बाजार के डिजाइनर कपड़ों से अलग है ये हैंड एंब्रॉयडरी, सुई-धागे से बनाती हैं 52 तरह के पैटर्न
Madhubani Hand Embroidery: बिहार के मधुबनी की आराधना देवी सुई-धागे से हाथ की कढ़ाई की ऐसी खूबसूरत कला तैयार करती हैं, जिसमें करीब 52 तरह के डिजाइन और पैटर्न शामिल हैं. उन्होंने यह हुनर अपनी मां से सीखा और अब घर के कामकाज के बाद रुमाल, पर्स, तकिया कवर, साड़ी और बेडशीट समेत कई चीजों पर हाथ से कढ़ाई करती हैं. एक छोटे से रुमाल को तैयार करने में भी करीब 4 से 5 घंटे लग जाते हैं, क्योंकि हर डिजाइन को बारीकी से हाथ से बनाया जाता है. खास बात यह है कि आराधना अपनी बनाई हुई हस्तकला की चीजें लोगों को गिफ्ट करती हैं और खुद घर-घर जाकर महिलाओं को यह कला सिखाने की कोशिश भी कर रही हैं, ताकि वे अपने खाली समय का इस्तेमाल हुनर सीखने और कमाई का जरिया बनाने में कर सकें.
Success Story: परीक्षा देकर भूल गए थे नीरज सिंह, मेल पर आयोग से आया इंटरव्यू का मैसेज, बलिया विश्वविद्यालय में बनें इंगलिश के प्रोफेसर
Success Story: डॉ. नीरज कुमार सिंह मूलतः वाराणसी जिले के पुराशिव गांव के रहने वाले हैं. उनकी प्राथमिक शिक्षा गांव के ही सरकारी स्कूल में हुई, जहां उन्होंने कक्षा 1 से 12 तक की पढ़ाई यूपी बोर्ड से पूरी की. ग्रामीण परिवेश में पली-बढ़ी उनकी शिक्षा ने उन्हें जमीनी हकीकत से रूबरू कराया. इसके बाद उन्होंने काशी हिंदू विश्वविद्यालय में बीए में प्रवेश लिया और वहीं से एमए की पढ़ाई भी पूरी की, जहां उन्हें प्रवेश परीक्षा में 24वीं रैंक मिली थी.
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