसेट वनवेब 3. इलॉन मस्क की स्टारलिंक हालांकि, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि लाइसेंस पाने वाली इन सभी कंपनियों की सिक्योरिटी क्लीयरेंस अभी बाकी है। इसके अलावा सैटेलाइट स्पेक्ट्रम का प्राइसिंग फ्रेमवर्क भी तय किया जा रहा है। सभी जरूरी शर्तें पूरी होने के बाद ही भारत में ये सेवाएं शुरू हो सकेंगी। अंडमान में ड्रग्स तस्करी और मणिपुर हिंसा में मिले थे स्टारलिंक उपकरण साल 2024 में भारतीय एजेंसियों ने अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में ड्रग्स तस्करी की जांच के दौरान और मणिपुर में सेना के एक ऑपरेशन के समय स्टारलिंक के उपकरण बरामद किए थे। इलॉन मस्क ने तब कहा था कि स्टारलिंक की सर्विस भारत में कभी एक्टिव ही नहीं थी। जो उपकरण मिले हैं, वे स्टारलिंक के सैटेलाइट नेटवर्क का इस्तेमाल कर ही नहीं सकते थे। स्टारलिंक किट में स्टारलिंक डिश, एक वाई-फाई राउटर, पॉवर सप्लाई केबल्स और माउंटिंग ट्राइपॉड होता है। हाई-स्पीड इंटरनेट के लिए डिश को खुले आसमान के नीचे रखते हैं। iOS और एंड्रॉइड पर स्टारलिंक का एप मौजूद है, जो सेटअप से लेकर मॉनिटरिंग करता है। लो अर्थ ऑर्बिट में मौजूद सैटेलाइट से इंटरनेट देती है स्टारलिंक स्टारलिंक लो अर्थ ऑर्बिट में अपने सैटेलाइट को तैनात कर इंटरनेट सर्विस देती है। इसके जरिए उन दूर-दराज के इलाकों में भी इंटरनेट मिलता है, जहां मोबाइल नेटवर्क या ब्रॉडबैंड नहीं है। कंपनी 2021 से ही भारत में अपनी सेवाएं शुरू करने की कोशिश कर रही है। -------------------------------------------------

Continue reading on the app

Jailer 2 Box Office Collection Day 1: रजनीकांत की फिल्म ने 59 करोड़ से की ओपनिंग, अपनी ही फिल्म 'कुली' का

Jailer 2 Box Office Collection Day 1: ट्रेड ट्रैकर सैकनिल्क (Sacnilk) के अनुसार पहले दिन 'जेलर 2' ने 16,599 शो के जरिए कुल ₹59.70 करोड़ की कमाई की। फिल्म की कमाई रजनीकांत की पिछली रिलीज से कम है।

Continue reading on the app

  Sports

अंडर-19 वर्ल्ड कप जिताने वाली कप्तान का इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू, कौन हैं निकी प्रसाद

Who is Niki Prasad: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की युवा ऑलराउंडर निकी प्रसाद ने रायपुर में जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया. कर्नाटक की इस खिलाड़ी को स्मृति मंधाना ने कैप सौंपी. निकी ने साल 2024 में अंडर-19 एशिया कप और 2025 में टी20 वर्ल्ड कप में भारत को अपनी कप्तानी में चैंपियन बनाया था. डब्ल्यूपीएल में दिल्ली कैपिटल्स की ओर से खेलने और ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ घरेलू सीरीज में शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के बाद उन्हें यह इंटरनेशनल डेब्यू का मौका मिला. Fri, 16 Oct 2026 20:01:43 +0530

  Videos
See all

News Ki Pathshala Live: Cockroach Janta Party अपने ही 'घर' में घिर गई? | CJP Tiranga Yatra | Dipke #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-16T15:08:19+00:00

Breaking News Live : देश - दुनिया की बड़ी खबरें | PM Modi | Rahul Gandhi | CJP Protest | Hindi News #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-16T15:08:08+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers