ब्रह्मोस के साथ CM योगी की तस्वीर के क्या मायने, नई कवर इमेज में दिखी सफलता की झलक
उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने भारी-भरकम बजट पेश करने के बाद अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की कवर फोटो को बदल दिया है. इस नई इमेज में सीएम ब्रह्मोस मिसाइल के साथ सिखाई दे रहे हैं. सीएम ने एक्स और फेसबुक हैंडल दोनों पर ही नई कवर इमेज को लगाया है. डिफेंस कॉरिडोर के निर्माण के बाद अब लखनऊ में ब्रह्मोस का निर्माण हो रहा है. यह तस्वीर उसी की सफलता को दर्शाता है. तस्वीर से साफ है कि सीएम योगी यूपी के विकास और क्षमता को दर्शाने का प्रयास कर रहे हैं. यह उनके शासनकाल की बड़ी सफलता है. माना जा रहा है कि सीएम योगी न केवल उत्तर प्रदेश की आर्थिक प्रगति, बल्कि सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन गया है.
छवि को काफी मजबूत किया
विशेषज्ञों का कहना है कि बजट में महिलाओं किसानों और बुनियादी ढांचे पर जोर देने की बाद, इस कवर इमेज के माध्यम से अपनी छवि को काफी मजबूत किया है. राज्य अत्याधुनिक हथियारों का निर्माण केंद्र बन चुका है.
आधुनिक इंफ्रांस्ट्रक्चर की झलक दिखाने का प्रयास
बुधवार को पेश किए 9.12 लाख करोड़ रुपये के बजट में प्रदेश की कानून-व्यवस्था और औद्योगिक विकास को लेकर बड़ा दांव खेला गया. नई प्रोफाइल और कवर फोटो में इस तरह के बदलाव का प्रतीक माना गया है. तस्वीर में मिसाइल के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के आधुनिक इंफ्रांस्ट्रक्चर की झलक दिखाने का प्रयास किया है.
योगी का ड्रीम प्रोजेक्ट है
आपको बता दें कि लखनऊ में ब्रह्मोस नेक्स्ट जनरेशन मिसाइल का निर्माण कार्य तेजी से हो रहा है. यह सीएम योगी का ड्रीम प्रोजेक्ट है. यह तस्वीर दुनिया को यह संदेश देती है कि जिस राज्य को पिछड़ा कहा जाता है, वह विश्व स्तर पर हथियार बनाने की क्षमता रखता है.
विदेश मंत्रालय ने वैश्विक समझौते के तहत सुरक्षित, व्यवस्थित और नियमित प्रवासन पर राष्ट्रीय परामर्श बैठक आयोजित की
नई दिल्ली, 12 फरवरी (आईएएनएस)। विदेश मंत्रालय ने अंतर्राष्ट्रीय प्रवासन संगठन (आईओएम) और भारतीय वैश्विक परिषद (आईसीडब्ल्यूए) के सहयोग से सुरक्षित, व्यवस्थित और नियमित प्रवासन (जीसीएम) पर राष्ट्रीय परामर्श बैठक का आयोजन किया।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी। बताया कि 9 फरवरी को हुई ये परामर्श बैठक मई 2026 में होने वाले दूसरे अंतर्राष्ट्रीय प्रवासन समीक्षा मंच (आईएमआरएफ) के लिए भारत की तैयारी का हिस्सा है।
उद्घाटन सत्र में सीपीवी और ओआईए सचिव श्रीप्रिया रंगनाथन, संयुक्त राष्ट्र के निवासी समन्वयक स्टीफन प्रीसनर, विदेश विभाग के अतिरिक्त सचिव प्रशांत पिसे और आईओएम इंडिया के कार्यालय प्रमुख संजय अवस्थी उपस्थित थे।
बैठक में केंद्र और राज्य सरकार के मंत्रालयों, अंतर्राष्ट्रीय संगठनों, शिक्षाविदों, सिविल सोसाइटी और निजी क्षेत्र के प्रतिनिधि शामिल हुए। यहां नियमित प्रवासन से संबंधित भारत की पहलों, अनुभवों और उभरती प्राथमिकताओं को साझा करने पर भी चर्चा हुई।
परामर्श तीन व्यापक विषयगत क्षेत्रों पर केंद्रित था: स्वैच्छिक, सुरक्षित, व्यवस्थित और नियमित प्रवासन सुनिश्चित करना; प्रवासियों के लिए संरक्षण, एकीकरण और सतत विकास परिणामों को सुदृढ़ करना; और प्रवासन पर मूल्य-आधारित, साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना।
विचार-विमर्श में भारत की उन पहलों पर प्रकाश डाला गया जो जीसीएम के अधिकांश उद्देश्यों के अनुरूप हैं, जिनमें निष्पक्ष और नैतिक भर्ती, नियमित प्रवासन मार्गों को सुगम बनाना, प्रवासी कल्याण और शिकायत निवारण, लौटने वाले प्रवासियों का कौशल मानचित्रण, प्रवासी समुदाय की भागीदारी और डेटा-आधारित नीतिगत समर्थन शामिल हैं।
भारत 2018 में ही सुरक्षित, व्यवस्थित और नियमित प्रवासन के वैश्विक समझौते में शामिल हुआ, और 2022 में हुए पहले अंतर्राष्ट्रीय प्रवासन समीक्षा मंच में हिस्सा लिया।
विदेश मंत्रालय ने ये भी बताया कि इस मौके पर प्रयास मैपिंग रिपोर्ट का विमोचन किया गया। यह रिपोर्ट आईओएम इंडिया की एमईए और आईसीडब्ल्यूए पार्टनरशिप का हिस्सा है। प्रयास भारत के कुशल युवाओं और छात्रों के माइग्रेशन पर फोकस करती है ताकि वे सुरक्षित और असरदार तरीके से विदेश में मिलने वाले अवसरों का लाभ उठा सकें।
--आईएएनएस
केआर/
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