अभिजीत दिपके को आज हिरासत में लेगी पुलिस? प्रेस कॉन्फ्रेंस कर CJP संस्थापक ने किया दावा
Abhijit Dipke: दिल्ली में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आशंका जताई है कि पुलिस उन्हें कभी भी हिरासत में ले सकती है. उन्होंने दावा किया कि दिल्ली पुलिस और आईबी के अधिकारी उन पर नजर रख रहे हैं. दीपके ने इसे इमरजेंसी जैसे हालात बताते हुए केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा.
बता दें कि देर रात दिल्ली के झंडेवालान में CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया. इसको संबोधित करते हुए, दिपके ने कहा कि आज रात या कल सुबह, दिल्ली पुलिस मुझे उठा सकती है. अगर इस देश में तिरंगा फहराने के लिए जेल जाना पड़े, तो हम इसके लिए तैयार हैं. हमने पहले 10 अक्टूबर को विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था. आपने पूरी दिल्ली बंद कर दी, बसें बंद कर दीं, मेट्रो बंद कर दीं, रेलवे बंद कर दिया, इंटरनेट बंद कर दिया और बैरिकेड्स लगा दिए. कहा कि अब हमने कहा कि 16 तारीख को हम कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में तिरंगा फहराएंगे, तो आपने सेंट्रल पार्क ही बंद कर दिया.
VIDEO | Delhi: Addressing a press conference at Jhandewalan, CJP founder Abhijeet Dipke says, "... Tonight or tomorrow morning, the Delhi Police people can pick me up. If one has to go to jail for waving the tricolour in this country, then we are ready for it... We had earlier… pic.twitter.com/mXGnZqHFZl
— Press Trust of India (@PTI_News) October 15, 2026
सेंट्रल पार्क बंद, प्रदर्शन पर पुलिस की सख्ती
दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में 16 और 17 अक्टूबर 2026 को आम लोगों की एंट्री बंद रहेगी. न्यू दिल्ली म्युनिसिपल काउंसिल (NDMC) ने प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए यह आदेश जारी किया है. वहीं, प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी है. इस कार्रवाई पर सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सवाल उठाते हुए सरकार पर निशाना साधा और इसे इमरजेंसी जैसे हालात बताया.
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1000 जगहों पर तिरंगा लहराने की चेतावनी
दीपके ने कहा कि अगर प्रदर्शनकारी 1,000 जगहों पर तिरंगा लहराने का ऐलान करेंगे, तो क्या प्रशासन सभी जगहों को बंद कर देगा? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार औपचारिक रूप से इमरजेंसी घोषित किए बिना वैसे ही हालात बना रही है, क्योंकि इससे उसकी छवि खराब हो सकती है.
हाई कोर्ट ने प्रदर्शन रोकने का आदेश देने से किया था इनकार
इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने सीजेपी और अभिजीत दीपके को 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में प्रदर्शन करने से रोकने का आदेश देने से इनकार कर दिया था. हालांकि, अदालत ने दिल्ली पुलिस के उस आश्वासन को रिकॉर्ड पर लिया कि प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों को नियंत्रित और व्यवस्थित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे.
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में BNSS की धारा 163 लागू की है. पुलिस ने आम लोगों और प्रदर्शनकारियों से सभा में शामिल नहीं होने की अपील की है. साथ ही, आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है.
प्रदर्शन को लेकर पुलिस सतर्क, कारोबारियों ने भी जताई चिंता
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी अपने कार्यकर्ताओं, समर्थकों और आम जनता से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है. पुलिस ने इसे देखते हुए इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की तैयारी की है.
दिल्ली पुलिस की डीसीपी नेहा यादव ने बताया कि कनॉट प्लेस और आसपास के क्षेत्रों के व्यापारियों तथा बाजार संघों ने भी अपने प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है. उनके मुताबिक, व्यापारियों ने आशंका व्यक्त की है कि अव्यवस्थित गतिविधियों और गैरकानूनी जमावड़े से उनके कारोबार पर असर पड़ सकता है। खासकर त्योहारों के मौसम में बाजारों में कारोबार प्रभावित होने की चिंता जताई गई है.
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अमेरिका के ओरेगन में स्कूल में गोलीबारी, बच्चों समेत कई लोगों की मौत; हमलावर भी मारा गया
अमेरिका में स्कूल में गोलीबारी की एक और घटना ने लोगों को झकझोर दिया है. ओरेगन राज्य के बेंड शहर में स्थित सिल्वर रेल एलीमेंट्री स्कूल में गुरुवार को हुई फायरिंग में कम से कम तीन बच्चों और एक वयस्क की मौत होने की खबर है. इस घटना में संदिग्ध हमलावर की भी मौत हो गई. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन एजेंसियां मौके पर पहुंचीं. स्कूल में मौजूद बच्चों और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए अभियान चलाया गया.
स्कूल परिसर में घुसकर की फायरिंग
एसोसिएटेड प्रेस (AP) की रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब एक बजे पुलिस को स्कूल के बाहर खड़ी एक कार पर गोली चलाए जाने की सूचना मिली. इसके कुछ ही देर बाद पुलिस को कई आपातकालीन कॉल मिले. इनमें बताया गया कि एक व्यक्ति स्कूल परिसर में घुसकर गोलीबारी कर रहा है. सूचना मिलते ही पुलिस की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं और पूरे इलाके को घेर लिया. इसके बाद स्कूल में बचाव अभियान शुरू किया गया. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, गोलीबारी में बच्चों समेत कई लोग घायल हुए और कुछ की मौत हो गई. हालांकि, अधिकारियों ने कहा कि पीड़ितों की सही संख्या जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी.
मृतकों की संख्या को लेकर अलग-अलग दावे
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस घटना में कम से कम तीन बच्चों और एक वयस्क की मौत हुई है. वहीं, कुछ अधिकारियों ने शुरुआती जानकारी के आधार पर मृतकों की संख्या पांच तक पहुंचने की आशंका जताई. पुलिस ने अभी तक सभी पीड़ितों की संख्या को लेकर अंतिम जानकारी नहीं दी है. बेंड पुलिस की प्रवक्ता शीला मिलर ने बताया कि घटनास्थल पर कई पीड़ित मिले हैं, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं. कम से कम दो लोगों को इलाज के लिए सेंट चार्ल्स मेडिकल सेंटर ले जाया गया.
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16 साल का बताया जा रहा संदिग्ध हमलावर
पुलिस ने पुष्टि की है कि गोलीबारी का संदिग्ध भी मृत पाया गया. CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, उसकी उम्र 16 साल थी. हालांकि, उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. यह भी स्पष्ट नहीं है कि उसकी मौत पुलिस की कार्रवाई में हुई या किसी अन्य वजह से. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में एक नागरिक की ओर से हमलावर को रोकने की कोशिश किए जाने का भी दावा किया गया है. जांच एजेंसियां इस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं. हमलावर ने गोलीबारी क्यों की और उसे हथियार कहां से मिला, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है.
स्कूल खाली कराया, चर्च में बच्चों से मिलेंगे परिजन
गोलीबारी के बाद पुलिस और स्कूल प्रशासन ने पूरे भवन को खाली कराने का अभियान चलाया. सुरक्षा कर्मियों ने एक-एक कमरे की जांच की और वहां मौजूद छात्रों तथा कर्मचारियों को बाहर निकाला. बच्चों को उनके परिजनों से मिलाने के लिए पास के एक चर्च को अस्थायी केंद्र बनाया गया. घटना के बाद स्कूल और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई. अधिकारियों के अनुसार, जांच और सुरक्षा संबंधी कार्रवाई के कारण इलाके में पुलिस की मौजूदगी बनी रहेगी.
FBI समेत कई एजेंसियां जांच में जुटीं
इस मामले की जांच में संघीय एजेंसियां भी स्थानीय पुलिस की मदद कर रही हैं. FBI निदेशक काश पटेल ने बताया कि ब्यूरो का पोर्टलैंड कार्यालय जांच में सहयोग कर रहा है. इसके अलावा ATF, ओरेगन स्टेट पुलिस और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियां भी मामले से जुड़ी जानकारी जुटा रही हैं. जांच एजेंसियां हमले के पीछे की वजह, इस्तेमाल किए गए हथियार और घटनाक्रम से जुड़े दूसरे तथ्यों का पता लगाने में जुटी हैं. अधिकारियों ने कहा है कि जांच आगे बढ़ने के साथ ही और जानकारी सामने आ सकती है.
स्कूल प्रशासन ने जताया दुख
बेंड-ला पाइन स्कूल्स के अधीक्षक स्टीवन कुक ने घटना पर दुख जताते हुए इसे पूरे समुदाय को प्रभावित करने वाली त्रासदी बताया. उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की. स्कूल प्रशासन के मुताबिक, इस मुश्किल समय में छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को जरूरी सहायता देना प्राथमिकता है. घटना के बाद स्थानीय समुदाय में चिंता का माहौल है और लोग प्रभावित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं.
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