वैशाली के Raghopur में नाव हादसे पर Chirag Paswan सख्त, दोषियों पर होगी कार्रवाई
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बिहार के वैशाली ज़िले में नाव पलटने की घटना में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की चेतावनी दी। इस हादसे में 15 साल या उससे कम उम्र के कम से कम 13 बच्चों की मौत हो गई। यह दुखद घटना राघोपुर दियारा इलाके में हुई और बुधवार को मारे गए बच्चों के शवों को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया जा रहा था। पासवान ने कहा कि केंद्र और बिहार सरकारें यह सुनिश्चित करेंगी कि प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द हर संभव मदद मिले।
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नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल का दौरा करते हुए, उन्होंने बचाए गए बच्चों से मुलाक़ात की और उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने इस मुश्किल समय में सही इलाज और मदद के महत्व पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि हम इस पक्के इरादे के साथ यहाँ आए हैं कि भर्ती बच्चों के इलाज में कोई कमी न रहे। हमने बुरे से बुरे सपने में भी कभी नहीं सोचा था कि ऐसी दिल दहला देने वाली घटना होगी, जिसमें इतने सारे मासूम बच्चों की जान चली जाएगी।
हाजीपुर के सांसद ने कहा कि सोमवार देर रात घटना की खबर मिलने के बाद से ही वे स्थानीय प्रशासन और प्रभावित परिवारों के संपर्क में हैं। उन्होंने इस बात की जांच की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया कि क्या इसमें कोई लापरवाही हुई है, क्योंकि ऐसी शिकायतें मिली हैं कि नाव की मांग की गई थी लेकिन वह उपलब्ध नहीं कराई गई। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा हुआ है, तो ज़िम्मेदार अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।
पासवान ने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह समझना ज़रूरी है कि इतने सारे बच्चे बिना किसी प्रशासनिक निगरानी के देर रात नदी क्यों पार कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सच्चाई सामने आने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने माना कि बचाव कार्यों में ज़्यादा से ज़्यादा बच्चों को बचाने पर ध्यान दिया गया, लेकिन अफ़सोस जताया कि जिन लोगों की जान चली गई, उन्हें वापस नहीं लाया जा सकता। उन्होंने कहा कि हम इस मुश्किल समय में उनके परिवारों को हिम्मत और हौसला देने के लिए यहां आए हैं।
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उन्होंने घायलों के इलाज और परिवारों की मदद सुनिश्चित करने में दोनों सरकारों की त्वरित ज़िम्मेदारी पर ज़ोर देते हुए कहा कि चाहे केंद्र सरकार हो या राज्य सरकार, दोनों को अपनी भूमिका पूरी तत्परता से निभानी चाहिए। मेरी कोशिश यही रहेगी। पासवान ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घटना की जानकारी दे दी गई है और उन्होंने इस त्रासदी पर दुख और संवेदना व्यक्त की है।
DPI और AI पर भारत के साथ सहयोग बढ़ाएगा Norway, पीएम मोदी के दौरे का दिखा असर
नॉर्वे भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) में मिली सफलता से सीखना चाहता है। भारत में डिजिटल कनेक्टिविटी और सेवाओं तक पहुंच का दायरा दुनिया के लिए एक मिसाल है। यह बात भारत में नॉर्वे के डिप्टी एंबेसडर अरविन गैडगिल ने कही। बुधवार को दिल्ली में रॉयल नॉर्वेजियन एंबेसी की ओर से आयोजित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इवेंट के दौरान एएनआई से बात करते हुए गैडगिल ने लोगों को डिजिटल सेवाओं से जोड़ने में भारत की उपलब्धियों का ज़िक्र किया और कहा कि नॉर्वे ने डिजिटल क्षेत्र में भारत के साथ सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग किया है। गैडगिल ने कहा कि डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर जिस तरह से लोगों को डिजिटल सेवाओं से जोड़ा गया है। वह दुनिया में बेमिसाल है। भारत जितना बड़ा दायरा और कहीं नहीं है। और यही वह चीज़ है जिससे हम सीखना चाहते हैं और असल में हमने इस पर भारत के साथ सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग भी किया है। उन्होंने दोनों देशों के बीच मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर साइन होने को खुशी का पल बताया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओस्लो यात्रा के बाद दोनों देशों के आपसी संबंध और मज़बूत हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए खुशी का पल था और प्रधानमंत्री की ओस्लो यात्रा के परिणामस्वरूप नॉर्वे और भारत के बीच द्विपक्षीय संबंध और मजबूत हुए हैं। हम मूल रूप से भारत की सफलता को समझने के तरीके खोजना चाहते हैं।
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते असर के बारे में बात करते हुए गाडगिल ने कहा कि नई टेक्नोलॉजी इंसानियत और सरकारों, दोनों के लिए बड़े मौके और चुनौतियां लेकर आई हैं। उन्होंने कहा कि हम इंसानी इतिहास के एक बहुत अहम मोड़ पर हैं, जहां हमारे अस्तित्व पर ही उन टेक्नोलॉजी की वजह से सवाल उठ रहे हैं जिन्हें हम अपना रहे हैं। ये हमारे लिए शानदार तोहफ़े तो लाएंगी ही, साथ ही ऐसे खतरे और मुश्किलें भी लाएंगी जिनसे निपटना इंसानों और सरकारों, दोनों के लिए मुश्किल होगा। इसलिए, इस बारे में बातचीत करने के लिए सबसे काबिल लोगों को एक साथ लाना ज़रूरी है कि हम इसे और बेहतर तरीके से कैसे कर सकते हैं। ये बातें ऐसे समय में कही गई हैं जब भारत और नॉर्वे टेक्नोलॉजी, व्यापार, निवेश और सस्टेनेबल डेवलपमेंट के क्षेत्रों में आपसी सहयोग को और मज़बूत करने की कोशिश कर रहे हैं। इससे पहले, 7 अक्टूबर को MEA के सेक्रेटरी (वेस्ट) सिबी जॉर्ज ने नई दिल्ली में नॉर्वे की स्टेट सेक्रेटरी एस्ट्रिड बर्गमाल से मुलाकात की थी। इस मुलाकात में भारत-नॉर्वे ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप को मज़बूत करने, भारत-यूरोपियन फ्री ट्रेड एसोसिएशन (EFTA) फ्रेमवर्क के तहत व्यापार और निवेश संबंधों को बढ़ाने, और मछली पालन व आर्कटिक क्षेत्र में सहयोग का दायरा बढ़ाने पर चर्चा हुई थी।
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मई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नॉर्वे यात्रा के दौरान, दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को 'ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' के स्तर तक बढ़ाया और भविष्य में सहयोग के लिए एक संयुक्त कार्य योजना तैयार करने पर सहमति व्यक्त की।
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