भारत की हार पर भड़के सुनील गावस्कर:फुलटॉस डालकर पिच को दोष न दें, कैरेबियाई पेसर की खेल भावना पर सवाल उठाए
दिग्गज क्रिकेटर सुनील गावस्कर चौथे टी-20 में टीम इंडिया की हार पर भड़क गए। उन्होंने कहा- ‘भारत की हार की वजह खराब गेंदबाजी थी, पिच नहीं।’ गावस्कर ने कहा कि भारतीय गेंदबाजों ने कई फुलटॉस और खराब लेंथ की गेंदें डालीं। उन्होंने कहा कि गेंदबाज अपने प्लान को एक्सिक्यूट नहीं कर पाएं, तो पिच को दोष नहीं दे सकते। भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी माना कि गेंदबाजी में प्लान को सही तरह लागू नहीं करना भारी पड़ा। बुधवार को भारतीय टीम को हैदराबाद में वेस्टइंडीज के खिलाफ 24 रन से हार मिली। इससे पहले भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर भी बल्लेबाज और गेंद के बीच बेहतर मुकाबला कराने वाली पिचों की मांग कर चुके हैं। गावस्कर ने कहा- बॉलर्स की कमियों के कारण बड़ा स्कोर बना प्लेयर्स ने बताया कि गेंद पिच पर रुककर आ रही थी राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम की दोबारा बिछाई गई पिच से गेंदबाजों को कुछ मदद मिली। खिलाड़ियों ने बताया कि गेंद कभी-कभी पिच पर रुककर आई और उछाल भी दिखा। हालांकि, गावस्कर का कहना था कि गेंदबाजों को इन परिस्थितियों का बेहतर इस्तेमाल करना चाहिए था। शमार जोसेफ ने अर्शदीप को बाउंसर मारी गावस्कर ने वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज शमार जोसेफ की खेल भावना पर भी सवाल उठाए। मैच के दौरान शमार ने अर्शदीप सिंह को बाउंसर मारी, जोकि उनके कंधे पर लगी। इसके बाद अर्शदीप विकेट छोड़कर बल्लेबाजी करने लगे। इसके बावजूद शमार ने अर्शदीप की बॉडीलाइन पर गेंदबाजी जारी रखी। उन्होंने एक और बाउंसर मारी। इस पर गावस्कर ने कमेंट्री में कहा- वह स्टंप्स पर गेंदबाजी करने के बजाय 'अर्शदीप को निशाना बना रहे है', जबकि स्टंप्स पूरी तरह असुरक्षित थे। दूसरी बार चोटिल होने से बाल-बाल बचने के बाद अर्शदीप खेल जारी रखने में असमर्थ रहे। वह 5 रन पर रिटायर हर्ट हो गए। -------------------------------------------- भारतीय क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… श्रेयस अय्यर बोले- गेंदबाजों ने प्लान पर अमल नहीं किया, होप ने पिच को कठिन बताया कप्तान श्रेयस अय्यर ने बुधवार को टीम इंडिया की हार पर कहा- भारतीय गेंदबाजों ने अपनी लाइन और लेंथ पर सही तरीके से अमल नहीं किया। यही वह जगह थी, जहां हम थोड़ा पीछे रह गए। पढ़ें पूरी खबर
अर्बन कॉन्क्लेव 2026: 2753 करोड़ की शहरी परियोजनाओं को मिलेगा नया आयाम, सिंहस्थ 2028 पर फोकस, बैंकों के साथ अनुबंध भी किए जाएंगे
मध्य प्रदेश के शहरी विकास को नई दिशा देने के लिए आगामी 28 अक्टूबर, 2026 को इंदौर स्थित ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में राज्य स्तरीय ‘अर्बन कॉन्क्लेव’ का आयोजन जाएगा। कॉन्क्लेव में ‘अर्बन चैलेंज फंड’ से स्वीकृत शहर विकास परियोजनाओं की जमीनी प्रगति, वित्तीय प्रबंधन और तय समय में काम पूरा करने की रणनीति पर मंथन होगा।
साथ ही वित्तीय संस्थानों और बैंकों के साथ अनुबंध किये जाएंगे तथा संबंधित एजेंसियों को ‘लेटर ऑफ अवार्ड’ प्रदान किए जाएंगे । नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा आयोजित इस कॉन्क्लेव में राज्य सरकार के विजन को भी साझा किया जाएगा। इसका उद्देश्य नगरीय विकास को नई गति देने, शहरी अधोसंरचना में निवेश को प्रोत्साहित करने तथा आधुनिक तकनीक के माध्यम से शहरों को सुविधायुक्त बनाना है।
कॉन्क्लेव शहरी विकास के क्षेत्र से जुड़े राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों, प्रमुख निवेशकों, वित्तीय संस्थानों और युवाओं को मध्यप्रदेश में सृजित हो रही अपार विकास संभावनाओं से सीधे जुड़ने का एक सशक्त मंच प्रदान करेगा। कॉन्क्लेव में सहभागिता के इच्छुक निवेशक, स्टार्टअप्स एवं युवा आधिकारिक वेब पोर्टल ugconclave.mp.gov.in पर जाकर अपना ऑनलाइन पंजीयन (Registration) भी करा सकते हैं।
अर्बन चैलेंज फंड की 2,753.10 करोड़ की परियोजनाओं को मिलेगा नया आयाम
अर्बन चैलेंज फंड के तहत प्रदेश के विभिन्न नगरों में संचालित एवं प्रस्तावित विकास कार्यों की कुल स्वीकृत लागत 2,753.10 करोड़ रुपये है। इस वित्तीय नियोजन के माध्यम से इंदौर, उज्जैन और रीवा की महत्वपूर्ण विकास योजनाओं को गति दी जा रही है।। इसके अंतर्गत इंदौर शहर में पेयजल वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ करने और सीवरेज लाइनों व उपचार संयंत्रों के बड़े स्तर पर सुधार कार्य शामिल हैं।
साथ ही धार्मिक एवं सांस्कृतिक नगरी उज्जैन में ‘एकीकृत मंदिर क्षेत्र विकास’ की महत्वाकांक्षी परियोजना तथा रीवा नगर की सर्वसमावेशी जलप्रदाय योजना के कार्यों को भी धरातल पर उतारा जा रहा है। सिंहस्थ-2028 के लिए उज्जैन को विश्वस्तरीय तीर्थ नगरी के रूप में विकसित करने पर विशेष सत्र, तकनीक आधारित भीड़ प्रबंधन, यातायात एवं आयोजन प्रबंधन, निवेश, टेंपल बॉन्ड, CSR, डिजिटल ट्विन मॉडलिंग तथा परियोजनाओं के क्रियान्वयन की कार्ययोजना पर चर्चा की जाएगी।
इन विषयों पर भी होगा विचार-विमर्श, विशेषज्ञ रखेंगे अपने विचार
- कॉन्क्लेव में श्रेणी-2 के शहरों के विकास पर केंद्रित विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें पुनःघनीकरण, परिवहन आधारित विकास (TOD), TDR, आवास, पुनर्विकास, मास्टर प्लान,, रेरा स्वीकृतियां, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, अनापत्ति प्रमाण-पत्रों में कमी (NOC) तथा FAR जैसे विषयों पर विचार-विमर्श होगा।
- नगरीय प्रशासन में सुधार और डिजिटल सशक्तिकरण पर केंद्रित सत्र में स्वचालित भवन अनुज्ञा अनुमोदन प्रणाली (ABPAS), ऑनलाइन NOC एवं विकास अनुज्ञा प्रणाली, कॉलोनी अधिनियम, डिजिटल गवर्नेंस, GIS आधारित नियोजन, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस तथा परियोजना प्रबंधन सूचना प्रणाली जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी।
- जलवायु अनुकूल शहर, जल सुरक्षा और सर्कुलर एकॉनामी विषय पर भी आयोजित सत्रों में विशेषज्ञ अपने विचार रखेंगे। चर्चा के प्रमुख विषयों में शहरी जल प्रबंधन, अमृत 2.0, BRSR फ्रेमवर्क, नमो हरित नगर योजना, सिटी फॉरेस्ट एवं सेंट्रल पार्क, ईज ऑफ लिविंग, लिवेबिलिटी इंडेक्स, इलेक्ट्रिक वाहन, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन,MRF, कचरे से ऊर्जा, सौर ऊर्जा परियोजनाएं तथा CBG इकोसिस्टम शामिल हैं।
- कॉन्क्लेव में शहरी निवेश, वित्तीय संसाधन, साझेदारी और वैश्विक विशेषज्ञता के अवसरों पर भी मंथन होगा। इसमें अर्बन चैलेंज फंड की परियोजनाएं, सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP), वित्तीय मॉडलिंग, टेंपल बॉन्ड, ग्रीन बॉन्ड, नगर पालिका बॉन्ड, संयुक्त उपक्रम, बहुपक्षीय बैंकों से वित्त पोषण, अनुदान और वायबिलिटी गैप फंडिंग सहित विभिन्न वित्तीय विकल्पों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
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