Gold-Silver Price: अमेरिकी महंगाई आंकड़ों के बाद सोने-चांदी की कीमतों में दमदार वापसी, गिरावट पर लगा ब्रेक
Gold-Silver Price: इस हफ्ते की शुरुआत में लगातार तीन दिनों तक दबाव झेलने के बाद गुरुवार को सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार वापसी देखने को मिली. अमेरिकी खुदरा महंगाई (सीपीआई) के आंकड़े जारी होने के बाद वैश्विक और घरेलू दोनों बाजारों में कीमती धातुओं ने तेजी पकड़ी. अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना और चांदी मजबूत हुए, जिसका असर भारतीय वायदा बाजार पर भी दिखाई दिया. कारोबार के दौरान सोने-चांदी की कीमतों में 3,000 रुपए तक की तेजी दर्ज की गई.
अमेरिकी ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में हेडलाइन सीपीआई मासिक आधार पर 0.6 प्रतिशत और कोर सीपीआई 0.3 प्रतिशत बढ़ी. महंगाई के आंकड़े सामने आने के बाद बुधवार शाम कमोडिटी बाजार में पहले तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला, और चांदी में 11,000 रुपए से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, वहीं सोना भी करीब 1.3 प्रतिशत टूट गया था. हालांकि अगले कारोबारी सत्र में निवेशकों की खरीदारी लौटने से बाजार ने मजबूत रिकवरी दिखाई.
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना अपने पिछले बंद 1,45,848 रुपए से 1,634 रुपए यानी 1.12 प्रतिशत चढ़कर 1,47,482 रुपए प्रति 10 ग्राम पर खुला. वहीं दिन के कारोबार में यह 1,802 रुपए यानी 1.23 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,47,650 रुपए प्रति किलोग्राम के दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया.
इसी तरह, दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी अपने पिछले बंद 2,08,338 रुपए से 690 रुपए यानी 0.33 प्रतिशत चढ़कर 2,09,028 रुपए प्रति किलोग्राम पर खुला. वहीं दिन के कारोबारी सत्र में यह 1,612 रुपए यानी 0.77 प्रतिशत उछलकर 2,09,950 रुपए प्रति किलोग्राम के दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई.
घरेलू सर्राफा बाजार में भी दोनों कीमती धातुओं में सकारात्मक रुझान देखने को मिला.
गौर करने वाली बात है कि इस सप्ताह की शुरुआत से सोना लगातार दबाव में था. पिछले सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन एमसीएक्स पर सोना 1,51,499 रुपए प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था. इसके बाद लगातार तीन दिनों की गिरावट में यह फिसलकर करीब 1,45,848 रुपए प्रति 10 ग्राम तक आ गया था. यानी सिर्फ तीन कारोबारी सत्रों में सोना लगभग 5,651 प्रति 10 ग्राम सस्ता हो गया था. गुरुवार को आई तेजी ने इस गिरावट पर फिलहाल ब्रेक लगा दिया.
विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी महंगाई डेटा और वैश्विक आर्थिक संकेतकों के बाद निवेशकों ने निचले स्तरों पर खरीदारी शुरू की, जिससे कीमतों को समर्थन मिला.
वहीं, गुरुवार को चांदी की कीमतों में आई तेजी के बावजूद यह अब भी अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर से काफी नीचे बनी हुई है. उल्लेखनीय है कि इस वर्ष जनवरी के अंतिम सप्ताह में एमसीएक्स पर चांदी ने पहली बार 4 लाख रुपए प्रति किलोग्राम का स्तर पार किया था और लगभग 4,20,048 रुपए प्रति किलोग्राम का सर्वकालिक उच्च स्तर छुआ था.
मौजूदा कीमतों की तुलना करें तो चांदी अब भी अपने रिकॉर्ड स्तर से करीब 2.10 लाख रुपए प्रति किलोग्राम नीचे कारोबार कर रही है. यही वजह है कि कई निवेशक इसे दीर्घकालिक दृष्टिकोण से आकर्षक स्तर मान रहे हैं.
अंतरराष्ट्रीय बाजार कॉमेक्स पर सोना करीब 1.2 प्रतिशत से अधिक मजबूत होकर 4,160 डॉलर प्रति औंस के करीब कारोबार करता नजर आया, वहीं चांदी 0.64 प्रतिशत की तेजी के साथ 56.2 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार करती दिखाई दी. वैश्विक बाजार में आई इस मजबूती का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा और एमसीएक्स पर सोना फिर से 1.47 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया.
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में सोने और चांदी की दिशा पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति, महंगाई के आगे के आंकड़े, डॉलर की चाल और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रमों का प्रभाव रहेगा. यदि वैश्विक अनिश्चितता बढ़ती है तो सुरक्षित निवेश के रूप में सोने और चांदी को समर्थन मिल सकता है. वहीं ब्याज दरों में संभावित बदलाव भी कीमती धातुओं की चाल तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे.
स्रोत- आईएएनएस
आरबीआई के कदमों और कच्चे तेल में नरमी से रुपया मजबूत, डॉलर के मुकाबले 32 पैसे चढ़ा
नई दिल्ली, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय रुपया गुरुवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 32 पैसे मजबूत होकर 94.85 पर पहुंच गया। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के विदेशी मुद्रा प्रबंधन संबंधी उपायों और डॉलर की कमजोरी के चलते रुपए में हालिया मजबूती का सिलसिला जारी रहा।
घरेलू मुद्रा ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.91 के स्तर पर कारोबार की शुरुआत की।
रुपए को विदेशी मुद्रा बाजार में आरबीआई के संरचनात्मक हस्तक्षेपों, तरलता को नियंत्रित करने वाले कदमों और कारोबारियों द्वारा लंबी अवधि की डॉलर पोजीशन कम किए जाने से समर्थन मिला है।
अक्टूबर की शुरुआत में आरबीआई ने रुपए के खिलाफ सट्टेबाजी को सीमित करने के उद्देश्य से विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव्स कारोबार से जुड़े नियमों को और कड़ा किया था। इसके साथ ही बैंकों से कहा गया था कि 20 लाख डॉलर से अधिक की डॉलर खरीद पर 20 प्रतिशत का रिजर्व तैयार रखें।
डेरिवेटिव्स बाजार से जुड़े एक अन्य कदम के तहत आरबीआई ने कहा था कि अधिकृत डीलर किसी भी ऐसे विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव अनुबंध, जिसमें भारतीय रुपया शामिल हो, चाहे वह डिलीवेरेबल हो या नॉन-डिलीवेरेबल, अगर उसे रद्द किया जा चुका है तो उसे दोबारा बुक करने की अनुमति नहीं देंगे।
पिछले कारोबारी सत्र में रुपया 19 पैसे की मजबूती के साथ 95.16 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
विशेषज्ञों के अनुसार, रुपया अब 95.50-95.00 के ट्रेडिंग दायरे से निर्णायक रूप से बाहर निकल चुका है और अगला महत्वपूर्ण स्तर 94.80 के आसपास माना जा रहा है। यदि रुपया इस स्तर से नीचे टिकता है तो इसमें और मजबूती की गुंजाइश बन सकती है। तेल विपणन कंपनियों की ओर से डॉलर की मांग में कमी और बाजार की बेहतर धारणा भी इसे समर्थन दे सकती है।
रुपए को वैश्विक स्तर पर मिले सकारात्मक संकेतों से भी सहारा मिला है।
करेंसी विश्लेषकों का अनुमान है कि 2026 के अंत तक रुपया डॉलर के मुकाबले 95.60 से 97.50 के दायरे में कारोबार कर सकता है, जबकि अधिकांश अनुमान 96 से 97 प्रति डॉलर के स्तर के आसपास हैं।
प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापने वाला डॉलर इंडेक्स गिरकर 101.99 पर आ गया।
वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड का भाव करीब 2 प्रतिशत गिरकर 104.30 डॉलर प्रति बैरल रह गया।
घरेलू शेयर बाजार में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में 1 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई। सेंसेक्स 1,000 अंकों से ज्यादा की तेजी के साथ 73,836.71 पर कारोबार करता दिखाई दिया, जबकि निफ्टी 300 अंकों की बढ़त के साथ 22,929.55 के स्तर पर पहुंच गया।
--आईएएनएस
डीबीपी
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