एमएसएमई क्षेत्र को बड़ा बढ़ावा: 6.7 लाख से ज्यादा उद्यमों को जेडईडी सर्टिफिकेशन, महिला उद्यमियों को 100 प्रतिशत सब्सिडी
नई दिल्ली, 4 अगस्त (आईएएनएस)। मंगलवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) की सस्टेनेबल जीरो डिफेक्ट जीरो इफेक्ट (जेडईडी) सर्टिफिकेशन योजना के तहत अब तक करीब 9.49 लाख एमएसएमई पंजीकृत हो चुके हैं। केंद्र सरकार महिला उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए महिलाओं के स्वामित्व वाले एमएसएमई को जेडईडी सर्टिफिकेशन पर 100 प्रतिशत सब्सिडी भी दे रही है।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि इस योजना के तहत उद्यमों को गुणवत्ता-आधारित और पर्यावरण-अनुकूल विनिर्माण प्रक्रियाएं अपनाने में मदद देने के लिए अब तक 913 करोड़ रुपए से अधिक की वित्तीय सहायता प्रदान की जा चुकी है।
एमएसएमई मंत्रालय का कहना है कि जेडईडी योजना का उद्देश्य छोटे और मध्यम उद्योगों को बेहतर उत्पादन प्रक्रियाएं अपनाने, गुणवत्ता मानकों में सुधार करने और पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करने के लिए प्रोत्साहित करना है। इससे भारतीय एमएसएमई घरेलू और वैश्विक बाजारों में अपनी प्रतिस्पर्धात्मकता मजबूत कर सकते हैं।
जीरो डिफेक्ट जीरो इफेक्ट (जेडईडी) पहल के तहत उद्योगों को उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद बनाने के साथ-साथ पर्यावरणीय प्रभाव को न्यूनतम रखने के लिए प्रेरित किया जाता है। इसके जरिए उद्यमों को तकनीक, सिस्टम और उत्पादन प्रक्रियाओं में लगातार सुधार करने में मदद मिलती है।
योजना के तहत पंजीकृत उद्यमों में से 6.67 लाख एमएसएमई को ब्रॉन्ज, 6,700 को सिल्वर और 4,800 को गोल्ड सर्टिफिकेशन दिया जा चुका है।
मंत्रालय के अनुसार, यह दर्शाता है कि बड़ी संख्या में छोटे उद्योग गुणवत्ता और पर्यावरणीय मानकों को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
बयान में आगे कहा गया है कि जेडईडी योजना का प्रभाव केवल सर्टिफिकेशन तक ही सीमित नहीं है। देश के 22 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने इसे अपनी औद्योगिक नीतियों का हिस्सा बनाया है और जेडईडी प्रमाणित एमएसएमई को अतिरिक्त प्रोत्साहन भी दिया जा रहा है। इसके साथ ही 19 वित्तीय संस्थान ऐसे उद्यमों को प्रोसेसिंग शुल्क और ब्याज दरों में रियायत जैसी सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं, जिससे उन्हें आसानी से वित्तीय सहायता मिल सके।
मंत्रालय ने कहा कि महिला उद्यमियों के लिए दी जा रही 100 प्रतिशत सब्सिडी सर्टिफिकेशन की लागत को पूरी तरह खत्म कर देती है। इससे अधिक से अधिक महिला उद्यमियों को इस पहल से जुड़ने और अपने कारोबार को गुणवत्ता मानकों के अनुरूप विकसित करने का अवसर मिल रहा है।
एमएसएमई मंत्रालय के अनुसार, जेडईडी योजना उद्योगों को उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद बनाने के साथ-साथ पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करने के लिए प्रेरित करती है। इसके तहत उद्यमों को तकनीक, प्रबंधन प्रणाली और विनिर्माण प्रक्रियाओं में लगातार सुधार करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, जिससे गुणवत्ता, उत्पादकता और स्थिरता को बढ़ावा मिलता है।
योजना में शामिल पात्र एमएसएमई को विभिन्न प्रकार की वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है, जिसके तहत परीक्षण, सिस्टम या उत्पाद सर्टिफिकेशन की लागत का 75 प्रतिशत तक (अधिकतम 50,000 रुपए) सहायता के रूप में दिया जाता है। वहीं, परामर्श और हैंडहोल्डिंग सहायता के लिए 2 लाख रुपए तक, जबकि प्रदूषण नियंत्रण उपायों, स्वच्छ तकनीकों और जीरो इफेक्ट समाधान अपनाने के लिए 3 लाख रुपए तक की सहायता प्रदान की जाती है।
--आईएएनएस
डीबीपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
Kal Ka Mausam: यूपी-बिहार सहित 15 राज्यों में झमाझम होगी बारिश, 75kmph रहेगी हवाओं की स्पीड; IMD का अलर्ट जारी
कल का मौसम, 05 अगस्त: देश भर में मानसून एक बार फिर पूरी तरह से सक्रिय हो चुका है. मौसम विभाग ने देश के 15 से अधिक राज्यों में आने वाले दिनों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. दक्षिण भारत में बारिश की रफ्तार थोड़ी कम पड़ सकती है, लेकिन तटीय और दक्षिणी कर्नाटक में भारी बारिश का असर बना रहेगा. वहीं पूर्वोत्तर भारत और मध्य भारत के इलाकों में बारिश का दौर काफी तेज होने वाला है. मौसम विभाग की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार इस दौरान 30 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं. तेज हवाओं और बारिश के कारण मैदानी इलाकों में लोगों को संभलकर रहने की सलाह दी गई है.
उत्तर प्रदेश और बिहार में मूसलाधार बारिश का अनुमान
उत्तर प्रदेश के निवासियों को आने वाले दिनों में भारी बारिश का सामना करना पड़ सकता है. मौसम विभाग के मुताबिक 3 से 8 अगस्त के दौरान राज्य के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. विशेष रूप से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 4 से 7 अगस्त के बीच व्यापक वर्षा की संभावना जताई गई है. दूसरी ओर बिहार में भी मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है. बिहार के ज्यादातर जिलों में 3 से 5 अगस्त के दौरान झमाझम बारिश हो सकती है. कुछ स्थानों पर 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चलेंगी. इस दौरान नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी और निचले इलाकों में पानी भरने की समस्या पैदा हो सकती है.
दिल्ली और पंजाब में ऐसा रहेगा मौसम का हाल
देश की राजधानी दिल्ली में बहुत ज्यादा भारी बारिश का कोई बड़ा अलर्ट तो नहीं है, लेकिन बादलों की आवाजाही लगातार बनी रहेगी. दिनभर हल्की बारिश की संभावना है जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से थोड़ी राहत मिलेगी. दिल्ली में अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 से 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान जताया गया है. उधर पंजाब की बात करें तो वहां भी मौसम का रुख नरम बना हुआ है. पंजाब में 3 से 6 अगस्त के बीच कई इलाकों में व्यापक वर्षा देखने को मिल सकती है. इसके बाद 7 और 8 अगस्त को हल्की से मध्यम स्तर की बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है.
पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और जलभराव की बड़ी आशंका
पहाड़ी राज्यों में हो रही लगातार बारिश के कारण स्थिति काफी संवेदनशील बनी हुई है. हिमाचल प्रदेश में पूरे हफ्ते रुक-रुक कर भारी बारिश होने का अनुमान है. मौसम विभाग ने चंबा, कांगड़ा, हमीरपुर, कुल्लू, शिमला, सिरमौर, सोलन और लाहौल-स्पीति जैसे जिलों के लोगों को विशेष रूप से सावधान रहने की हिदायत दी है. पहाड़ों पर भारी बारिश के चलते भूस्खलन यानी लैंडस्लाइड होने और रास्तों के बंद होने की बड़ी आशंका बनी हुई है. नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है, जिससे आसपास की बस्तियों के लिए खतरा पैदा हो सकता है. उत्तराखंड में भी कई स्थानों पर तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.
राजस्थान और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश का रुख
राजस्थान के मौसम में भी विविधता देखने को मिल रही है. मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार पूर्वी राजस्थान में 3 से 8 अगस्त तक लगातार बारिश का दौर जारी रह सकता है. जबकि पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में केवल छिटपुट बारिश होने का अनुमान है. इस दौरान हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है. पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले पांच दिनों तक मूसलाधार बारिश होने की पूरी संभावना है.
सुरक्षा और सावधानी बरतने की अपील
मौसम विभाग ने देश के नागरिकों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान बेवजह घर से बाहर न निकलें. अगर आप किसी यात्रा पर जाने की योजना बना रहे हैं, तो पहले संबंधित मार्ग के मौसम की जानकारी जरूर जुटा लें. पहाड़ी इलाकों की यात्रा करने वाले पर्यटकों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है क्योंकि सड़कों पर फिसलन और पत्थर गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं. मैदानी इलाकों में भी बिजली के खंभों और बड़े पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें ताकि किसी भी प्रकार दुर्घटना से सुरक्षित रहा जा सके.
यह भी पढ़ें: IMD Alert: दिल्ली-NCR समेत कई राज्यों में आज तेज बारिश-आंधी का खतरा, गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation


















.jpg)



