HCL टेक का मुनाफा 21% बढ़कर ₹5,132 करोड़ रहा:दूसरी तिमाही में रेवेन्यू 11.5% बढ़ा, निवेशकों को हर शेयर पर ₹12 डिविडेंड देगी कंपनी
IT कंपनी HCL टेक का दूसरी तिमाही में नेट प्रॉफिट यानी शुद्ध-मुनाफा सालाना आधार (YoY) पर 21% बढ़कर 5,132 करोड़ रुपए रहा। पिछले साल इसी तिमाही (Q2FY26) में कंपनी का मुनाफा 4,235 करोड़ रुपए था। वहीं पिछली तिमाही (Q2FY6) में यह 4,624 करोड़ रुपए रहा था। यानी तिमाही आधार (QoQ) पर कंपनी का नेट प्रॉफिट 11% बढ़ा है। डिजिटल, इंजीनियरिंग, क्लाउड और सॉफ्टवेयर वर्टिकल में बेहतर कामकाज और ऑर्डर्स मिलने की वजह से कंपनी का मुनाफा बढ़ा है। HCL ने सोमवार (12 अक्टूबर) को Q2FY27 यानी वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। HCL टेक का रेवेन्यू 11.5% बढ़कर ₹35,620 करोड़ रहा दूसरी तिमाही में HCL टेक का रेवेन्यू सालाना आधार पर 11.5% बढ़कर 35,620 करोड़ रुपए रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही में 31,942 करोड़ रुपए था। वहीं पिछली तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 34,579 करोड़ रुपए था। यानी Q2FY27 की तुलना में Q1FY27 में कंपनी का रेवेन्यू 8% बढ़ा है। वस्तुओं और सेवाओं के बेचने से मिलने वाला पैसा रेवेन्यू या राजस्व होता है। HCL टेक ने 12 रुपए का डिविडेंड देने का किया ऐलान HCL टेक के बोर्ड ने शेयरहोल्डर्स को प्रति शेयर 12 रुपए के डिविडेंड (लाभांश) देने को भी मंजूरी दी है। कंपनियां अपने शेयरहोल्डर्स को मुनाफे का कुछ हिस्सा देती हैं, उसे डिविडेंड कहते हैं। कंपनी लगातार डिजिटल, क्लाउड और एआई (AI) सॉल्यूशंस के सेक्टर में अपनी पहुंच बढ़ाने और नए ग्लोबल ऑर्डर्स हासिल करने पर फोकस कर रही है। मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ और डिविडेंड के ऐलान को देखते हुए एक्सपर्ट्स का मानना है कि कंपनी के फंडामेंटल्स मजबूत हैं, हालांकि शेयर बाजार में हालिया गिरावट के बाद अब आगे मार्जिन और नए सौदों पर नजर रहेगी। HCL टेक का शेयर एक साल में 18% गिरा नतीजों से पहले HCL टेक का शेयर 0.5% की तेजी के साथ 1,223 रुपए पर बंद हुआ। कंपनी का शेयर पिछले 1 महीने में 3%, 6 महीने में 15% और एक साल में 18% गिरा है। सिर्फ इस साल यानी 1 जनवरी से अब तक की बात करें तो कंपनी का शेयर 25% गिरा है। कंपनी की मार्केट वैल्यू 3.31 लाख करोड़ रुपए है। HCL टेक के फाउंडर हैं शिव नाडर HCL टेक के फाउंडर शिव नाडर हैं। उन्होंने HCL को 1976 में स्थापित किया था। इसके CEO और MD सी विजयकुमार हैं। कंपनी डिजिटल, इंजीनियरिंग, क्लाउड और सॉफ्टवेयर का काम करती है। HCL में 2,30,339 कर्मचारी काम करते हैं।
रिटेल महंगाई लगातार 11वें महीने बढ़ी:सितंबर में 0.72% बढ़कर 5.54% पर पहुंची; आलू, प्याज, टमाटर महंगे हुए; चांदी के गहने सस्ते
सितंबर में रिटेल महंगाई बढ़कर 5.54% पर पहुंच गई है। अगस्त में यह 4.82% थी। आलू, प्याज, टमाटर जैसी सब्जियों और खाने-पीने की चीजों के दाम चढ़े हैं। मिडिल ईस्ट में तनाव की वजह से कच्चा तेल भी महंगा हुआ है। इन कारणों से महंगाई लगातार 11वें महीने बढ़ी है। महंगाई रोकने के लिए RBI ने ब्याज दर बढ़ाई थी महंगाई पर लगाम लगाने के लिए RBI ने इसी महीने 2023 के बाद पहली बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है। आरबीआई ने साफ कर दिया है कि मौजूदा हालात को देखते हुए आने वाले समय में ब्याज दरों में कटौती की कोई संभावना नहीं है। बैंक की आगे की नीति या तो ब्याज दरें बढ़ाने की होगी या फिर इन्हें इसी स्तर पर बरकरार रखा जाएगा। खाने-पीने की चीजों, ग्रामीण और शहरी महंगाई शहर और गांव की महंगाई में क्या अंतर है? सरकार महंगाई दर तय करने के लिए एक बास्केट बनाती है। इसमें खाना, राशन, कपड़ा, मकान का किराया, पढ़ाई और इलाज जैसी चीजें शामिल होती हैं। लेकिन गांव और शहर के लोगों का खर्च करने का तरीका अलग होता है, इसलिए दोनों जगह महंगाई की तय करने के लिए बास्केट में सामानों का वेटेज अलग-अलग होता है। महंगाई कैसे घटती-बढ़ती है? महंगाई का बढ़ना-घटना प्रोडक्ट की डिमांड-सप्लाई पर निर्भर करता है। अगर लोगों के पास पैसे ज्यादा होंगे तो वे ज्यादा चीजें खरीदेंगे। इससे चीजों की डिमांड बढ़ेगी और सप्लाई नहीं होने पर इनकी कीमत बढ़ेगी। वहीं अगर डिमांड कम होगी और सप्लाई ज्यादा तो महंगाई कम होगी। 5% महंगाई दर का क्या मतलब है? 1. तुलना पिछले साल से होती है (साल-दर-साल) जब हम कहते हैं कि सितंबर 2026 में महंगाई 5.54% है, तो इसका मतलब है कि हम इसकी तुलना सितंबर 2025 से कर रहे हैं। यह पूरे एक साल का बदलाव है। 5.54% एक औसत नंबर है जिसे 'कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स' कहते हैं। इसमें आपके जीवन की सैकड़ों चीजें शामिल हैं: 2. ₹100 की चीज अब ₹105.54 की हो गई इसका गणित बहुत सीधा है। अगर सितंबर 2025 में आपने कोई सामान जैसे राशन ₹100 में खरीदा था, तो वही सामान सितंबर 2026 में ₹105.54 का हो गया है। --------------------------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… सितंबर में SIP में ₹32,490 करोड़ का रिकॉर्ड निवेश:अगस्त से ₹193 करोड़ ज्यादा; म्यूचुअली फंड इंडस्ट्री का AUM 5.1% घटा सितंबर 2026 में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेन्ट प्लान यानी SIP के जरिए मंथली कंट्रीब्यूशन यानी निवेश ₹32,490 करोड़ के नए ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया है। इससे पहले अगस्त में यह आंकड़ा ₹32,297 करोड़ रहा था। पूरी खबर पढ़ें…
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