योगी सरकार का बड़ा फैसला, दिवाली से पहले चमकेंगी इस शहर की 500 सड़कें
UP News: योगी सरकार मानसून के मौसम के बाद राज्य के सभी शहरों की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने की कोशिश कर रही है. इस बीच योगी सरकार ने कानपुर को लेकर भी बड़ा फैसला लिया है. दरअसल, मानसून के दौरान हुई भारी बारिश ने कानपुर की सड़कों की हालत बिगाड़ दी थी. शहर के कई इलाकों में जलभराव के साथ सड़कें उखड़ गईं और जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए. खराब सड़कों को लेकर आम लोगों की नाराजगी सोशल मीडिया पर भी दिखाई दी. मामला सुर्खियों में आने और नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल उठने के बाद अब शहर की सड़कों की मरम्मत और नए निर्माण का काम तेज कर दिया गया है.
नगर निगम के अलग-अलग जोन से मिली जानकारी के मुताबिक, करीब 500 सड़कों को दुरुस्त करने की जरूरत सामने आई है. इनमें कुछ सड़कों का नए सिरे से निर्माण कराया जा रहा है, जबकि कई जगहों पर पैचवर्क के जरिए मरम्मत की जाएगी. अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि काम में तेजी लाते हुए गुणवत्ता का भी विशेष ध्यान रखा जाए.
'सड़क पर गड्ढे या गड्ढों में सड़क', सोशल मीडिया पर उठा था मुद्दा
बारिश के दिनों में कानपुर की बदहाल सड़कों का मुद्दा राजनीतिक और सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा बन गया था. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता इमरान प्रतापगढ़ी सहित कई वीआईपी लोगों ने शहर का दौरा करने के दौरान सड़क की स्थिति पर सवाल उठाए थे. सोशल मीडिया पर यह टिप्पणी भी चर्चा में रही कि यहां सड़क पर गड्ढे हैं या गड्ढों के बीच सड़क तलाशनी पड़ रही है.
लगातार मिल रही शिकायतों के बाद नगर निगम ने विभिन्न क्षेत्रों की सड़कों की स्थिति का आकलन कराया. जोनल अधिकारियों की ओर से सौंपी गई सूची में लगभग 500 सड़कें शामिल की गईं. अब इन सड़कों पर मरम्मत और निर्माण का काम अलग-अलग चरणों में किया जा रहा है.
रात में औचक निरीक्षण, निर्माण की गुणवत्ता पर नजर
सड़क निर्माण में लापरवाही रोकने के लिए जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर और नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय देर रात तक निरीक्षण कर रहे हैं. पिछले एक सप्ताह से दोनों अधिकारी अलग-अलग जोन में पहुंचकर निर्माण कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता का जायजा ले रहे हैं.
नगर निगम प्रशासन के मुताबिक, मुख्यमंत्री ग्रिड (सीएम ग्रिड) योजना के तहत चिह्नित सड़कों पर भी काम में तेजी लाई गई है. लक्ष्य है कि अक्टूबर के अंत तक कई प्रमुख सड़कों का निर्माण पूरा कर लिया जाए. वहीं, भाजपा सांसद रमेश अवस्थी ने भी खराब सड़कों को लेकर अधिकारियों के सामने नाराजगी जताई थी. इसके बाद उन्होंने रात में मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्यों की स्थिति देखी.
सांसद का कहना है कि दीपावली तक शहर की ज्यादातर सड़कों को बेहतर स्थिति में लाने का प्रयास किया जा रहा है.
बारिश से इन इलाकों की सड़कें हुई थीं खराब
मानसून के दौरान शहर के कई प्रमुख आवासीय और व्यावसायिक इलाकों में सड़कों को नुकसान पहुंचा था. इनमें शास्त्री नगर, पांडु नगर, रायपुरवा, गोविंद नगर, कल्याणपुर, काकादेव, सिविल लाइंस, नवाबगंज, परेड, किदवई नगर, नौबस्ता, बर्रा, जूही, दबौली, श्याम नगर और स्वरूप नगर जैसे क्षेत्र शामिल हैं.
इसके अलावा सेंट्रल पार्क चौराहा और अफीमकोठी चौराहे सहित कई अन्य स्थानों पर भी सड़कें खराब हुई थीं. नगर निगम के सभी छह जोन में अब मरम्मत और निर्माण से जुड़े काम चल रहे हैं.
सीएम ग्रिड योजना के तहत इन प्रमुख मार्गों पर काम
कानपुर में सीएम ग्रिड योजना के अंतर्गत कई महत्वपूर्ण मार्गों को विकसित किया जा रहा है. इनमें प्रमुख रूप से ये सड़कें शामिल हैं:
बगिया क्रॉसिंग से केसा कार्यालय तक: जोन-6 में निर्माण कार्य.
घंटाघर से ग्रीन पार्क तक: जोन-1 में घंटाघर चौराहे से परेड होते हुए ग्रीन पार्क तक सड़क का विकास.
बर्रा बाईपास से हमीरपुर मार्ग तक: कर्रही रोड और रामबाग तिराहे के रास्ते मुख्य मार्ग तक काम.
एनएच-19 से हमीरपुर रोड तक: जोन-2 में राजाराम चौराहे और नमक फैक्ट्री चौराहे के सामने से गुजरने वाला मार्ग.
बाबा कुटी से अलंकार गेस्ट हाउस तक: सोटे वाला बाबा के रास्ते सड़क विकास.
लाल बंगला रोड से जेके फर्स्ट चौराहे तक: वीआईपी रोड और पैसिफिक लॉन के रास्ते निर्माण कार्य.
स्वरूप नगर में मटका तिराहे से कंपनी बाग चौराहे तक: कमिश्नर आवास चौराहे के रास्ते समेकित विकास.
दीप सिनेमा तिराहे से एच ब्लॉक तक: सोटे वाला बाबा मंदिर के रास्ते विकास कार्य.
नौबस्ता बंबा से कर्रही रोड तक: सड़क निर्माण.
गुरुदेव सिनेमा चौराहे से चिड़ियाघर चौराहे तक: मार्ग के विकास का काम.
इन क्षेत्रों में भी बनाई जा रही हैं सड़कें
सीएम ग्रिड योजना के अलावा शहर के कई अन्य इलाकों में भी सड़क निर्माण और मरम्मत का काम कराया जा रहा है. इनमें रावतपुर, विजय नगर, आवास विकास, गुमटी नंबर-5, कोकाकोला चौराहा, मरियमपुर चौराहा, लाजपत नगर, लाल बंगला, पी रोड, मूलगंज चौराहा, फजलगंज, पनकी, अर्मापुर, गुजैनी और बर्रा सहित कई क्षेत्र शामिल हैं.
दीपावली तक कितनी बदल पाएगी शहर की तस्वीर?
नगर निगम प्रशासन का जोर फिलहाल निर्माण कार्यों को समय पर पूरा करने और सड़कों की गुणवत्ता बनाए रखने पर है. अधिकारियों के निरीक्षण और लगातार मिल रही शिकायतों के बीच यह देखना अहम होगा कि तय समयसीमा तक कितनी सड़कें तैयार हो पाती हैं.
शहरवासियों को उम्मीद है कि नई सड़कों और बेहतर मरम्मत से बारिश के बाद पैदा हुई परेशानियों से राहत मिलेगी. हालांकि, निर्माण कार्य पूरा होने के साथ यह भी जरूरी होगा कि सड़कों की गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहे और अगली बारिश में फिर वही स्थिति पैदा न हो.
विद्या बालन के साथ होटल में गंदी हरकत करना चाहता था डायरेक्टर, चालाकी से बच निकलीं एक्ट्रेस
Vidya Balan on Casting Couch: बॉलीवुड एक्ट्रेस विद्या बालन ने अपनी एक्टिंग से लोगों के दिलों पर खास जगह बनाई है. इन दिनों एक्ट्रेस रजनीकांत की फिल्म जेलर 2 (Jailer 2) को लेकर चर्चा में हैं, जो 15 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है. इस बीच विद्या ने हाल ही में बताया कि वो अपने करियर में कास्टिंग काउच का शिकार होने से बाल-बाल बची थी. तो चलिए जानते हैं,. एक्ट्रेस के साथ क्या हुआ था और वो कैसे इससे बाहर निकलीं.
विद्या बालन ने क्या कहा?
हाल ही में विद्या बालन ने ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे को इंटरव्यू दिया. इस दौरान एक्ट्रेस ने खुलासा किया कि वो कभी भी कास्टिंग काउच का शिकार नहीं हुई. उन्होंने कहा- 'मैंने कभी भी कास्टिंग काउच का सामना नहीं किया है. मैं बहुत भाग्यशाली रही हूं. मैंने कास्टिंग काउच की बहुत कहानियां सुनी हैं और ये मेरे पेरेंट्स का सबसे बड़ा डर था. लेकिन मेरे साथ एक घटना घटी. मुझे याद है एक फिल्म के सिलसिले में मुझे डायरेक्टर से मिलना था. मैं उस वक्त एक एड फिल्म की शूटिंग के लिए चेन्नई जा रही थी.'
'गंदी हरकर करना चाहता था डायरेक्टर'
विद्या बालव ने बताया कि एक डायरेक्टर उनसे बातचीत के लिए होटल के कमरे में मिलना चाहता था. एक्ट्रेस ने कहा- 'एक दिन मुझे याद है कि मैं चेन्नई में थी और एक डायरेक्टर मुझसे मिलने आए. मैंने उन्हें कहा कि चलो कॉफी शॉप में बैठते हैं. तो वो जिद्द करने लगा कि वो मुझसे बात करना चाहता है और हमें कमरे में चलना चाहिए. मुझे समझ नहीं आया, क्योंकि मैं अकेली थी. लेकिन मैंने समझदारी से काम लिया.'
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चालाकी से बच निकलीं एक्ट्रेस
विद्या बालन ने इस दौरान ये भी बताया कि वो उस डायरेक्टर का शिकार होने से बच गई थी. उन्होंने चालाकी से खुद को संभाला. एक्ट्रेस ने कहा- ' जब हम होटल के कमरे में गए तो मैंने दरवाजा खुला छोड़ दिया और उसे पता था कि उसके पास एक ही ऑप्शन है कि कमरे से बाहर निकलने का. फिर वो पांच मिनट के अंदर चला गया. इसलिए मैं सच में ये नहीं मानती कि मैंने कास्टिंग काउच एक्सपीरियंस किया. आज भी जब मैं इस बारे में बात कर रही हूं तो ये घटना मेरे मन में आ गई.' इसके बाद विद्या ने हंसते हुए बताया कि उन्हें उस फिल्म से बाहर कर दिया गया था.
विद्या बालन का वर्कफ्रंट
विद्या बालन के वर्कफ्रंट की बात करे तो उन्होंने अपने करियर की शुरुआत टीवी शो 'हम पांच' से की थी. फिर बंगाली फिल्म 'भालो थेको' से फिल्मों में कदम रखा. साल 2005 में आई फिल्म 'परिणीता' से उन्होंने बॉलीवुड में डेब्यू किया था. इसके बाद विद्या ने 'लगे रहो मुन्ना भाई', 'भूल भुलैया', 'पा', 'द डर्टी पिक्चर', 'कहानी' और 'तुम्हारी सुलु' जैसी फिल्मों में काम किया. उन्हें फिल्म 'द डर्टी पिक्चर' के लिए नेशनल फिल्म अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया. वहीं, अब एक्ट्रेस जेलर 2 में नजर आई है.
विद्या बालन की पर्सनल लाइफ
विद्या बालन की पर्सनल लाइफ की बात करें तो उन्होंने 14 दिसंबर 2012 को फिल्म प्रोड्यूसर सिद्धार्थ रॉय कपूर से शादी की थी. दोनों की पहली मुलाकात एक अवॉर्ड समारोह के दौरान हुई थी. धीरे-धीरे उनकी दोस्ती प्यार में बदल गई. विद्या ने एक इंटरव्यू में बताया था कि पहले वह शादी करने के बारे में ज्यादा नहीं सोचती थीं, लेकिन सिद्धार्थ से मिलने के बाद उनकी सोच बदल गई. दोनों अपनी निजी जिंदगी को लाइमलाइट से दूर रखना पसंद करते हैं. विद्या और सिद्धार्थ की जोड़ी बॉलीवुड की चर्चित जोड़ियों में शामिल है.
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