Stock Market Today: सेंसेक्स 800 अंक गिरा, निफ्टी 25550 से नीचे; क्यों बाजार में आई भारी बिकवाली
stock market today: भारतीय शेयर बाजार में हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारी गिरावट देखने को मिली। आईटी शेयरों में तेज बिकवाली और कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों 1 फीसदी से ज्यादा टूट गए। सुबह करीब 10 बजे सेंसेक्स 883 अंक गिरकर 82791.52 पर आ गया जबकि निफ्टी 262 अंक फिसलकर 25,544.60 के स्तर पर पहुंच गया।
बाजार में गिरावट सिर्फ कुछ सेक्टर तक सीमित नहीं रही, बल्कि सभी 16 प्रमुख सेक्टर लाल निशान में कारोबार करते दिखे। मेटल इंडेक्स करीब 3% गिरा, जिसमें हिंडोल्को के शेयर 6% तक टूट गए। कंपनी के तिमाही मुनाफे में 45 फीसदी की गिरावट निवेशकों को रास नहीं आई। वहीं स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में भी बिकवाली का दबाव दिखा। निफ्टी स्मॉलकैप-100 करीब 2% और निफ्टी मिडकैप-100 लगभग 1.8% नीचे रहे।
आईटी सेक्टर में लगातार तीसरे दिन गिरावट सबसे बड़ी चिंता बनी रही। एआई ऑटोमेशन से आईटी कंपनियों के बिजनेस मॉडल पर असर पड़ने की आशंका ने निवेशकों को बेचैन कर दिया है। आईटी इंडेक्स इस हफ्ते करीब 11.4% टूट चुका है और 2026 में अब तक करीब 17 फीसदी गिर चुका है। इंफोसिस, टीसीएस, एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा जैसे दिग्गज शेयरों में भारी दबाव देखने को मिला।
वैश्विक बाजारों से भी कमजोर संकेत मिले। एशियाई बाजारों में हैंगसेंग, निक्केई और शंघाई इंडेक्स गिरावट में रहे। अमेरिकी बाजारों में भी टेक शेयरों में बिकवाली के कारण नैस्डैक 2% से ज्यादा गिर गया। मजबूत अमेरिकी रोजगार आंकड़ों के बाद फेडरल रिजर्व की ओर से जल्द ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कमजोर हो गई, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ी।
बाजार में बढ़ती अस्थिरता भी गिरावट का बड़ा कारण रही। इंडिया विक्स 4% से ज्यादा बढ़कर 12.22 पर पहुंच गया, जो निवेशकों के डर और अनिश्चितता को दिखाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार फिलहाल उथल-पुथल के दौर से गुजर रहा है, जिससे निवेशकों में घबराहट बढ़ सकती है।
इसके अलावा रुपया भी दबाव में रहा और शुरुआती कारोबार में 8 पैसे कमजोर होकर 90.69 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। मजबूत डॉलर और घरेलू बाजार की कमजोरी ने रुपये पर दबाव बनाए रखा।
विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने से बचते हुए बाजार के संकेतों पर नजर रखने और सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी जा रही।
(प्रियंका कुमारी)
चांदी की कीमतें 10% गिरीं: ईटीएफ पर भी पड़ा असर, 7% तक गिरे, हिंदुस्तान जिंक के शेयर में बड़ी गिरावट
Silver prices crash: जनवरी में उम्मीद से ज़्यादा मज़बूत जॉब्स डेटा के बाद यूएस डॉलर के मज़बूत होने से सिल्वर एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) शुक्रवार को 7 फीसदी तक गिर गए, जिससे यूएस फेडरल रिजर्व द्वारा जल्द ही इंटरेस्ट रेट में कटौती की उम्मीदें कम हो गईं। डॉलर उन खबरों से भी बढ़ा कि रूस अमेरिका के साथ संभावित आर्थिक समझौते के तहत डॉलर सेटलमेंट सिस्टम पर लौटने पर विचार कर सकता।
मज़बूत डॉलर का आम तौर पर कीमती धातुओं पर असर पड़ता है क्योंकि सोने और चांदी सहित ज़्यादातर कमोडिटीज़ की कीमत दुनिया भर में अमेरिकी करेंसी में तय होती है। जब डॉलर बढ़ता है, तो ये मेटल दूसरी करेंसी इस्तेमाल करने वाले खरीदारों के लिए महंगे हो जाते हैं, जिससे डिमांड और कीमतें कम हो जाती।
सीआर फॉरेक्स एडवाइजर्स के एमडी अमित पाबारी ने एक नोट में कहा, 'अगर ऐसा कोई कदम होता है, तो इससे ग्लोबल ट्रेड, खासकर एनर्जी और कमोडिटीज़ में डॉलर का दबदबा और मज़बूत होगा।' घरेलू ETF में, टाटा सिल्वर ईटीएफ में 7% तक की गिरावट आई। दूसरे सिल्वर ईटीएफ जो गिरे, उनमें निप्पॉन इंडिया सिल्वर ईटीएफ (6.5 फीसदी नीचे), ज़ेरोधा सिल्वर ईटीएफ (-6.26%), एचडीएफसी सिल्वर ईटीएफ (-6.6%) और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल सिल्वर ईटीएफ (-6.2%) शामिल थे।
हिंदुस्तान ज़िंक के शेयर ट्रेड में लगभग 5 फीसदी गिरे। हिंडाल्को इंडस्ट्रीज के शेयर भी 5 फीसदी से ज्यादा गिरे क्योंकि आदित्य बिड़ला ग्रुप की मेटल प्रोड्यूसर कंपनी ने यूएस यूनिट नोवेलिस में आग लगने से जुड़े खर्चों की वजह से थर्ड क्वार्टर प्रॉफ़िट में साल-दर-साल 45 फीसदी की गिरावट बताई।
इंटरनेशनल कमोडिटी मार्केट में, सोने और चांदी में शुक्रवार को तेज़ी आई क्योंकि पिछले सेशन में दोनों मेटल एक हफ़्ते के निचले स्तर पर आ गए थे, जिसके बाद मोल-भाव की होड़ मच गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर, 5 मार्च, 2026 डिलीवरी के लिए सिल्वर फ्यूचर्स लगभग 3 परसेंट चढ़कर 6565 रुपये बढ़कर 2,43,000 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया।
(प्रियंका कुमारी)
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