नई सीपीआई सीरीज में महंगाई दर 4 प्रतिशत से नीचे रहने की उम्मीद, दिखाएगी खर्च पैटर्न की स्पष्ट तस्वीर: रिपोर्ट
नई दिल्ली, 13 फरवरी (आईएएनएस)। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) की नई सीरीज में भी महंगाई दर 4 प्रतिशत के लक्ष्य से नीचे रहने की उम्मीद है। यह नई सीरीज भारत में लोगों के बदलते खर्च के तरीके को बेहतर ढंग से दिखाएगी और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार नीति बनाने में मदद करेगी। शुक्रवार को जारी बैंक ऑफ बड़ौदा की रिपोर्ट में यह बात कही गई है।
बीओबी की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि मुख्य महंगाई (कोर इंफ्लेशन) पर नजर रखना जरूरी है, क्योंकि सोना-चांदी जैसी कीमती धातुओं की कीमतों में बढ़ोतरी का खतरा बना रहता है। हालांकि, नई सीरीज में अलग-अलग चीजों का संतुलित महत्व (वेटेज) रखा गया है, जिससे महंगाई 4+/-2 प्रतिशत के दायरे में रहने की उम्मीद है।
बैंक ने कहा कि नई सीरीज से महंगाई का मुख्य आंकड़ा ज्यादा सही और आधुनिक होगा, जो मौद्रिक नीति (ब्याज दर जैसे फैसले) के लिए महत्वपूर्ण है। नई सीरीज में खाने-पीने की चीजों के मौसमी उतार-चढ़ाव को बेहतर तरीके से शामिल किया गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि आगे चलकर सरकार के आपूर्ति से जुड़े कदम खाद्य महंगाई को नियंत्रित रखने में मदद करेंगे। बैंक ऑफ बड़ौदा के जरूरी वस्तु सूचकांक (ईसीआई) के अनुसार, फरवरी 2026 के पहले 11 दिनों में जरूरी चीजों की कीमतों में सालाना आधार पर 0.4 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। केवल कुछ खाद्य तेल और दालों को छोड़कर बाकी खाद्य पदार्थों की कीमतें अभी नियंत्रण में हैं।
नई सीरीज में पहले की तुलना में खाद्य महंगाई में बदलाव देखा गया है। पुरानी सीरीज में पिछले सात महीनों से खाद्य महंगाई घट रही थी, लेकिन नई सीरीज में इसमें हल्की बढ़ोतरी दिखी है। बैंक ने इस बदलाव का कारण सीपीआई की सबसे अस्थिर टोकरी, यानी टमाटर, प्याज और आलू जैसी सब्जियों के भार में कमी को बताया है।
नई सीरीज में वस्तुओं की संख्या 299 से बढ़ाकर 358 कर दी गई है। इसमें 1,465 ग्रामीण और 1,395 शहरी बाजारों के साथ 12 ऑनलाइन बाजारों को भी शामिल किया गया है, और सीपीआई बास्केट में खाद्य पदार्थों का भार 45.8 प्रतिशत से घटाकर 40.1 प्रतिशत कर दिया गया है।
वहीं ग्रामीण आवास, ऑनलाइन मीडिया और स्ट्रीमिंग सेवाएं, मूल्यवर्धित डेयरी उत्पाद, जौ, पेनड्राइव और एक्सटर्नल हार्ड डिस्क जैसी चीजें जोड़ी गई हैं। वहीं रेडियो, टेप रिकॉर्डर, डीवीडी प्लेयर और पुराने कपड़े जैसी पुरानी चीजें हटा दी गई हैं।
--आईएएनएस
डीबीपी/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
पीएम मोदी ने तारिक रहमान को चुनाव में जीत की दी बधाई, भारत-बांग्लादेश की खुशहाली की जताई प्रतिबद्धता
नई दिल्ली, 13 फरवरी (आईएएनएस)। बांग्लादेश में 13वें संसदीय चुनाव के सामने आए परिणामों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की बड़ी जीत हुई है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पहले बीएनपी और पार्टी अध्यक्ष तारिक रहमान को बधाई दी। बाद में पीएम मोदी ने तारिक से फोन पर भी बातचीत की और जीत की बधाई दी।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए पीएम मोदी ने लिखा, तारिक रहमान से बात करके बहुत खुशी हुई। मैंने उन्हें बांग्लादेश चुनाव में शानदार जीत के लिए बधाई दी। मैंने बांग्लादेश के लोगों की उम्मीदों को पूरा करने की उनकी कोशिश के लिए अपनी शुभकामनाएं और समर्थन दिया।
पीएम मोदी ने आगे कहा, दो करीबी पड़ोसियों के तौर पर, जिनके ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध बहुत गहरे हैं, मैंने दोनों देशों के लोगों की शांति, तरक्की और खुशहाली के लिए भारत के लगातार प्रतिबद्धता को फिर से सुनिश्चित किया।
इससे पहले भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बीएनपी प्रमुख को बधाई दी। एक्स पोस्ट में पीएम मोदी ने कहा, मैं बांग्लादेश में संसदीय चुनावों में बीएनपी को बड़ी जीत दिलाने के लिए तारिक रहमान को दिल से बधाई देता हूं। यह जीत बांग्लादेश के लोगों का आपके लीडरशिप पर भरोसा दिखाती है। भारत एक डेमोक्रेटिक, प्रोग्रेसिव और सबको साथ लेकर चलने वाले बांग्लादेश के सपोर्ट में खड़ा रहेगा। मैं हमारे कई तरह के रिश्तों को मजबूत करने और हमारे साझा विकास के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए आपके साथ काम करने का इंतजार कर रहा हूं।
दरअसल, जिस तरह से प्रो. मोहम्मद यूनुस के कार्यकाल में पाकिस्तान के साथ दोस्ती गहरी हुई है, बीएनपी की सरकार के आने से इसमें कुछ बदलाव देखने को जरूर मिलेगा। बीएनपी भारत के साथ अपने राजनयिक और कूटनीतिक संबंध बेहतर करने का प्रयास करेगी। इसकी वापसी से दोनों देशों के बीच सीमा, अवैध आव्रजन और जल बंटवारे (जैसे तीस्ता) जैसे मुद्दे फिर प्रमुख बन सकते हैं।
इससे पहले पूर्व पीएम शेख हसीना के कार्यकाल में दोनों देशों के संबंध काफी अच्छे थे। हालांकि, अवामी लीग से पूर्व जब खालिदा जिया के नेतृत्व में बीएनपी का शासन था, तब भारत और बांग्लादेश के बीच कड़वाहट देखने को मिली थी। लेकिन, तारिक रहमान के हाथ में सत्ता की कमान होने के बाद इसमें थोड़ा बदलाव आने की संभावना है।
बांग्लादेशी मीडिया द डेली स्टार के अनुसार, 299 में से 297 सीटों पर वोटों की गिनती हो चुकी है। 212 सीटों पर बीएनपी और उसके गठबंधन ने जीत दर्ज की है। इसके अलावा जमात-ए-इस्लामी पार्टी ने 77 सीटों पर, इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश ने एक और अन्य ने सात सीटों पर जीत दर्ज की है।
--आईएएनएस
केके/एबीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation


















