Mumbai Municipal Corporation scam | फर्जी जन्म प्रमाण पत्र मामले में महापौर का कड़ा रुख, 'अवैध घुसपैठियों' और भ्रष्ट अफसरों पर गिरेगी गाज
मुंबई की नवनियुक्त महापौर रितू तावड़े ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी करने के घोटाले पर सर्जिकल स्ट्राइक की चेतावनी दी है। शुक्रवार को एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद महापौर ने स्पष्ट किया कि बीएमसी प्रशासन अब "अवैध बांग्लादेशियों" और उनकी मदद करने वाले एजेंटों व अधिकारियों को कतई नहीं बख्शेगा।
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तावड़े ने नगर निकाय की एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि बीएमसी अधिकारियों की ओर से जारी किए गए कुल 237 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र रद्द कर दिए गए हैं, हालांकि मूल दस्तावेज अभी भी लाभार्थियों के पास ही हैं और उन्हें बरामद किया जाना बाकी है।
तावड़े ने कहा कि अधिकारियों ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि ये दस्तावेज एक महीने के भीतर बरामद कर लिए जाएंगे, लेकिन उन्होंने जब्ती की प्रक्रिया को केवल 15 दिनों में पूरा करने का निर्देश दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अधिकारी अपने कर्तव्य का निर्वहन करने में विफल रहते हैं, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू करने के लिए एक प्रस्ताव पेश किया जाएगा।
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तावड़े ने कहा, “जन्म प्रमाण पत्र अवैध रूप से जारी किए जाने के सिलसिले में अब तक आठ प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं और आगे की कार्रवाई जारी है। स्वास्थ्य विभाग के दो चिकित्सा अधिकारियों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। जांच जारी रहेगी।”
महापौर ने दावा किया कि भाजपा में उनके सहयोगी और पूर्व लोकसभा सदस्य किरीट सोमैया लंबे समय से इस मुद्दे को उठाते रहे हैं, वार्ड स्तर पर जन्म प्रमाण पत्र जारी करने में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के संबंध में दस्तावेज और शिकायतें पेश करते रहे हैं, लेकिन पहले कोई कार्रवाई नहीं की गई।
उन्होंने कहा, “अब बीएमसी में भाजपा के सत्ता में आने के बाद प्रशासन ऐसे गंभीर मामलों को नजरअंदाज नहीं करेगा।” इस बीच, शिवसेना (उबाठा) नेता उद्धव ठाकरे ने तावड़े पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि उनका पूरा ध्यान शहर में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों के इर्द-गिर्द घूमता है, न कि नागरिक से जुड़े मुद्दों पर।
उन्होंने कहा कि भारत में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों से निपटना केंद्रीय गृह मंत्रालय और गृह विभाग का काम है। ठाकरे ने केंद्र और राज्य दोनों पर बांग्लादेशियों की बड़ी संख्या में घुसपैठ को लेकर अपनी “विफलता” को छिपाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इससे केवल यह साबित होता है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले में भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पूरी तरह से विफल साबित हुई है।
'कानपुर को 'बदनामपुर' बना दिया', Akhilesh Yadav का भाजपा पर तीखा हमला
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शुक्रवार को कानपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की नीतियों और प्रशासनिक विफलताओं ने उत्तर प्रदेश के कभी सबसे बड़े औद्योगिक केंद्र रहे कानपुर की पहचान को पूरी तरह धूमिल कर दिया है।
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अखिलेश यादव नेभाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल ने कानपुर को बर्बाद कर दिया और कभी फलते-फूलते औद्योगिक केंद्र को ‘बदनामपुर’ बना दिया। यादव ने यहां सिविल लाइंस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा, “भारतीय जनता पार्टी ने कानपुर को ‘बदनामपुर’ बना दिया है। शहर का नाम आज कार पलटने, पुलिस-वकील के झगड़े और फर्जी मुठभेड़ों की वजह से सुर्खियों में है।”
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उन्होंने कहा कि कानपुर शहर जो कभी अपनी कपड़ा मिलों और अन्य चीजों के निर्माण के केंद्र के लिए मशहूर था, वह अब सड़क हादसों, झगड़ों और प्रशासनिक कमियों से जुड़ा है। पूर्व मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक लाल इमली कपड़ा मिल के बंद होने और गंगा में सीवर का पानी जाने के मुद्दे का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि कानपुर की विरासत को कमजोर किया गया है।
यादव ने सपा के सत्ता में वापस आने पर बदलाव का वादा करते हुए कहा कि उनकी सरकार कानपुर में लखनऊ से भी बेहतर रिवरफ्रंट बनाएगी, लाल इमली मिल को फिर से चालू करेगी और बड़े औद्योगिक निवेश के लिए बेहतर माहौल बनाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद में विपक्ष की आवाज को दबाया जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “हमें बोलने भी नहीं दिया जा रहा है।”
उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘योगी’ होने के दावों पर सवाल उठाया और कहा कि एक सच्चा योगी गुस्से या ताकत से काम नहीं लेता। यादव ने कहा, “एक योगी हिंसा को बढ़ावा नहीं दे सकता या कुर्सी से चिपका नहीं रह सकता।
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