भारत अगले 20-25 वर्षों तक दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहेगा: पीयूष गोयल
नई दिल्ली, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा कि भारत अगले 20-25 वर्षों तक दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहेगा। उन्होंने कहा कि आने वाले दशकों में वैश्विक विकास और प्रौद्योगिकी उन्नति को गति देने में भारत महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की स्थिति में है।
राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित एसआरसीसी शताब्दी सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि दुनिया के देश आज भारत के साथ जुड़ना चाहते हैं, क्योंकि वे इसकी युवा और महत्वाकांक्षी आबादी की क्षमता को पहचानते हैं।
उन्होंने कहा, आज दुनिया भारत के साथ जुड़ना चाहती है, क्योंकि वह समझती है कि आकांक्षाओं से भरा युवा भारत वैश्विक विकास का नेतृत्व करने जा रहा है। भारत प्रौद्योगिकी और वैश्विक व्यापार में प्रगति का प्रमुख इंजन बनने वाला है।
भारत की दीर्घकालिक विकास संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा कि देश को अपनी जनसांख्यिकीय बढ़त, विशाल उपभोक्ता बाजार और उद्यमशील ऊर्जा का लाभ मिलेगा, जिससे आने वाले दशकों तक विकास की गति बनी रहेगी।
उन्होंने कहा, हम अगले 20-25 वर्षों तक दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बने रहेंगे। हमारी जनसांख्यिकीय क्षमता, युवा आबादी और बड़े बाजार को देखते हुए हम यह तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे कि भविष्य की दुनिया किस दिशा में आगे बढ़ेगी।
गोयल ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में प्रगति देशवासियों के सामूहिक प्रयासों पर निर्भर करेगी। उन्होंने कहा कि आज चुनौतियों से भागने वाली मानसिकता को छोड़कर राष्ट्र निर्माण की जिम्मेदारी स्वीकार करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा, समाज का एक बड़ा वर्ग समस्याओं से बचने की कोशिश करता है। वे यह स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं कि हमारा भविष्य हमारे अपने हाथों में है। भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए हम सभी को योगदान देना होगा।
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने की महत्वाकांक्षा आधुनिक भारत की पहचान बन चुकी है और यही देश की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा के पीछे एक प्रमुख कारण भी है।
--आईएएनएस
डीबीपी
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सितंबर में यात्री वाहनों की थोक बिक्री 21.8% बढ़ी, 4.54 लाख यूनिट्स पर पहुंची
भारत में यात्री वाहनों की घरेलू थोक बिक्री में सितंबर में मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई। उद्योग संगठन सियाम के गुरुवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में यात्री वाहनों की थोक बिक्री सालाना आधार पर 21.8 प्रतिशत बढ़कर 4,54,574 यूनिट्स हो गई, जबकि पिछले साल इसी अवधि में बिक्री इससे कम थी।
सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) की ओर से बताया गया कि सितंबर में दोपहिया वाहनों की कुल बिक्री में 13.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 24.63 लाख यूनिट्स तक पहुंच गई, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 21.70 लाख यूनिट्स पर था। सितंबर में डीलरों को भेजे गए तिपहिया वाहनों की संख्या 16 प्रतिशत बढ़कर 98,162 यूनिट्स हो गई है, जबकि पिछले साल की इसी अवधि में यह आंकड़ा 84,635 यूनिट्स था।
कुल रिटेल बिक्री 3,33,634 यूनिट्स
इससे पहले जारी फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन्स (फाडा) के आंकड़ों से पता चला कि सितंबर में घरेलू इलेक्ट्रिक वाहन बाजार ने अब तक का सबसे ऊंची मासिक हासिल की है। इस दौरान कुल रिटेल बिक्री 3,33,634 यूनिट्स तक पहुंच गई, जो साल-दर-साल आधार पर 74 प्रतिशत की अधिक है।
इलेक्ट्रिक दोपहिया रिटेल बिक्री अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर
सेगमेंट के हिसाब से देखें तो, इलेक्ट्रिक दोपहिया (ई2डब्ल्यू) की रिटेल बिक्री अब तक के सबसे ऊंचे स्तर 2,07,314 यूनिट्स पर पहुंच गई, जो पिछले साल की तुलना में 88.67 प्रतिशत और अगस्त की तुलना में 13.16 प्रतिशत अधिक है। बाजार में इलेक्ट्रिक दोपहिया की हिस्सेदारी बढ़कर 11.6 प्रतिशत हो गई है, जो कि एक साल पहले 8.2 प्रतिशत थी।
सितंबर में इलेक्ट्रिक पैसेंजर वाहनों (ईपीवी) की रिटेल बिक्री 36,108 यूनिट्स के नए उच्च स्तर पर पहुंच गई। इसमें पिछले साल के मुकाबले 94.56 प्रतिशत और पिछले महीने के मुकाबले 17.63 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। बाजार में इनकी हिस्सेदारी पिछले साल के 5.7 प्रतिशत से बढ़कर 8.5 प्रतिशत हो गई है।
(DISCLAIMER: खबर IANS न्यूज फीड से ली गई है. न्यूजनेशन खबर में किए गए किसी भी डेटा और फैक्ट्स की पुष्टि नहीं करता है.)
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