इंदौर में हेड कॉन्स्टेबल के यहां 29.73 करोड़ की संपत्ति का खुलासा, लोकायुक्त जांच में 33 प्रॉपर्टी और 21 बैंक खाते मिले
इंदौर के पीटीसी में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल ड्राइवर फिरोज खान के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में लोकायुक्त की जांच में अब तक 29 करोड़ 73 लाख रुपये की संपत्ति का पता चला है। बुधवार सुबह इंदौर और उज्जैन लोकायुक्त की संयुक्त टीमों ने इंदौर और देवास में उसके 15 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी।
लोकायुक्त एसपी डॉ. राजेश सहाय के मुताबिक, शुरुआती जांच में फिरोज खान की संपत्ति उसकी आय से लगभग 40 गुना अधिक होने की जानकारी सामने आई है। उन्होंने बताया कि कार्रवाई के दौरान मकान, फ्लैट, कृषि भूमि और अन्य संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। वहीं, डीएसपी सुनील तालान के अनुसार अब तक नौ वाहनों के दस्तावेज, 21 बैंक खातों और कुल 33 अचल संपत्तियों की जानकारी मिली है। फर्जी फर्मों के जरिए करोड़ों रुपये के लेनदेन की आशंका को देखते हुए संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
2002 से पुलिस विभाग में है पदस्थ
फिरोज खान वर्ष 2002 से पुलिस विभाग में नौकरी कर रहा है और वर्तमान में पीटीसी इंदौर में हेड कॉन्स्टेबल ड्राइवर के पद पर पदस्थ है। लोकायुक्त को उसके पास आय से अधिक संपत्ति होने की शिकायत मिली थी। शुरुआती जानकारी जुटाने के बाद टीमों ने बुधवार सुबह इंदौर और देवास में उससे जुड़े 15 ठिकानों पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान फिरोज खान घर पर नहीं मिला। परिजनों ने अधिकारियों को बताया कि वह पीथमपुर में है। लोकायुक्त टीम ने उससे फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुआ।
वेतन और संपत्तियों के मूल्य में बड़ा अंतर
लोकायुक्त की शुरुआती जांच में फिरोज खान की नौकरी से हुई आय लगभग 75 लाख रुपये आंकी गई है। अन्य ज्ञात स्रोतों से होने वाली आय को मिलाकर यह राशि लगभग 1.93 करोड़ रुपये बताई गई है। वहीं, उससे जुड़ी संपत्तियों का अनुमानित बाजार मूल्य 29.73 करोड़ रुपये सामने आया है। संपत्तियों की खरीद पर खर्च की गई रकम लगभग 11.57 करोड़ रुपये आंकी गई है। लोकायुक्त इन आंकड़ों के आधार पर आय और संपत्ति के बीच अंतर की जांच कर रही है।
पांच कंपनियों के दस्तावेज मिले
तलाशी के दौरान साहिल ट्रेडिंग कंपनी, रॉयल ग्रीन रियल एस्टेट, रोशनी सेल्स एंड सर्विस, महाराजा रियल एस्टेट और ब्लैक हॉरनेट नाम की पांच कंपनियों से जुड़े दस्तावेज सामने आए हैं। जांच एजेंसी इन कंपनियों के जरिए हुए लेनदेन और संपत्तियों की खरीद में इस्तेमाल की गई रकम का पता लगा रही है। इसके साथ ही 21 बैंक खातों की जानकारी जुटाकर उनके वित्तीय लेनदेन की पड़ताल की जा रही है।
जांच में रोशनी वर्मा के नाम पर लगभग 21.75 बीघा कृषि भूमि से जुड़े पंजीकृत अनुबंध की जानकारी भी सामने आई है। लोकायुक्त यह पता लगा रही है कि इन संपत्तियों की खरीद के लिए रकम कहां से आई और संपत्तियों का वास्तविक मालिकाना हक किसके पास है।
विवादित जमीनों की खरीद-बिक्री के आरोप
फिरोज खान के खिलाफ शिकायत में लंबे समय तक ड्यूटी से अनुपस्थित रहने और विवादित संपत्तियों की खरीद-बिक्री में कथित भूमिका निभाने के आरोप भी लगाए गए हैं। लोकायुक्त इन सारे आरोपों की जांच कर रही है। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। फिलहाल जांच में सामने आई संपत्तियों और दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है।
वेस्टइंडीज से मिली हार के बाद सुनील गावस्कर का फूटा गुस्सा, भारतीय गेंदबाजों को सही लेंथ पर गेंद डालने की दी नसीहत
भारत बनाम वेस्टइंडीज चौथे टी-20 मैच में टीम इंडिया को 24 रन से हार का सामना करना पड़ा। वहीं इसके बाद पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने गेंदबाजों के प्रदर्शन पर सवाल उठाए हैं। दरअसल उन्होंने कहा है कि फुलटॉस और खराब लेंथ पर गेंद डालने के बाद पिच को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है। गावस्कर ने वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज शमार जोसेफ के उस रवैये पर भी नाराजगी जताई जब अर्शदीप सिंह के कंधे पर गेंद लगने के बाद भी उन्होंने बाउंसर डालना जारी रखा।
दरअसल सुनील गावस्कर ने जियोहॉटस्टार पर मैच का विश्लेषण करते हुए कहा कि भारत की गेंदबाजी में कमियां थीं जिनका वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने फायदा उठाया। उनके मुताबिक पिच को लेकर चर्चा करना अलग बात है, लेकिन गेंदबाजों को अपनी गलतियों की जिम्मेदारी भी लेनी चाहिए। अगर कोई गेंदबाज बल्लेबाज को फुलटॉस देता है तो उसे पिच की खराबी बताकर अपनी गलती से बचने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
गेंदबाजों को अपनी लेंथ पर ध्यान देना चाहिए: सुनील गावस्कर
सुनील गावस्कर ने गेंदबाजों को सही जगह पर गेंद डालने की जरूरत बताई। उनका कहना था कि पिच से मदद मिलने की उम्मीद करने के बजाय गेंदबाजों को अपनी लेंथ पर ध्यान देना चाहिए। खासकर ऐसी गेंदें, जो बल्लेबाज के लिए आसानी से रन बनाने का मौका बन जाती हैं, उनसे बचना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने बाद में सही लेंथ और यॉर्कर का इस्तेमाल किया, जिससे भारतीय बल्लेबाजों के लिए रन बनाना आसान नहीं रहा।
वहीं मैच के दौरान राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम की दोबारा बिछाई गई पिच को लेकर भी चर्चा हुई। खिलाड़ियों ने बताया कि कुछ गेंदें पिच पर पड़ने के बाद रुककर आईं और उछाल में भी बदलाव दिखा। ऐसी स्थिति में गेंदबाजों को अपनी गेंदबाजी में बदलाव करने की जरूरत थी। हालांकि सुनील गावस्कर ने जोर दिया कि परिस्थितियां जैसी भी हों गेंदबाजों को अपनी योजना के मुताबिक गेंद डालनी चाहिए। भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी माना कि गेंदबाजी की योजना को मैदान पर सही तरीके से लागू नहीं कर पाना टीम पर भारी पड़ा।
शमार जोसेफ पर उठे सवाल
दरअसल मैच के दौरान वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज शमार जोसेफ की गेंद अर्शदीप सिंह के कंधे पर लगी। इसके बाद भी जोसेफ ने अर्शदीप की तरफ एक और बाउंसर डाल दी। सुनील गावस्कर को उनका यह रवैया पसंद नहीं आया और उन्होंने कमेंट्री के दौरान इस पर सवाल उठाए। सुनील गावस्कर के मुताबिक उस समय स्टंप्स पर गेंदबाजी करना ज्यादा सही विकल्प हो सकता था क्योंकि अर्शदीप बल्लेबाजी कर रहे थे और स्टंप्स की तरफ खेलने का मौका मौजूद था।
सुनील गावस्कर ने कहा कि जोसेफ स्टंप्स पर गेंद डालने के बजाय अर्शदीप को निशाना बनाते दिखे। दूसरी बाउंसर के बाद अर्शदीप को दोबारा चोट लगने का खतरा पैदा हुआ। इसके बाद वह बल्लेबाजी जारी नहीं रख सके और 5 रन बनाकर रिटायर हर्ट हो गए।
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