सामने आई तारीख! न्यूजीलैंड दौरे के लिए किस दिन होगा टीम इंडिया का ऐलान, इन 3 खिलाड़ियों को मिलेगा मौका
Team India : भारतीय क्रिकेट टीम अगले महीने से न्यूजीलैंज के साथ पांच मैचों की वनडे सीरीज खेलने वाली है. इस सीरीज के लिए अभी तक इंडियन क्रिकेट टीम के स्क्वाड का ऐलान नहीं हुआ है, जबकि भारतीय क्रिकेट टीम 28 अक्टूबर को इस सीरीज के लिए न्यूजीलैंड रवाना होगा. टीम इंडिया का स्क्वाड सामने आने में काफी देरी हो रही है. ये देरी क्यों हो रही है और इंडियन क्रिकेट टीम के वनडे स्क्वाड का ऐलान किस तारीख को होने वाला है. किस दिन भारतीय चयनकर्ताओं के द्वारा टीम का ऐलान होगा, आइए आज हम आपको इसके बारे में बताने वाले हैं.
आपको बता दें कि, भारत ने अपनी पिछली वनडे सीरीज वेस्टइंडीज के खिलाफ खेली थी, जहां तीन मैचों की सीरीज में रोहित शर्मा और विराट कोहली का जलवा देखने को मिला था. इन दोनों बल्लेबाजों ने शतकीय पारियां खेली थीं. वहीं कप्तान शुभमन गिल के बल्ले से भी एक शतक और एक दोहरा शतक आया था. अब इस सीरीज में सिलेक्टर्स तीन ऐसे खिलाड़ियों को मौका दे सकते हैं, जिन्हें वनडे वर्ल्ड कप 2027 के लिए तैयार किया जाएगा. तो आइए इनके बारे में भी जानते हैं.
कितनी तारीख को होगा टीम इंडिया का ऐलान
न्यूजीलैंड के खिलाफ 4 नवंबर से शुरू होने वाली वनडे सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान अगले 2 से तीन दिन में हो सकता है. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, 16, 17, या 18 अक्टूबर को इंडियन क्रिकेट टीम के वनडे स्क्वाड का ऐलान किया जा सकता है. इसका मतलब साफ है कि, शुक्रवार से लेकर रविवार तक किसी भी दिन सिलेक्टर्स टीम के वनडे स्क्वाड का ऐलान कर सकते हैं.
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— Tanuj (@ImTanujSingh) October 15, 2026
- Team India's Squad for the ODI series against New Zealand will be announced in next 2-3 days. (TOI). pic.twitter.com/NTLS3U21UH
इन तीन खिलाड़ियों वनडे स्क्वाड में मिलेगा मौका
इंडियन क्रिकेट टीम के न्यूजीलैंड दौरे पर वनडे टीम में 2 अनुभवी तेज गेंदबाजों की वापसी होने की उम्मीद लगाई जा रही है. इसमें से एक की तो टी20 टीम में वापसी न्यूजीलैंड दौरे के लिए हो चुकी है. ये कोई और नहीं बल्कि भुवनेश्वर कुमार है. टीम इंडिया में साल 2022 के बाद भुवनेश्वर कुमार की टी20 फॉर्मेट के लिए वापसी हुई है. अब वो वनडे टीम में भी जगह हासिल कर सकते हैं.
भुवी के अलावा मोहम्मद शमी की भी वनडे टीम में वापसी हो सकती है. शमी को चयनकर्ता न्यूजीलैंड में होने वाली वनडे सीरीज के लिए स्क्वाड में मौका दे सकते हैं. शमी ने 2023 वनडे वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन किया था. इसके बाद चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में भी उन्होंने भारत को चैंपियन बनाने में अहम योगदान दिया था. अब एक बार फिर उन पर 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए भरोसा जताया जा सकता है.
टीम इंडिया के वनडे स्क्वाड में अक्षर पटेल को भी वापस लाया जा सकता है. पिछली वनडे सीरीज में अक्षर की जगह पर टीम में रविंद्र जडेजा को शामिल किया गाय था. अब एक बार फिर अक्षर पटेल की वापसी हो सकती है. वो बॉल के साथ टीम के लिए उपयोगी साबित होते हैं और बल्ले से भी अहम मौकों पर रन बनाने के लिए जाने जाते हैं. ऐसे में चयनकर्ता उन्हें भी मौका दे सकते हैं. न्यूजीलैंड वनडे दौरे के लिए भारत का संभावित स्क्वाड कुछ ऐसा हो सकता है.
न्यूजीलैंड वनडे दौरे के लिए भारत का संभावित स्क्वाड
शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (कप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), यशस्वी जायसवाल, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, नमन धीर, भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद शमी, मोहम्मद सिराज, गुरनूर बराड़, अर्शदीप सिंह.
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Gold-Silver Price: अमेरिकी महंगाई आंकड़ों के बाद सोने-चांदी की कीमतों में दमदार वापसी, गिरावट पर लगा ब्रेक
Gold-Silver Price: इस हफ्ते की शुरुआत में लगातार तीन दिनों तक दबाव झेलने के बाद गुरुवार को सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार वापसी देखने को मिली. अमेरिकी खुदरा महंगाई (सीपीआई) के आंकड़े जारी होने के बाद वैश्विक और घरेलू दोनों बाजारों में कीमती धातुओं ने तेजी पकड़ी. अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना और चांदी मजबूत हुए, जिसका असर भारतीय वायदा बाजार पर भी दिखाई दिया. कारोबार के दौरान सोने-चांदी की कीमतों में 3,000 रुपए तक की तेजी दर्ज की गई.
अमेरिकी ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में हेडलाइन सीपीआई मासिक आधार पर 0.6 प्रतिशत और कोर सीपीआई 0.3 प्रतिशत बढ़ी. महंगाई के आंकड़े सामने आने के बाद बुधवार शाम कमोडिटी बाजार में पहले तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला, और चांदी में 11,000 रुपए से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, वहीं सोना भी करीब 1.3 प्रतिशत टूट गया था. हालांकि अगले कारोबारी सत्र में निवेशकों की खरीदारी लौटने से बाजार ने मजबूत रिकवरी दिखाई.
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना अपने पिछले बंद 1,45,848 रुपए से 1,634 रुपए यानी 1.12 प्रतिशत चढ़कर 1,47,482 रुपए प्रति 10 ग्राम पर खुला. वहीं दिन के कारोबार में यह 1,802 रुपए यानी 1.23 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,47,650 रुपए प्रति किलोग्राम के दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया.
इसी तरह, दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी अपने पिछले बंद 2,08,338 रुपए से 690 रुपए यानी 0.33 प्रतिशत चढ़कर 2,09,028 रुपए प्रति किलोग्राम पर खुला. वहीं दिन के कारोबारी सत्र में यह 1,612 रुपए यानी 0.77 प्रतिशत उछलकर 2,09,950 रुपए प्रति किलोग्राम के दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई.
घरेलू सर्राफा बाजार में भी दोनों कीमती धातुओं में सकारात्मक रुझान देखने को मिला.
गौर करने वाली बात है कि इस सप्ताह की शुरुआत से सोना लगातार दबाव में था. पिछले सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन एमसीएक्स पर सोना 1,51,499 रुपए प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था. इसके बाद लगातार तीन दिनों की गिरावट में यह फिसलकर करीब 1,45,848 रुपए प्रति 10 ग्राम तक आ गया था. यानी सिर्फ तीन कारोबारी सत्रों में सोना लगभग 5,651 प्रति 10 ग्राम सस्ता हो गया था. गुरुवार को आई तेजी ने इस गिरावट पर फिलहाल ब्रेक लगा दिया.
विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी महंगाई डेटा और वैश्विक आर्थिक संकेतकों के बाद निवेशकों ने निचले स्तरों पर खरीदारी शुरू की, जिससे कीमतों को समर्थन मिला.
वहीं, गुरुवार को चांदी की कीमतों में आई तेजी के बावजूद यह अब भी अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर से काफी नीचे बनी हुई है. उल्लेखनीय है कि इस वर्ष जनवरी के अंतिम सप्ताह में एमसीएक्स पर चांदी ने पहली बार 4 लाख रुपए प्रति किलोग्राम का स्तर पार किया था और लगभग 4,20,048 रुपए प्रति किलोग्राम का सर्वकालिक उच्च स्तर छुआ था.
मौजूदा कीमतों की तुलना करें तो चांदी अब भी अपने रिकॉर्ड स्तर से करीब 2.10 लाख रुपए प्रति किलोग्राम नीचे कारोबार कर रही है. यही वजह है कि कई निवेशक इसे दीर्घकालिक दृष्टिकोण से आकर्षक स्तर मान रहे हैं.
अंतरराष्ट्रीय बाजार कॉमेक्स पर सोना करीब 1.2 प्रतिशत से अधिक मजबूत होकर 4,160 डॉलर प्रति औंस के करीब कारोबार करता नजर आया, वहीं चांदी 0.64 प्रतिशत की तेजी के साथ 56.2 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार करती दिखाई दी. वैश्विक बाजार में आई इस मजबूती का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा और एमसीएक्स पर सोना फिर से 1.47 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया.
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में सोने और चांदी की दिशा पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति, महंगाई के आगे के आंकड़े, डॉलर की चाल और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रमों का प्रभाव रहेगा. यदि वैश्विक अनिश्चितता बढ़ती है तो सुरक्षित निवेश के रूप में सोने और चांदी को समर्थन मिल सकता है. वहीं ब्याज दरों में संभावित बदलाव भी कीमती धातुओं की चाल तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे.
स्रोत- आईएएनएस
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