CM Pushkar Singh Dhami का Drug-Free Mission: Uttarakhand में Tobacco Products पर लगा Ban
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार ने गुटखा, पान मसाला और तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर एक साल का प्रतिबंध लगा दिया है। उन्होंने नशे की लत पर रोक लगाने और युवा पीढ़ी को बचाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। इस फ़ैसले के बारे में बताते हुए धामी ने कहा कि इस मामले की हर साल समीक्षा की जाती है और नशीले पदार्थों के बुरे असर को देखते हुए इनके इस्तेमाल पर रोक लगाने वाले कदम उठाना ज़रूरी है।
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उन्होंने कहा कि हर साल इसकी समीक्षा की जाती है और समीक्षा के बाद यह नतीजा निकलता है कि इन सभी चीज़ों को रोका जाना चाहिए। नशीले पदार्थों के बुरे असर हम सभी जानते हैं और उन पर रोक लगनी चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी यह साफ़ लक्ष्य और संकल्प है कि देश की नई पीढ़ी को नशे की लत के कारण गलत रास्ते पर जाने से बचाया जाए। अगर नई पीढ़ी गलत रास्ते पर जाती है, तो निश्चित रूप से देश के भविष्य पर बुरा असर पड़ेगा। उत्तराखंड देवताओं की भूमि है और हम हर स्तर पर इस कोशिश को आगे बढ़ा रहे हैं।
अधिकारियों के साथ हुई एक हाई-लेवल मीटिंग में प्रशासनिक उपायों पर चर्चा करते हुए धामी ने कहा कि सरकार मॉनसून के बाद हालात सामान्य करने, सड़कों की मरम्मत करने और ज़मीनी स्तर पर लोगों से ज़्यादा जुड़कर उनकी शिकायतों को दूर करने पर ध्यान देगी। धामी ने कहा कि उत्तराखंड में मॉनसून के बाद का समय कई चुनौतियां लेकर आता है; सड़कें खराब हो जाती हैं और रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर असर पड़ता है... हमें अपने प्रशासनिक तंत्र को फिर से पटरी पर लाना होगा। 'जन चौपाल' और 'तहसील दिवस' जैसी पहल शुरू करने की ज़रूरत है। BDC (ब्लॉक डेवलपमेंट काउंसिल) की बैठकों का शेड्यूल तैयार करके बैठकें आयोजित की जानी चाहिए। 'रात्रि चौपाल' का आयोजन होना चाहिए। अधिकारियों को फील्ड में रहकर छोटी-छोटी समस्याओं पर तुरंत ध्यान देना चाहिए और उनका समाधान करना चाहिए... युवाओं को आगे बढ़ने के मौके दिए जाने चाहिए। सीमावर्ती इलाकों में—जिस पर हम अभी काम कर रहे हैं—सरकार कैबिनेट के फैसलों और नीति से जुड़े अन्य अहम मामलों के बारे में लोगों से सीधे बातचीत कर रही है... हमने इन सभी मुद्दों पर चर्चा की।
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आगामी विधानसभा सत्र के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार विपक्ष द्वारा उठाए जाने वाले मुद्दों का जवाब देने के लिए तैयार है, साथ ही उन्होंने विपक्ष से अहम मुद्दे उठाने का आग्रह भी किया। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि विपक्ष जो भी मुद्दे उठाएगा, अगर वे सही होंगे, तो उनका सकारात्मक जवाब दिया जाएगा। विपक्ष को अहम मुद्दे उठाने चाहिए; जहाँ तक उन दावों की बात है जिनका कोई आधार नहीं है और जो सिर्फ़ गुमराह करने वाले हैं—सरकार हर तरह के उठाए गए मुद्दों का जवाब देने के लिए तैयार है।
NSUI कार्यकर्ताओं पर कथित लाठीचार्ज, Rahul Gandhi बोले- भारत की आवाज दबा नहीं सकते
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पार्टी के छात्र संगठन एनएसयूआई से जुड़े कुछ प्रदर्शनकारियों की पुलिस द्वारा कथित तौर पर पिटाई किए जाने को लेकर बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि दोनों नेता ‘‘भारत की आवाज’’ के खिलाफ खड़े हैं। राहुल गांधी कुछ प्रदर्शनकारियों के साथ मीडिया से मुखातिब हुए, जिन्हें दिल्ली में मंगलवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा कथित तौर पर पीटे जाने के कारण चोट आई है। गांधी ने इन छात्रों की ओर इशारा करते हुए संवाददाताओं से कहा, ‘‘जैसा कि मैंने अपनी प्रेस वार्ता में कहा था, अपने चारों ओर देखिए।
यह भारत है। अमित शाह जी, इसे ध्यान से देखिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यहां कोई हिंदू, कोई मुसलमान, कोई जाति, कोई महिला या कुछ और नहीं है। यहां सिर्फ एक आवाज, एक विरोध है और वह भारत की आवाज है।’’ लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने गृह मंत्री को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘आप इस आवाज के खिलाफ खड़े हैं।
प्रधानमंत्री भी इस आवाज के खिलाफ खड़े हैं। मेरी आपको सलाह है कि इसके खिलाफ खड़े न हों। इस आवाज के खिलाफ कोई खड़ा नहीं हो सकता।’’ गांधी ने इस दौरान केरल की निवासी और दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ने वाली छात्रा आथिरा का उल्लेख करते हुए दावा किया कि पुलिस कार्रवाई के कारण उसके एक कान की सुनने की क्षमता चली गई है।
उन्होंने कहा, ‘‘केरल की आथिरा के एक कान की सुनने की क्षमता चली गई है। उसके कान पर चोट मारी गई थी और अब वह उस कान से सुन नहीं सकती।’’ कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘पिछली बार मैंने आपको एक लड़का दिखाया था जिसकी आंखों की रोशनी चली गई थी। अब आथिरा एक कान से सुन नहीं सकती।’’ आथिरा ने आरोप लगाया कि मंगलवार को जब प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया तो जिस बस में उन्हें ले जाया गया, उसमें कोई महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी।
छात्रा के मुताबिक, उसने पुलिसकर्मियों से सवाल किया कि महिला पुलिस अधिकारी या महिला कांस्टेबल कहां हैं क्योंकि हिरासत में लेने की स्थिति में कम से कम एक महिला पुलिसकर्मी की मौजूदगी जरूरी है। अथिरा ने आरोप लगाया कि इसके बाद बस चली और कनॉट प्लेस पुलिस थाने के सामने रुकी, जहां उसके चेहरे पर मारा गया। उसने कहा, ‘‘इसकी वजह से मेरी आंख में चोट लगी है और कान को भी नुकसान पहुंचा है।’’ गांधी ने पुलिसकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि वह उनसे ‘‘प्यार और दिल से’’ एक बात कहना चाहते हैं कि उन्होंने सभी छात्रों से घटनाओं के वीडियो बनाने और साक्ष्य सुरक्षित रखने को कहा है।
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘मैं हर छात्र से वीडियो बनाने और हमें भी साक्ष्य भेजने को कह रहा हूं। जब यह पूरा मामला खत्म होगा तो हम सभी साक्ष्यों का इस्तेमाल करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि जो जवाबदेह हैं, उन्हें दंडित किया जाए।’’
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