भारत और US Trade Deal के बड़े मुद्दों पर बनी सहमति, अंतिम रूप देने के करीब पहुंचे दोनों देश
भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत तेजी से आगे बढ़ रही है और इसके ‘बड़े मुद्दों’ पर सहमति बन चुकी है। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों देश समझौते को अंतिम रूप देने में सफल होंगे।
यहां ‘ब्लूमबर्ग न्यू इकॉनमी फोरम’ में संवाद सत्र के दौरान गोर ने प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की प्रगति को लेकर विदेश मंत्री एस. जयशंकर के आकलन से भी सहमति जताई। उन्होंने कहा, ‘‘हम इसे अंतिम रूप देने के बहुत करीब है।’’ बातचीत की स्थिति के बारे में पूछे जाने पर गोर ने कहा, “मैं इस चरण में बहुत अधिक विवरण में नहीं जाना चाहूंगा और मंत्रियों को इसकी घोषणा करने देना चाहूंगा। लेकिन व्यापक रूप से देखें तो बड़े मुद्दों पर सहमति बन चुकी है।” उन्होंने कहा, “हम सक्रिय रूप से बातचीत कर रहे हैं।
यहां आने के तीन सप्ताह के भीतर हमने एक व्यापार समझौते की घोषणा की थी। यूरोपीय संघ के साथ व्यापार समझौते में करीब 20 साल लग गए। इसलिए हम अविश्वसनीय गति से आगे बढ़ रहे हैं और मुझे विश्वास है कि हम इसे पूरा कर लेंगे।” भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच करीब 20 साल की बातचीत के बाद जनवरी में मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को अंतिम रूप दिया गया था।
गोर ने कहा, “हम डेढ़ साल से इस पर काम कर रहे हैं। हमारी प्रगति की गति असाधारण है, मैं कहूंगा कि यह लगभग अभूतपूर्व है। इसलिए मुझे विश्वास है कि हम इस समझौते को पूरा कर लेंगे।” जयशंकर ने फोरम के पहले के सत्र में कहा था कि प्रस्तावित समझौते को लेकर दोनों पक्ष मतभेद दूर करने के लिए बातचीत कर रहे हैं और यह प्रक्रिया समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में बढ़ रही है।
उन्होंने यह भी कहा था कि द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी के मूल आधार में कोई बदलाव नहीं आया है। गोर ने कहा, “हम लक्ष्य के करीब पहुंच रहे हैं। मुझे विश्वास है कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता होगा।
जैसा कि जयशंकर ने इसी मंच पर कहा, हम इसे अंतिम रूप देने के बहुत करीब हैं।”
Wipro का Q2 Net Profit 1.4 प्रतिशत घटकर 3201 करोड़ रुपये रहा, Revenue में बढ़त
देश की प्रमुख आईटी कंपनियों में शामिल विप्रो के वित्तीय नतीजे मिले-जुले रहे हैं। वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 1.4% घटकर 3,201 करोड़ रुपये रह गया। वहीं, पहली तिमाही के मुकाबले मुनाफे में 4.7% की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, कंपनी की कुल आय में सालाना आधार पर बढ़ोतरी हुई है।
विप्रो ने गुरुवार को जारी नतीजों में बताया कि जुलाई से सितंबर 2026 की अवधि में उसकी कुल आय 9.1% बढ़कर 24,752.7 करोड़ रुपये पहुंच गई। हालांकि, तिमाही आधार पर आय में 1.1% की कमी आई है। कंपनी के आईटी सेवा कारोबार से होने वाली आय सालाना आधार पर 0.3% बढ़कर 2,611.5 मिलियन डॉलर रही। स्थिर मुद्रा के आधार पर इस कारोबार की आय में सालाना 0.6% की बढ़ोतरी हुई, जबकि पिछली तिमाही के मुकाबले यह लगभग स्थिर रही।
कंपनी के नए कारोबार से जुड़े आंकड़ों में कमजोरी दिखाई दी। दूसरी तिमाही में कुल नए सौदों का मूल्य 2,595 मिलियन डॉलर रहा, जो पिछली तिमाही के मुकाबले स्थिर मुद्रा के आधार पर 22.9% कम है। बड़े सौदों का मूल्य भी 58.6% गिरकर 674 मिलियन डॉलर रह गया। ये आंकड़े बताते हैं कि कंपनी को नए कारोबार हासिल करने के मामले में चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं, सूचना प्रौद्योगिकी सेवा कारोबार का परिचालन लाभ मार्जिन 16.5% रहा। यह पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 0.2 प्रतिशत अंक कम है, लेकिन पिछली तिमाही से 0.5 प्रतिशत अंक बेहतर रहा। प्रति शेयर आय सालाना आधार पर 4.2% बढ़कर 3.23 रुपये हो गई। तिमाही आधार पर इसमें 0.9% की बढ़त दर्ज की गई।
कंपनी के नकदी प्रवाह में अच्छी मजबूती दिखाई दी। दूसरी तिमाही में परिचालन से 5,300 करोड़ रुपये की नकदी आई, जो पिछली तिमाही के मुकाबले 61.3% अधिक है। यह तिमाही के शुद्ध मुनाफे का 165.8% रही। वहीं, पिछले 12 महीनों के आधार पर स्वेच्छा से नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारियों की दर 13.8% दर्ज की गई।
विप्रो के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक श्रीनी पल्लिया ने कहा कि कंपनी के रणनीतिक निवेशों से नए बाजारों में पहुंच बनाने, नए ग्राहक जोड़ने और मौजूदा ग्राहकों के साथ कारोबार बढ़ाने में मदद मिल रही है। उनके मुताबिक, परामर्श सेवाओं और कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर आधारित रणनीति से बड़े बदलाव वाले नए काम मिलने की संभावनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता को आने वाले समय में तकनीकी और कारोबारी बदलाव का अहम आधार बताया।
मुख्य वित्त अधिकारी अपर्णा अय्यर ने कहा कि कारोबार और कर्मचारियों में निवेश जारी रहने के बावजूद कंपनी ने अपना परिचालन लाभ मार्जिन बढ़ाकर 16.5% किया है। उन्होंने नकदी प्रवाह को भी मजबूत बताया।
वित्त वर्ष 2026-27 की तीसरी तिमाही के लिए कंपनी ने आईटी सेवा कारोबार से 2,571 मिलियन डॉलर से 2,625 मिलियन डॉलर तक की आय का अनुमान दिया है। यह स्थिर मुद्रा के आधार पर पिछली तिमाही के मुकाबले 1.5% की गिरावट से लेकर 0.5% की बढ़त तक हो सकता है।
शेयर बाजार में गुरुवार को विप्रो का शेयर 1.82% बढ़कर 174.05 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, साल की शुरुआत से अब तक इसमें करीब 35% की गिरावट आ चुकी है। मौजूदा भाव पर कंपनी का कुल बाजार मूल्य करीब 1,72,402 करोड़ रुपये है। निवेशकों की नजर अब कंपनी की आय, नए सौदों और एआई से मिलने वाले कारोबार पर टिकी है।
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