West Bengal में 58000 Durga Puja का आयोजन, Belur Math जाएंगे HM Amit Shah, CM ने की ये खास अपील
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने दुर्गा पूजा आयोजकों से 'सनातन' परंपराओं का पालन करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार उन लोगों का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है जो धार्मिक रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक विरासत को बनाए रखते हैं। बुधवार को दक्षिण कोलकाता के बेहाला में एक प्रमुख दुर्गा पूजा का उद्घाटन करते हुए, उन्होंने बताया कि इस साल पश्चिम बंगाल में 58,000 दुर्गा पूजाएं आयोजित की जा रही हैं, जो पिछले साल की तुलना में 13,000 अधिक हैं।
इसे भी पढ़ें: Bengaluru Police कमिश्नर दफ्तर पहुंचे HD Kumaraswamy, Priyank Kharge पर साधा सीधा निशाना
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उन पूजा आयोजकों का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है जो धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन करते हैं और पश्चिम बंगाल की सांस्कृतिक विरासत को बनाए रखते हैं। देवी की पूजा करते समय भक्तों को शास्त्रों का पालन करना चाहिए। 'सनातन' परंपराओं पर कायम रहें। त्योहार को बढ़ावा देने के लिए अपनी सरकार के प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए, अधिकारी ने कहा कि पिछली सरकार दशमी के बाद रेड रोड पर दुर्गा पूजा कार्निवल आयोजित करती थी, लेकिन हमने उससे अलग हटकर महालया के दिन ईडन गार्डन्स में देवी का आह्वान करने के लिए एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया।
बाद में, उन्होंने 'जय श्री राम' और 'जय माँ दुर्गा' के नारों के बीच न्यू अलीपुर में सुरुचि संघ दुर्गा पूजा का उद्घाटन भी किया। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस सप्ताह दुर्गा पूजा के दौरान पश्चिम बंगाल का दौरा करेंगे। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राज्य इकाई के सूत्रों ने यह जानकारी दी। भाजपा के सूत्रों के अनुसार, शाह के कार्यक्रम में बेलूर मठ और कोलकाता के ऐतिहासिक शोभाबाजार राजबाड़ी सहित कुछ प्रमुख दुर्गा पूजा पंडालों का दौरा शामिल है। शाह 17 अक्टूबर को रात करीब आठ बजकर 10 मिनट पर अहमदाबाद से कोलकाता पहुंचेंगे।
इसे भी पढ़ें: Siddaramaiah के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट पर Bengaluru Police की कार्रवाई, दो हिरासत में
इस साल सप्तमी दो दिन है और 17 अक्टूबर उनमें से पहला दिन है। वह अलीपुर स्थित सौजन्य अतिथि गृह जाएंगे, जहां रात में ठहरेंगे। अगले दिन 18 अक्टूबर को शाह बेलूर मठ जाएंगे, जो रामकृष्ण मठ और मिशन का मुख्यालय है। वहां वह करीब 30 मिनट बिताएंगे और मठ में विशेष रूप से मनाई जाने वाली दुर्गा पूजा में शामिल होंगे। बेलूर मठ में दुर्गा पूजा का आयोजन गहरी आध्यात्मिक श्रद्धा के साथ किया जाता है। यहां मानव रूप में ईश्वर की पूजा पर जोर दिया जाता है। इस परंपरा की शुरुआत 20वीं सदी की शुरुआत में स्वामी विवेकानंद ने की थी। बेलूर मठ से केंद्रीय गृह मंत्री के बाली इलाके में स्थित देशबंधु क्लब जाने की संभावना है, जहां वह दुर्गा पूजा पंडाल का दौरा करेंगे। इसके बाद वह ‘‘सौजन्य’’ अतिथि गृह लौटेंगे।
CEC Gyanesh Kumar का इस्तीफा मांगा, INDIA Bloc ने Chennai में किया प्रदर्शन
तमिलनाडु में सत्तारूढ़ टीवीके, उसकी प्रमुख सहयोगी कांग्रेस और ‘इंडिया’ गठबंधन के अन्य घटक दलों ने ‘लोकतंत्र की हत्या’ के लिये मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को चेन्नई में प्रदर्शन शुरू किया। टीवीके, उसकी प्रमुख सहयोगी कांग्रेस और विदुथलाई चिरुथाइगल काची (वीसीके) समेत ‘इंडिया’ गठबंधन के अन्य घटक दलों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदर्शन में भाग लिया। वीसीके के संस्थापक थोल थिरुमावलवन ने एसआईआर को द्रमुक की चुनावी हार के लिए जिम्मेदार ठहराया।
वह अप्रैल में हुए चुनावों के बाद द्रमुक के नेतृत्व वाले गठबंधन से अलग होकर टीवीके सरकार का समर्थन करने लगे थे। उन्होंने कहा, ‘‘द्रमुक को लक्षित तरीके से मतदाताओं के नाम हटाने और चुनावी हेरफेर की एक सुनियोजित प्रक्रिया के जरिये हराया गया।’’ उन्होंने संकेत दिया कि तत्कालीन सत्तारूढ़ दल को चुनाव में नुकसान पहुंचाने के लिए खास लोगों को निशाना बनाया गया था। बृहस्पतिवार को हुए प्रदर्शन का नेतृत्व तमिलनाडु कांग्रेस प्रमुख बी मणिकम टैगोर ने किया।
इसमें टीवीके की ओर से स्कूल शिक्षा मंत्री ए राजमोहन ने प्रतिनिधित्व किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ‘इंडिया’ गठबंधन के कार्यकर्ता जुटे। उन्होंने अपनी-अपनी पार्टियों के झंडे लहराए और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर सीईसी के तत्काल इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाए।
प्रदर्शन में विभिन्न वक्ताओं ने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया के तहत लाखों मतदाताओं, विशेषकर मुस्लिमों, आदिवासी समूहों और वंचित समुदायों के लोगों के नाम व्यवस्थित तरीके से मतदाता सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि अकेले तमिलनाडु में 97 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से काटे गए हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया से संविधान कमजोर होता है और यह ‘‘लोकतंत्र का संहार’’ है।
वक्ताओं ने आशंका जताई कि चुनावी प्रक्रिया में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पक्ष में हेरफेर किया जा रहा है। उन्होंने पारदर्शिता सुनिश्चित करने और अनुचित तरीके से हटाए गए मतदाताओं के नाम तत्काल बहाल करने की मांग की। स्कूल शिक्षा मंत्री राजमोहन ने मतदाता सूची के एसआईआर के खिलाफ अपनी पार्टी के लंबे समय से चले आ रहे रुख और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दोहराया।
वीसीके सांसद थिरुमावलवन ने कहा कि अप्रैल 2026 के विधानसभा चुनाव में द्रमुक की हार ‘‘स्वाभाविक हार नहीं थी।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाकर राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग ने मिलकर ‘‘वोटों की चोरी’’ की और ‘‘साजिश’’ रची। प्रदर्शन में शामिल थिरुमावलवन ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘‘वोटों की सुनियोजित चोरी हुई और सत्तारूढ़ सरकार तथा निर्वाचन आयोग ने राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए मतदाताओं के नाम सूची से हटाने की साजिश रची।
मतदाताओं के नाम अनुपस्थित, स्थानांतरित, दूसरी जगह दर्ज या दोहरी प्रविष्टि जैसी श्रेणियों के तहत हटाए जा रहे हैं।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के एसआईआर का दुरुपयोग कर विपक्षी समर्थकों, अल्पसंख्यक समुदायों और वंचित समूहों को उनके मतदान के अधिकार से वंचित करने की कोशिश की जा रही है। प्रदर्शन में एमडीएमके के संस्थापक वाइको और माकपा तथा भाकपा के प्रदेश सचिव पी शनमुगम और एम वीरापांडियन सहित अन्य नेता भी शामिल हुए।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi










