पंजाब के 90% से अधिक घरों का बिजली बिल आया जीरो, फिर भी मुनाफ़े में पंजाब के बिजली निगम : अनुराग ढांडा
पंजाब के 90 फीसदी लोगों के बिजली बिल 0 आने के बाद भी पंजाब का बिजली निगम फायदे में चल रहा है. ये दावा है आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा का. उन्होंने पंजाब की आप सरकार ने लगातार आम जनता के लिए कई कदम उठाए इसी का नतीजा है कि प्रदेश में ज्यादा लोगों के यहां बिजली बिल शून्य ही आया. यानी उन्हें किसी भी तरह का बिजली इस्तेमाल के लिए खर्च करना पड़ा.
खास बात यह है कि ज्यादातर लोगों के बिजली बिल कम आने बाद भी प्रदेश का बिजली निगम फायदे में चल रहा है. यही नहीं यह सब काम महज 5 साल का सरकार ने कर दिखाया है. जबकि हरियाणा में ऐसा नहीं है.
अनुराग ढांडा ने दावा किया कि हरियाणा के बिजली वितरण निगमों पर 27,915 करोड़ का संचित घाटा है और कुल उधारी 20,311 करोड़ तक पहुंच चुकी है. यह स्थिति बताती है कि सरकार न तो वित्तीय सुधार कर पाई और न ही उपभोक्ताओं को राहत दे पाई. हरियाणा का आम परिवार महंगे टैरिफ, भारी फिक्स्ड चार्ज और लगातार बढ़ते बिजली बिलों से परेशान है.
पंजाब बिजली निगम ने कमाया 2600 करोड़ का लाभ
अनुराग ढांडा ने कहा कि हरियाणा में बिजली निगमों की हालत लगातार बिगड़ती गई. घाटा कम करने के बजाय उधारी बढ़ती गई और उसका बोझ सीधे जनता पर डाला गया. उन्होंने इसके विपरीत पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार का उदाहरण देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2024-25 में 2600 करोड़ का लाभ कमाया है, जो पिछले वर्षों की तुलना में बड़ी बढ़ोतरी है. राष्ट्रीय रैंकिंग में PSPCL ने A+ ग्रेड के साथ देश में दूसरा स्थान हासिल किया है. यह दिखाता है कि सही नीयत और पारदर्शी प्रशासन से बिजली क्षेत्र को लाभ में लाया जा सकता है.
“रोशन पंजाब मिशन” के तहत 300 यूनिट तक बिजली फ्री
यही नहीं ढांडा ने यह भी कहा कि 'रोशन पंजाब मिशन' के तहत प्रदेश में 300 यूनिट तक फ्री बिजली दी जा रही है. उन्होंने दावा किया कि पंजाब में 90 प्रतिशत से अधिक घरेलू उपभोक्ताओं को शून्य बिल का लाभ मिला है और लाखों परिवारों को सीधी राहत पहुंची है.
पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस से पहली मौत की खबर
कोलकाता, 12 फरवरी (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में गुरुवार को निपाह वायरस से संबंधित पहली मौत दर्ज की गई। उत्तर 24 परगना जिले के बारासात स्थित एक अस्पताल के गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती एक नर्स की मृत्यु हो गई।
राज्य स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों ने बताया कि मृतक नर्स के फेफड़ों में द्वितीयक संक्रमण हो गया था। वायरस से संक्रमित एक अन्य नर्स का भी उसी अस्पताल में इलाज चल रहा था।
ये दोनों नर्सें निपाह वायरस से संक्रमित होने वाले अब तक के एकमात्र मामले हैं।
राज्य स्वास्थ्य विभाग ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि इन दो नर्सों के अलावा राज्य में निपाह वायरस से संक्रमित होने का कोई नया मामला सामने नहीं आया है। संक्रमित नर्सों के संपर्क में आए लोगों का पता लगाने के लिए संपर्क ट्रेसिंग की गई।
सभी लोगों की पहचान कर ली गई और उनके नमूने प्रयोगशाला में भेजे गए। नवीनतम रिपोर्टों के अनुसार, सभी नमूनों की जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई है। संक्रमित नर्सों के संपर्क में आए किसी भी व्यक्ति में निपाह वायरस का कोई निशान नहीं मिला है।
निपाह वायरस के मुख्य वाहक चमगादड़ होते हैं। अगर कोई व्यक्ति चमगादड़ के काटने से प्रभावित फल खाता है, तो वह भी इस वायरस से संक्रमित हो सकता है। हालांकि, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने दावा किया था कि चमगादड़ों के अलावा पागल कुत्ते भी इस वायरस के वाहक हो सकते हैं।
निपाह वायरस से संक्रमित लोगों की औसत मृत्यु दर 50 प्रतिशत से अधिक है। डॉक्टरों के अनुसार, वायरस का जितनी जल्दी पता चलता है, ठीक होने की संभावना उतनी ही अधिक होती है।
बीमारी के शुरुआती लक्षण सामान्य बुखार जैसे होते हैं, जिससे शरीर का तापमान बढ़ जाता है। इसके बाद दौरे, गले में खराश, और सांस लेने में गंभीर समस्या हो सकती है।
अधिक गंभीर अवस्था में, रोगी कोमा में जा सकता है। अभी तक इसका कोई विशिष्ट उपचार नहीं है। इस वायरस के टीके पर शोध जारी है।
--आईएएनएस
एमएस/
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