UPL के फसल संरक्षण कारोबार की कमान Jay Shroff को मिली
नयी दिल्ली, चार अगस्त कृषि रसायन कंपनी यूपीएल लिमिटेड ने यूपीएल कॉरपोरेशन लिमिटेड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) माइक फ्रैंक के इस्तीफे के बाद समूह के चेयरमैन एवं सीईओ जय श्रॉफ को वैश्विक फसल संरक्षण कारोबार की जिम्मेदारी सौंप दी है। कंपनी ने मंगलवार को बताया कि फ्रैंक का इस्तीफा 31 अगस्त से प्रभावी होगा। वह अमेरिका में बसने की योजना बना रहे हैं।
फ्रैंक के इस्तीफे के बाद यूपीएल ने नई नेतृत्व संरचना की घोषणा की है, जिसके तहत कई वरिष्ठ अधिकारियों को वैश्विक स्तर पर जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। समीर टंडन को एशिया-प्रशांत, अफ्रीका और यूरोप का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है जबकि आशीष डोभाल को उत्तर अमेरिका और दक्षिण अमेरिका महाद्वीप क्षेत्र का अध्यक्ष बनाया गया है। यूपीएल ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा, ‘‘ नई नेतृत्व संरचना कंपनी की रणनीतिक दिशा में निरंतरता बनाए रखने के साथ-साथ निर्णय लेने की प्रक्रिया में तेज लाएगी और प्रमुख बाजारों में क्रियान्वयन को मजबूत करेगी।
यह कंपनी को अधिक सरल और चुस्त संगठन बनाने के उद्देश्य के अनुरूप है।’’ टंडन को उपभोक्ता वस्तु एवं फसल संरक्षण क्षेत्रों का 26 साल से अधिक का अनुभव है। वहीं डोभाल को एशिया, यूरोप और पश्चिम एशिया के कृषि बाजारों में 23 वर्ष से अधिक का अनुभव है।
Meta बैठक में CSAM और प्रमुख खातों पर कार्रवाई का मुद्दा उठाएंगे S Krishnan
नयी दिल्ली, चार अगस्त सूचना प्रौद्योगिकी सचिव एस. कृष्णन ने मंगलवार को कहा कि सरकार मेटा के वैश्विक दल के साथ बैठक में बाल यौन शोषण एवं उत्पीड़न सामग्री (सीएसएएम) से निपटने में खामियों और प्रमुख खातों पर अनुचित कार्रवाई सहित कई मुद्दे उठाएगी। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अग्रणी कंपनी होने के नाते मेटा को यह सुनिश्चित करना चाहिए था कि उसकी प्रणालियां अपेक्षित तरीके से काम करें। कृष्णन ने कहा कि मेटा का वैश्विक दल पांच और छह अगस्त को भारत में रहेगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाल ही में प्रश्नपत्र लीक के मामलों पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन देते हुए मेटा संचालित सोशल मीडिया मंच फेसबुक पर एक वीडियो साझा किया था। इसे कुछ समय के लिए मंच से हटा दिए जाने के बाद सरकार ने मेटा के शीर्ष वैश्विक अधिकारियों को तलब किया है। सोशल मीडिया मंच इंस्टाग्राम पर सशुल्क विज्ञापनों के माध्यम से बाल यौन शोषण एवं दुरुपयोग सामग्री प्रसारित होने के मामलों को लेकर भी मेटा नियामकीय जांच के दायरे में है।
इस मुद्दे पर सरकार पहले कंपनी को नोटिस भी जारी कर चुकी है। कृष्णन ने आईआईटी मद्रास और जोश टॉक्स एआई द्वारा विकसित स्वतंत्र मल्टीमॉडल एआई मूल्यांकन मंच की शुरुआत के लिए आयोजित कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से कहा, ‘‘ कई मुद्दे हैं... सीएसएएम का मामला उठाया गया था, इसलिए इस संबंध में क्या कदम उठाए गए हैं, कृत्रिम रूप से तैयार की गई सामग्री को किस हद तक देखा जा रहा है। इसके अलावा, प्रमुख व्यक्तियों के सत्यापित खातों पर यदि कोई सामग्री हटानी हो तो उसके लिए पर्याप्त सुरक्षा उपाय होने चाहिए... ये सभी मुद्दे उठाए जाएंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम उनसे (मेटा से) यह समझना चाहेंगे कि इनमें से कुछ चीजें अपेक्षित तरीके से क्यों काम नहीं कर रही हैं और इसमें क्या चुनौतियां हैं।’’ कृष्णन ने कहा कि दुनिया की अग्रणी प्रौद्योगिकी कंपनियों में शामिल मेटा के पास इन समस्याओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए प्रौद्योगिकी क्षमता होनी चाहिए।
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