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खेतों में बोरिंग करवाने में कितना आता है खर्च? जानिए पूरी डिटेल और जरूरी सावधानियां
खेती में समय पर सिंचाई न हो तो फसल की पैदावार पर सीधा असर पड़ता है. बिहार में अनियमित मानसून और कम बारिश के कारण अब कई किसान बोरवेल (बोरिंग) के जरिए पटवन की व्यवस्था कर रहे हैं. हालांकि बोरिंग करवाने से पहले उसकी गहराई, पानी की गुणवत्ता, मोटर की क्षमता और कुल खर्च जैसी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. सही योजना के साथ बोरिंग और ड्रिप सिंचाई अपनाकर किसान पानी की बचत करते हुए बेहतर उत्पादन हासिल कर सकते हैं.
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