यूपी : ओडीओपी योजना से बदली कारीगरों की तकदीर, 3.16 लाख लोगों को मिला रोजगार
लखनऊ, 12 फरवरी (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शुरू की गई ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ओडीओपी) योजना प्रदेश की अर्थव्यवस्था में संरचनात्मक बदलाव का माध्यम बनकर उभरी है। वर्ष 2018 में प्रारंभ की गई इस पहल ने पारंपरिक कारीगरों और स्थानीय उत्पादों को न केवल नई पहचान दी, बल्कि उन्हें बाजार, प्रशिक्षण और वित्तीय संबल भी उपलब्ध कराया।
सरकार की ओर से अब तक 1,31,000 कारीगरों को निःशुल्क प्रशिक्षण एवं टूल किट प्रदान की जा चुकी है। योजना के अंतर्गत कारीगरों को मुख्यमंत्री दुर्घटना बीमा योजना के तहत पांच लाख रुपये तक की सुरक्षा भी दी जा रही है।
प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने बजट सत्र 2026-27 में प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शुरू हुई इस योजना ने प्रदेश के पारंपरिक कारीगरों और उत्पादकों को नई पहचान दी है। यह योजना परंपरागत उत्पादों को प्रोत्साहन देने, कारीगरों को प्रशिक्षण, टूल किट और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रभावी रूप से संचालित हो रही है। उन्होंने बताया कि सहारनपुर जनपद में 2,275 कारीगरों को उन्नत टूल किट उपलब्ध कराई गई, जबकि 454 हस्तशिल्पियों को 16.26 करोड़ रुपए की मार्जिन मनी वितरित की गई।
उन्होंने बताया कि आर्थिक दृष्टि से भी ओडीओपी योजना ने उल्लेखनीय प्रभाव डाला है। वर्ष 2017-18 में प्रदेश का निर्यात 86 हजार करोड़ रुपए था, जो बढ़कर 1.84 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। इसमें लगभग 50 प्रतिशत योगदान ओडीओपी एवं हस्तशिल्प उत्पादों का बताया गया है। वर्ष 2018 से अब तक इस योजना के माध्यम से 3,16,000 लोगों को रोजगार सृजित हुआ है।
वित्तीय प्रतिबद्धता भी इस योजना के प्रति सरकार की गंभीरता को दर्शाती है। पिछले बजट में 145 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया था, जिसमें से 135 करोड़ रुपए की मार्जिन मनी वितरित की जा चुकी है। चालू वित्तीय वर्ष में इसे बढ़ाकर 200 करोड़ रुपए कर दिया गया है। साथ ही प्रदेश के 79 उत्पादों को जीआई टैग प्राप्त होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रांडिंग को मजबूती मिली है।
उन्होंने कहा कि ओडीओपी केवल आर्थिक योजना नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक पुनर्जागरण का अभियान है। आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से कारीगरों को स्वास्थ्य सुरक्षा और शिक्षा सुविधाओं से भी जोड़ा गया है। इसके साथ ही ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन व्यंजन’ जैसी नई पहल स्थानीय पहचान को और व्यापक मंच देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं।
--आईएएनएस
एसके/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
नेपाल को चुनावी तैयारियों के लिए भारत ने सौंपी तीसरी खेप, 270 से अधिक वाहन भेंट
काठमांडू, 12 फरवरी (आईएएनएस)। भारत सरकार ने नेपाल को चुनाव संबंधी सहायता की तीसरी खेप औपचारिक रूप से सौंप दी। यह सहायता काठमांडू स्थित नेपाल के गृह मंत्रालय में आयोजित कार्यक्रम में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने नेपाल के गृह मंत्री ओम प्रकाश अर्याल को प्रदान की।
इस तीसरी खेप में 270 से अधिक वाहन और अन्य सामग्री शामिल हैं। इनमें नेपाली सेना के लिए 50 ट्रक भी शामिल हैं। नेपाली सेना के लिए ट्रकों को सेना प्रमुख जनरल अशोक राज सिग्देल ने भारतीय राजदूत से प्राप्त किया। यह सहायता नेपाल द्वारा आगामी चुनावों की तैयारियों के लिए किए गए अनुरोध के अनुरूप दी गई है।
कार्यक्रम में गृह मंत्री ओम प्रकाश अर्याल ने समय पर और महत्वपूर्ण सहायता के लिए भारत सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने भारत और नेपाल के बीच आपसी विश्वास, मित्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित व्यापक और परस्पर लाभकारी सहयोग की सराहना की।
इससे पहले चुनाव संबंधी सहायता की पहली दो खेप, जिनमें 310 से अधिक वाहन और अन्य सामग्री शामिल थीं, 20 जनवरी और 29 जनवरी 2026 को नेपाल को सौंपी जा चुकी हैं। आने वाले दिनों में कुछ अतिरिक्त सामग्री भी चरणबद्ध तरीके से प्रदान की जाएगी।
भारत की ओर से जारी यह सहयोग दोनों देशों के बीच बहुआयामी और बहु-क्षेत्रीय विकास साझेदारी को दर्शाता है। साथ ही, यह भारत और नेपाल की जनता के बीच गहरे आपसी विश्वास और मित्रता का प्रतीक भी है।
बता दें कि नेपाल सरकार के अनुरोध पर भारत 2008 से ही, जब पहली संविधान सभा के चुनाव हुए थे, चुनाव संबंधी सहायता प्रदान करता आ रहा है।
सितंबर में हुए जेन-जी विरोध प्रदर्शनों के दौरान सैकड़ों सरकारी वाहन क्षतिग्रस्त हो गए थे। सरकार द्वारा गठित एक समिति के अनुसार, इन प्रदर्शनों में कुल 8,430 सरकारी वाहन क्षतिग्रस्त हुए। ऐसे में भारत द्वारा उपलब्ध कराए गए वाहनों से नेपाल सरकार को लॉजिस्टिक चुनौतियों से निपटने में काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
--आईएएनएस
डीएससी
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