NEET-PG 2026 उत्तर कुंजी और प्रश्नों की पारदर्शिता पर Supreme Court का केंद्र को नोटिस
उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार से उस याचिका पर जवाब मांगा, जिसमें नीट-पीजी 2026 की उत्तर कुंजी और अभ्यर्थियों द्वारा दर्ज किए गए उत्तर उजागर करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता का अनुरोध किया गया है। न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ ने केंद्र सरकार, राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग और अन्य को नोटिस जारी किया, तथा याचिका को पहले से लंबित याचिकाओं के साथ जोड़ दिया। शीर्ष अदालत ‘डेमोक्रेटिक मेडिकल एसोसिएशन’ और अन्य लोगों द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी।
इस याचिका में अनुरोध किया गया था कि परीक्षा के वास्तविक प्रश्न और उनके विकल्प, अभ्यर्थियों द्वारा दिए गए उत्तर, और सही उत्तर उपलब्ध कराए जाएं। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि मौजूदा व्यवस्था में अभ्यर्थियों को स्वतंत्र रूप से यह जांचने की अनुमति नहीं है कि उनके उत्तरों का सही मूल्यांकन किया गया है या नहीं। राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा-स्नातकोत्तर (नीट-पीजी) 2026 का आयोजन 30 अगस्त को किया गया था।
जयपुर के एक केंद्र पर तकनीकी खामी का सामना करने वाले अभ्यर्थियों के लिए पांच सितंबर को पुन: परीक्षा कराई गई थी।
खेल नहीं अब करियर है, कराटे से नौकरी तक का मौका, युवाओं के लिए सुनहरा अवसर
Palamu News: पलामू जिले के कराटे कच सुमित वर्मन ने बताया कि ये आमतौर पर आत्मरक्षा का माध्यम माना जाता है. लेकिन इसका दायरा इससे कहीं अधिक है. कराटे के अभ्यास से शारीरिक फिटनेस, अनुशासन, एकाग्रता और आत्मविश्वास बढ़ता है. इसके साथ ही खिलाड़ी जिला, राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा साबित कर सकते है. प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन और पदक जीतने से खिलाड़ियों को पहचान मिलने के साथ आगे बढ़ने के अवसर भी मिलते है. कराटे के अलावा एथलेटिक्स, तैराकी और दूसरे खेलों में भी युवा अपना करियर बना सकते है.
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