श्रीलंका को ट्राई सीरीज से पहले लगा झटका, पथुम निसांका हुए टीम से बाहर, इस खिलाड़ी को मिली टीम में जगह
18 अक्टूबर से पाकिस्तान की मेजबानी में होने वाली त्रिकोणीय सीरीज के लिए श्रीलंका की टीम को पथुम निसांका के बिना मैदान पर उतरना होगा। दरअसल बोर्ड ने 15 अक्टूबर को उनके बाहर होने की जानकारी दी। निसांका को इंग्लैंड के हालिया दौरे के दौरान बाएं पैर की हैमस्ट्रिंग में चोट लगी थी। वह अभी तक खेलने के लिए जरूरी मेडिकल क्लीयरेंस हासिल नहीं कर पाए हैं। ऐसे में टीम मैनेजमेंट ने उनकी जगह लाहिरू उदारा को मौका देने का फैसला किया है। उदारा के लिए यह सीरीज वनडे टीम में अपनी जगह बनाने का मौका होगी।
वहीं श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने सोशल मीडिया पर बताया कि पथुम निसांका पाकिस्तान और इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली वनडे ट्राई सीरीज में टीम का हिस्सा नहीं होंगे। बोर्ड के मुताबिक इंग्लैंड दौरे के दौरान उनके बाएं पैर की हैमस्ट्रिंग में चोट लगी थी और उन्हें अभी खेलने की मंजूरी नहीं मिली है। इसी वजह से उनकी जगह लाहिरू उदारा को वनडे टीम में शामिल किया गया है। बता दें कि निसांका श्रीलंका के अहम बल्लेबाजों में शामिल हैं। ऐसे में उनका बाहर होना टीम की बल्लेबाजी के लिए चुनौती बन सकता है।
Sri Lanka Tour of Pakistan 2026
Pathum Nissanka will not join Sri Lanka’s ODI squad for the upcoming Tri-Nation Series, involving Pakistan and England, as he has yet to receive medical clearance to return to play.
Nissanka sustained a left hamstring injury during Sri Lanka’s recently concluded tour of England.
Lahiru Udara has been named as his replacement in the ODI squad.
— Sri Lanka Cricket ???????? (@OfficialSLC) October 15, 2026
फाइनल 31 अक्टूबर को खेला जाएगा
हालांकि उनकी गैरमौजूदगी में किस खिलाड़ी को किस क्रम पर उतारा जाएगा इस बारे में बोर्ड की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गई है। श्रीलंका के पास कुसल मेंडिस, अविष्का फर्नांडो और कामिंडु मेंडिस जैसे बल्लेबाज मौजूद हैं। टीम को अब सीरीज से पहले अपनी रणनीति में बदलाव करना होगा। इस ट्राई सीरीज में श्रीलंका के सामने पाकिस्तान और इंग्लैंड जैसी टीमें होंगी। तीनों टीमों के बीच मुकाबले 18 अक्टूबर से शुरू होंगे और फाइनल 31 अक्टूबर को खेला जाएगा। ऐसे में श्रीलंका के लिए शुरुआती मैचों से ही सही संयोजन तैयार करना अहम रहेगा।
लाहिरू उदारा का इंटरनेशनल करियर
दरअसल लाहिरू उदारा को श्रीलंका की वनडे टीम में शामिल किया गया है लेकिन उन्होंने अभी तक इस फॉर्मेट में इंटरनेशनल डेब्यू नहीं किया है। वह विकेटकीपर बल्लेबाज हैं और श्रीलंका के लिए टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट खेल चुके हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक उदारा ने अब तक 5 टेस्ट और 7 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं। टेस्ट क्रिकेट में उदारा ने 9 पारियों में 34.77 की औसत से 313 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से एक शतक निकला है। वहीं टी20 इंटरनेशनल में उन्होंने 7 पारियों में 19 की औसत और 135.71 के स्ट्राइक रेट से 133 रन बनाए हैं। इस फॉर्मेट में उनके नाम एक अर्धशतक भी है। उदारा ने अक्टूबर 2023 में अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल खेलते हुए डेब्यू किया था। अब वनडे टीम में जगह मिलने के बाद उनके पास इस फॉर्मेट में भी खुद को साबित करने का मौका होगा।
वनडे ट्राई सीरीज के लिए श्रीलंका की घोषित टीम:
कुसल मेंडिस (कप्तान), पथुम निसांका, अविष्का फर्नांडो, कामिल मिशारा, पवन रत्नायके, सहान अराचिगे, कामिंडु मेंडिस, जेनिथ लियानगे, दासुन शनाका, डुनिथ वेलालागे, महेश थीक्षाना, सचिन्दु कोलंबेज, दुष्मंथा चमीरा, असिथा फर्नांडो, दिलशान मदुशंका और ईशान मलिंगा।
SC Scholarship में देरी: PAC छह राज्यों के मुख्य सचिवों के खिलाफ लाएगी विशेषाधिकार प्रस्ताव
संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) ने बृहस्पतिवार को फैसला किया कि अनुसूचित जाति (एससी) के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के वितरण में देरी के मामले में स्पष्टीकरण देने के लिए समिति के समक्ष उपस्थित नहीं होने वाले छह राज्यों के मुख्य सचिवों के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव लाने के लिए लोकसभा अध्यक्ष से आग्रह किया जाएगा। उत्तर प्रदेश, पंजाब, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, ओडिशा और बिहार के मुख्य सचिवों को एससी विद्यार्थियों के लिए मैट्रिक-पूर्व और मैट्रिक-पश्चात छात्रवृत्ति के वितरण में कई वर्षों की देरी के बारे में स्पष्टीकरण देने के लिए समिति के समक्ष उपस्थित होना था। हालांकि, इनमें से कोई भी अधिकारी उपस्थित नहीं हुआ।
पीएसी के अध्यक्ष के. सी. वेणुगोपाल ने कहा कि समिति की लेखा परीक्षा में पाया गया कि विद्यार्थियों को मैट्रिक-पूर्व छात्रवृत्ति की बकाया राशि के लिए 48 महीने तक और मैट्रिक-पश्चात छात्रवृत्ति के लिए 89 महीने तक इंतजार करना पड़ा तथा कुछ विद्यार्थियों को कोई राशि ही नहीं मिली। वेणुगोपाल ने ‘एक्स’ पर छह ‘‘खराब प्रदर्शन करने वाले’’ राज्यों के शीर्ष नौकरशाहों को तलब किए जाने का कारण बताते हुए कहा, ‘‘आय और जाति संबंधी पात्रता का सत्यापन नहीं किया गया तथा भुगतान गैर-अनुसूचित जाति के लाभार्थियों तक पहुंच गया, जबकि पात्र बच्चे इंतजार करते रहे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘समिति ने इसे अवमानना मानते हुए गंभीरता से लिया है और विशेषाधिकार नियमों के तहत कार्रवाई के लिए इसे माननीय अध्यक्ष के संज्ञान में लाया जाएगा।’’ वेणुगोपाल ने कहा, ‘‘एक दलित बच्चे के लिए छात्रवृत्ति यह तय करती है कि उसकी पहुंच कक्षा तक बनी रहेगी या नहीं। पीएसी सामाजिक न्याय की योजनाओं के क्रियान्वयन को संवैधानिक दायित्व मानती है और जब तक प्रत्येक पात्र विद्यार्थी को उसका हक नहीं मिल जाता, तब तक वह प्रत्येक राज्य और मंत्रालय की जवाबदेही तय करेगी।’’ वेणुगोपाल ने बाद में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि वर्ष 2017 से 2022 के बीच की लेखा परीक्षा में मैट्रिक-पूर्व छात्रवृत्ति के वितरण में चार साल से अधिक और मैट्रिक-पश्चात छात्रवृत्ति के वितरण में करीब सात साल की देरी पाई गई।
उन्होंने कहा, ‘‘यह हम सभी के लिए चौंकाने वाला था।’’ वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकारों के बीच कोई समन्वय नहीं था और राज्यों ने भी इस मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता नहीं दी। उन्होंने कहा, ‘‘तीन महीने बीत जाने के बाद भी कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) नहीं दी गई है। यह एक गंभीर मुद्दा है।’’ पीएसी अध्यक्ष ने कहा कि समिति ने मुख्य सचिवों के उपस्थित नहीं होने को ‘‘गंभीरता से’’ लिया है और उनके खिलाफ लोकसभा अध्यक्ष को विशेषाधिकार प्रस्ताव देने का सर्वसम्मति से फैसला किया है।
उन्होंने कहा कि समिति इस मुद्दे को बड़े स्तर पर उठाने जा रही है। वेणुगोपाल ने कहा, ‘‘अधिकारी किसी भी योजना के क्रियान्वयन में इतनी देरी नहीं कर सकते।’’ उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘इसलिए पीएसी इसे बड़े स्तर पर उठाएगी और हम अपनी रिपोर्ट संसद में पेश करने जा रहे हैं। छात्रवृत्ति के लिए आय सीमा भी बढ़ाई जानी चाहिए।
हमने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सामाजिक न्याय सचिव के साथ इस विषय पर विस्तार से चर्चा की है।’’
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