CJP को विदेशी फंडिंग के आरोपों पर MEA ने दिया जवाब, Saudi Arabia पर हमले की निंदा की, Canada पर भी दिया बड़ा बयान
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में विभिन्न मुद्दों पर पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए सऊदी अरब में अरामको मुख्यालय पर हमले की कड़ी निंदा की और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर अहम जानकारी दी। इसी दौरान प्रभासाक्षी की ओर से अमेरिकी गायिका मैरी मिलिबेन के उस सोशल मीडिया पोस्ट पर भी सवाल पूछा गया, जिसमें उन्होंने भारत के युवाओं से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में आवाज उठाने की अपील की थी। हम आपको बता दें कि मिलिबेन ने अपने पोस्ट में आरोप लगाया था कि अमेरिका में कुछ दानदाता प्रधानमंत्री मोदी के विरोध में काम करने वाले लोगों को आर्थिक मदद दे रहे हैं और भारत में अशांति पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने युवाओं से ऐसे कथित प्रयासों के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से संगठित होने का आह्वान किया। इस पोस्ट पर पूछे गए सवाल के जवाब में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि “यह टिप्पणी हमने अभी देखी नहीं है।'' प्रभासाक्षी के एक अन्य सवाल के जवाब में प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अमेरिकी अरबपति एलन मस्क की ओर से भारत सरकार पर लगाये जा रहे आरोपों को भी बेबुनियाद बताया।
रणधीर जायसवाल ने एक अन्य प्रश्न का जवाब देते हुए कहा कि सऊदी अरब में नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर किए जा रहे हमले पूरी तरह अस्वीकार्य हैं। अरामको मुख्यालय पर हुए हमले समेत लगातार हो रहे हमलों की कड़ी निंदा करते हुए भारत ने इन्हें तत्काल रोकने की मांग की है। भारत ने सऊदी अरब की संप्रभुता की रक्षा के लिए वहां की सरकार और जनता के साथ एकजुटता जताई तथा क्षेत्र में शांति और सामान्य स्थिति बहाल होने की उम्मीद व्यक्त की।
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जायसवाल ने बताया कि सऊदी अरब में भारतीय दूतावास वहां रह रहे भारतीय नागरिकों के लगातार संपर्क में है और उनकी सुरक्षा के लिए परामर्श जारी कर रहा है। उल्लेखनीय है कि हवाई अड्डों पर हमलों के कारण उड़ान सेवाएं प्रभावित हुई हैं, जिसका असर विशेष रूप से रियाद, दम्माम, मदीना और जेद्दा आने-जाने वाली भारतीय विमानन कंपनियों की उड़ानों पर पड़ा है। दूतावास यात्रियों और फंसे हुए लोगों को लगातार अपडेटेड जानकारी उपलब्ध करा रहा है।
उन्होंने 10 अक्टूबर को हुए हमले में घायल भारतीयों का ब्योरा देते हुए कहा कि 12 लोग घायल हुए थे, जिनमें से एक की दुर्भाग्यवश मौत हो गई। परिवार की इच्छा के अनुसार रियाद में ही उनका अंतिम संस्कार कराया गया। शेष 11 घायलों में से तीन को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है, जबकि आठ का इलाज जारी है। इनमें चार आईसीयू में भर्ती हैं। दूतावास के अधिकारी घायलों और उनके परिवारों के संपर्क में हैं।
ईरान के साथ बातचीत में भारतीय नाविकों और टैंकरों की सुरक्षा पर जोर
इसके अलावा, भारत और ईरान के बीच सुरक्षा संबंधी संवाद पर जायसवाल ने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने 12 अक्टूबर को ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव डॉ. मोहसिन रेजाई से बातचीत की। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय स्थिति और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा की। इस दौरान भारतीय नाविकों और भारतीय टैंकरों की सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया।
भारत-कनाडा व्यापार वार्ता को आगे बढ़ाने की तैयारी
इसके अलावा, भारत और कनाडा के संबंधों पर प्रवक्ता ने कहा कि कनाडा के व्यापार मंत्री की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई है। ओटावा में वार्ता का पांचवां दौर भी आयोजित हो चुका है। उन्होंने कहा कि दोनों प्रधानमंत्रियों की बातचीत में व्यापार, निवेश, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और सुरक्षा समेत रणनीतिक साझेदारी के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई है। द्विपक्षीय संबंधों में सकारात्मक गति दिखाई दे रही है।
बांग्लादेश को मुद्दे सुलझाने की अपेक्षा, BIMSTEC में आतंकवाद पर सहयोग
साथ ही बांग्लादेश से जुड़े एक सवाल पर जायसवाल ने कहा कि भारत को अपेक्षा है कि संबंधित मुद्दों का समाधान बांग्लादेशी पक्ष की ओर से किया जाएगा। वहीं, भारत की मेजबानी में आयोजित BIMSTEC गृह मंत्रियों की वार्ता के बाद दिल्ली घोषणा-पत्र अपनाया गया। इसमें आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई, मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक और धनशोधन विरोधी सहयोग को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
दिल्ली प्रदर्शन पर संयुक्त राष्ट्र की टिप्पणी को बताया अनुचित
इसके अलावा, दिल्ली में प्रदर्शन को लेकर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) की टिप्पणियों पर भारत ने कड़ा ऐतराज जताया। जायसवाल ने इन्हें अनुचित और अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि ऐसी टिप्पणियां भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप के समान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि संगठन का रवैया चुनिंदा मुद्दों पर प्रतिक्रिया देने वाला है। उनके मुताबिक, इस तरह का दृष्टिकोण बहुपक्षवाद में विश्वास को कमजोर करने के साथ संगठन की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े करता है।
CM Yogi ने SP के PDA को बताया Parivar Development Authority, साधा तीखा निशाना
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को समाजवादी पार्टी (SP) पर तीखा हमला किया। उन्होंने पार्टी के 'PDA' नारे का मज़ाक उड़ाते हुए इसे Parivar Development Authority कहा और आरोप लगाया कि पार्टी राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन में परिवारवाद को बढ़ावा देती है। वाराणसी में शिक्षकों और ग्रेजुएट के लिए होने वाले आगामी विधान परिषद चुनावों के प्रचार कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, CM योगी ने सवाल किया कि पिछड़े वर्गों, दलितों और अल्पसंख्यकों के हितों की वकालत करने का दावा करने के बावजूद SP अन्य समुदायों को उचित प्रतिनिधित्व देने में क्यों नाकाम रही।
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मुख्यमंत्री संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित एक सभा को संबोधित कर रहे थे। यह सभा BJP उम्मीदवारों - शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे डॉ. प्रबोध मिश्रा और वाराणसी ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे केदार नाथ सिंह - के समर्थन में आयोजित की गई थी। उन्होंने शिक्षकों और ग्रेजुएट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवारों का समर्थन करने की अपील की और इन दोनों वर्गों को समाज का पूरक स्तंभ बताते हुए कहा कि वे सतर्क अभिभावकों की भूमिका निभाते हैं।
राज्यसभा चुनावों का ज़िक्र करते हुए, मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि BJP ने 10 में से आठ सीटें जीतीं, जबकि SP को दो सीटें मिलीं। उन्होंने पार्टी के 'PDA' नारे के प्रति उसकी प्रतिबद्धता पर सवाल उठाए। मुख्यमंत्री ने खास तौर पर राम गोपाल यादव के नामांकन का ज़िक्र करते हुए आरोप लगाया कि SP ने काशी, बलिया या पूर्वी उत्तर प्रदेश के किसी अन्य हिस्से से किसी दूसरे यादव नेता को मौका नहीं दिया। उन्होंने पार्टी के दूसरे उम्मीदवार के चयन की भी आलोचना की और टिकट बंटवारे में SP पर पक्षपात का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जो पार्टी हाशिए पर मौजूद समुदायों का प्रतिनिधित्व करने का दावा करती है, उसे अपने परिवार और पसंदीदा उम्मीदवारों को प्राथमिकता देने के बजाय ज़्यादा से ज़्यादा नेताओं को मौका देना चाहिए।
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पिछली SP सरकार पर निशाना साधते हुए CM योगी ने आरोप लगाया कि उसने शिक्षा को नज़रअंदाज़ किया, चुनिंदा संस्थानों को फ़ायदा पहुँचाया और नौकरी चाहने वाले युवाओं के लिए मुश्किलें खड़ी कीं। CM योगी ने कहा कि जो लोग ख़ुद शिक्षा के ख़िलाफ़ हैं, जिनका इससे कोई लेना-देना नहीं है, जो माफ़िया का साथ देते हैं और उनकी मौत के बाद उनकी कब्रों पर आँसू बहाते हैं, और जिन्हें सिर्फ़ अपने परिवार की चिंता है, उनसे हम क्या उम्मीद कर सकते हैं? वे शिक्षा और शिक्षकों के लिए क्या करेंगे?
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