NITI Aayog की राज्यों को सलाह, Data Center को रणनीतिक बुनियादी ढांचा मानकर बनाएं नीतियां
नीति आयोग ने बुधवार को कहा कि डेटा सेंटर को केवल निवेश परियोजनाओं के रूप में नहीं, बल्कि रणनीतिक बुनियादी ढांचे के रूप में देखा जाना चाहिए। आयोग ने ‘सतत विकास की योजना बनाने में राज्यों की मदद के लिए डेटा सेंटर मूल्यांकन रूपरेखा’ शीर्षक से जारी रिपोर्ट में कहा कि केंद्र सरकार के साझा मानक, प्रारूप और मार्गदर्शन से सभी राज्यों में डेटा केंद्रों के विकास को बढ़ावा मिल सकता है। इसमें कहा गया कि डेटा सेंटर के विकास को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय प्रणालियों की सुरक्षा, जनहित में मापने योग्य लाभ सुनिश्चित करने और परियोजना के पूरे जीवनचक्र के दौरान स्पष्ट जवाबदेही बनाए रखने के लिए व्यावहारिक दिशा-निर्देशों की जरूरत है।
रिपोर्ट में डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए तैयारी से जुड़ी कमियों की पहचान करने, जिम्मेदार इकाई और काम पूरा करने की समयसीमा तय करने के साथ ही परियोजना के पूरे जीवनचक्र तथा उसे बंद करने की योजना बनाने पर जोर दिया गया है। नीति आयोग के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अनुराग जैन ने रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि अच्छी बात यह है कि सभी राज्य डेटा सेंटर को आकर्षित करने के लिए नीतियां बना रहे हैं। जैन ने कहा, ‘‘मेरी जानकारी के अनुसार, नौ या दस राज्यों ने शुरुआती रुचि दिखाई है।’’ भारत उन देशों में शामिल है, जिन्होंने सतत विकास का रास्ता अपनाया है।
भारत में डेटा सेंटर का बढ़ता क्षेत्र निवेश आकर्षित करने, देश की तेजी से बढ़ती कृत्रिम मेधा (एआई) अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और घरेलू प्रौद्योगिकी क्षमताओं के विकास का अवसर प्रदान करता है। हालांकि, डेटा केंद्र परियोजनाओं के लिए बड़ी मात्रा में बिजली, पानी, जमीन और संबंधित बुनियादी ढांचे की भी जरूरत होती है। राज्यों को प्रस्तावित निवेश से मिलने वाले आर्थिक लाभ के साथ इन जरूरतों का आकलन करने के लिए एक व्यवस्थित दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है।
DGCA ने उड़ानों में Mobikins MK PB 04 पावर बैंक ले जाने पर लगाई रोक
नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने उड़ानों में पावर बैंक के एक विशेष मॉडल के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है। डीजीसीए ने 29 सितंबर को जारी एक सूचना में पावर बैंक में आग लगने की हाल की घटना का हवाला देते हुए ‘मोबिकिन्स एमके-पीबी-04’ पावर बैंक को ले जाने और उपयोग करने पर रोक लगा दी है। इस घटना के विस्तृत ब्योरे या पावर बैंक बनाने वाली कंपनी के बारे में फिलहाल जानकारी नहीं मिल सकी है।
डीजीसीए ने कहा कि पावर बैंक में आग लगने की हाल की घटना और उससे जुड़े संभावित सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए इसे भारत से आने-जाने वाली या देश के भीतर संचालित किसी भी उड़ान में विमान पर ले जाने या उपयोग करने की अनुमति नहीं होगी। यह प्रतिबंध यात्रियों के सामान (पंजीकृत और केबिन सामान सहित) तथा माल के रूप में ले जाने पर भी लागू होगा। उड़ानों में पावर बैंक में आग लगने की घटनाएं पहले भी सामने आई हैं।
सूत्रों के अनुसार, 11 अक्टूबर को चेन्नई जा रहे इंडिगो के एक विमान में ऊपर सामान रखने वाली जगह पर रखे एक यात्री के पावर बैंक में आग लग गई थी। इसके बाद विमान का मार्ग बदलकर उसे हैदराबाद हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतारा गया।
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