इंदौर में नर्मदा की पाइपलाइन फूटी, सड़कों पर बहा पानी, तेज बहाव से लगा जाम
इंदौर में गुरुवार की सुबह नर्मदा की पाइपलाइन फूटने की जानकारी सामने आई है। इस लाइन के फूटने की वजह से बड़ी मात्रा में पानी सड़क पर बह गया। कम बारिश होने के बाद आने वाले जल संकट की स्थित के बीच पाइपलाइन का फूटना चिंताजनक है।
ये मामला बंगाली चौराहा बायपास के पास स्थित डी मार्ट के नजदीक का बताया जा रहा है। यहां पाइपलाइन उठने के बाद पानी का बहाव इतना तेज था कि फव्वारे जैसा नजारा दिखाई दे रहा है। स्थिति को देखकर मौके पर लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई और जाम जैसे हालात निर्मित हो गए। ज्यादा पानी भरने की वजह से अंडरपास भी बंद हो गया।
लीकेज से काफी पानी बहा
पाइपलाइन फूटने का यह मामला उस समय सामने आया है। जब आने वाले दिनों में इंदौर में पेयजल व्यवस्था को लेकर स्थिति चिंताजनक हो सकती है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव द्वारा मुख्यमंत्री से जल संकट से निपटने के लिए पैकेज की मांग की जा चुकी है। वही मंत्री कैलाश विजयवर्गीय में भी इस मुद्दे पर दो बैठक प्रस्तावित की है।
लगी लोगों की भीड़
पाइपलाइन फूटने के बाद जो फव्वारा उठा हुआ दिखाई दे रहा है, वह पुल के ऊपर से भी दिखाई दे रहा है। इस नजारे को देखने के लिए लोगों की भीड़ जुटने लगी है। लोग पुल के ऊपर खड़े होकर फोटो वीडियो बना रहे हैं। कुछ वीडियो सामने आए हैं, जिसमें बहुत ऊंचाई तक पानी पाइपलाइन से निकलता दिख रहा है। वहीं पुल से गुजरने वाले लोग वाहनों में बैठकर ये नजारा कैमरा में कैद करते दिखाई दिए।
देखरेख पर उठे सवाल
इस तरह से पाइपलाइन फूट जाने के बाद भारी मात्रा में पानी सड़कों पर बह गया है। एसएमएस जल प्रबंधन और पाइपलाइन के निगरानी को लेकर सवाल भी खड़े हो गए हैं। इनकी नियमित जांच और मरम्मत को लेकर चर्चा की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर जल संकट से लिपटने है तो पानी बचाना बहुत जरूरी है। ऐसे में नर्मदा लाइन की पाइपलाइन की निगरानी, तुरंत मरम्मत और जवाबदेही तय करना बहुत जरूरी है।
इंदौर में हेड कॉन्स्टेबल के यहां 29.73 करोड़ की संपत्ति का खुलासा, लोकायुक्त जांच में 33 प्रॉपर्टी और 21 बैंक खाते मिले
इंदौर के पीटीसी में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल ड्राइवर फिरोज खान के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में लोकायुक्त की जांच में अब तक 29 करोड़ 73 लाख रुपये की संपत्ति का पता चला है। बुधवार सुबह इंदौर और उज्जैन लोकायुक्त की संयुक्त टीमों ने इंदौर और देवास में उसके 15 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी।
लोकायुक्त एसपी डॉ. राजेश सहाय के मुताबिक, शुरुआती जांच में फिरोज खान की संपत्ति उसकी आय से लगभग 40 गुना अधिक होने की जानकारी सामने आई है। उन्होंने बताया कि कार्रवाई के दौरान मकान, फ्लैट, कृषि भूमि और अन्य संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। वहीं, डीएसपी सुनील तालान के अनुसार अब तक नौ वाहनों के दस्तावेज, 21 बैंक खातों और कुल 33 अचल संपत्तियों की जानकारी मिली है। फर्जी फर्मों के जरिए करोड़ों रुपये के लेनदेन की आशंका को देखते हुए संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
2002 से पुलिस विभाग में है पदस्थ
फिरोज खान वर्ष 2002 से पुलिस विभाग में नौकरी कर रहा है और वर्तमान में पीटीसी इंदौर में हेड कॉन्स्टेबल ड्राइवर के पद पर पदस्थ है। लोकायुक्त को उसके पास आय से अधिक संपत्ति होने की शिकायत मिली थी। शुरुआती जानकारी जुटाने के बाद टीमों ने बुधवार सुबह इंदौर और देवास में उससे जुड़े 15 ठिकानों पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान फिरोज खान घर पर नहीं मिला। परिजनों ने अधिकारियों को बताया कि वह पीथमपुर में है। लोकायुक्त टीम ने उससे फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुआ।
वेतन और संपत्तियों के मूल्य में बड़ा अंतर
लोकायुक्त की शुरुआती जांच में फिरोज खान की नौकरी से हुई आय लगभग 75 लाख रुपये आंकी गई है। अन्य ज्ञात स्रोतों से होने वाली आय को मिलाकर यह राशि लगभग 1.93 करोड़ रुपये बताई गई है। वहीं, उससे जुड़ी संपत्तियों का अनुमानित बाजार मूल्य 29.73 करोड़ रुपये सामने आया है। संपत्तियों की खरीद पर खर्च की गई रकम लगभग 11.57 करोड़ रुपये आंकी गई है। लोकायुक्त इन आंकड़ों के आधार पर आय और संपत्ति के बीच अंतर की जांच कर रही है।
पांच कंपनियों के दस्तावेज मिले
तलाशी के दौरान साहिल ट्रेडिंग कंपनी, रॉयल ग्रीन रियल एस्टेट, रोशनी सेल्स एंड सर्विस, महाराजा रियल एस्टेट और ब्लैक हॉरनेट नाम की पांच कंपनियों से जुड़े दस्तावेज सामने आए हैं। जांच एजेंसी इन कंपनियों के जरिए हुए लेनदेन और संपत्तियों की खरीद में इस्तेमाल की गई रकम का पता लगा रही है। इसके साथ ही 21 बैंक खातों की जानकारी जुटाकर उनके वित्तीय लेनदेन की पड़ताल की जा रही है।
जांच में रोशनी वर्मा के नाम पर लगभग 21.75 बीघा कृषि भूमि से जुड़े पंजीकृत अनुबंध की जानकारी भी सामने आई है। लोकायुक्त यह पता लगा रही है कि इन संपत्तियों की खरीद के लिए रकम कहां से आई और संपत्तियों का वास्तविक मालिकाना हक किसके पास है।
विवादित जमीनों की खरीद-बिक्री के आरोप
फिरोज खान के खिलाफ शिकायत में लंबे समय तक ड्यूटी से अनुपस्थित रहने और विवादित संपत्तियों की खरीद-बिक्री में कथित भूमिका निभाने के आरोप भी लगाए गए हैं। लोकायुक्त इन सारे आरोपों की जांच कर रही है। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। फिलहाल जांच में सामने आई संपत्तियों और दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है।
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