फ्लाईदुबई विमान क्रैश साजिश में नया मोड़, दो और पायलट गिरफ्तार; जांच के घेरे में क्रू मेंबर्स भी
फ्लाईदुबई एयरलाइन के विमान को कथित तौर पर क्रैश कराने की कोशिश के मामले में दो और पायलटों की गिरफ्तारी की खबर सामने आई है. दोनों पायलट मालदीव के नागरिक हैं और फ्लाईदुबई में काम करते हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, दुबई पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया है. उन पर ओमान के को-पायलट हमाम अल-हम्मामी के साथ मिलकर कथित साजिश रचने का शक है. बताया जा रहा है कि दोनों पायलट पहले इजरायल भी जा चुके हैं. हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक उनकी भूमिका को लेकर कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी है और न ही उन पर सार्वजनिक रूप से आरोप तय किए गए हैं.
मालदीव के दो पायलटों की गिरफ्तारी से बढ़ा शक
मालदीव के न्यूज आउटलेट अधाधु की रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात में मालदीव के दूतावास ने दोनों पायलटों के परिवारों को उनकी गिरफ्तारी की जानकारी दी है. बताया जा रहा है कि दोनों फ्लाईदुबई में काम करने वाले छह मालदीव के पायलटों में सबसे नए कर्मचारी थे. रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों ने ओमानी को-पायलट हमाम अल-हम्मामी के साथ काम किया था. हमाम अल-हम्मामी पर 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट को क्रैश कराने की कोशिश करने का आरोप है. अब दो अन्य पायलटों की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि क्या इस कथित साजिश में एक से ज्यादा लोग शामिल थे.
माइकल ब्लूमबर्ग का विजन भारत के लिए भी अहम; राष्ट्र निर्माण में पूंजी, सुशासन और क्रियान्वयन जरूरी: गौतम अदाणी
अहमदाबाद, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने बुधवार को कहा कि नेतृत्व का आकलन आज हासिल किए गए पड़ावों से नहीं, बल्कि इस बात से होता है कि हम भविष्य में मानवता की संभावनाओं का कितना विस्तार कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि माइकल ब्लूमबर्ग उन चुनिंदा लोगों में शामिल हैं जो इस सोच का सबसे बेहतर प्रतिनिधित्व करते हैं।
लिंक्डइन पर एक पोस्ट में अदाणी ग्रुप के चेयरमैन ने नई दिल्ली में आयोजित ब्लूमबर्ग न्यू इकॉनमी फोरम के दौरान माइकल ब्लूमबर्ग के साथ हुई मुलाकात का जिक्र किया।
उन्होंने कहा, उनके सवालों ने मेरे मन में एक विचार को और स्पष्ट कर दिया। किसी भी देश को लंबे समय तक टिकाऊ बनाए रखने के लिए दो तरह के बुनियादी ढांचे की जरूरत होती है। पहला वह है जो दिखाई देता है, जिसमें बंदरगाह, ट्रांसमिशन कॉरिडोर, ग्रीन हाइड्रोजन संयंत्र, गीगावाट स्तर के कंप्यूटिंग क्लस्टर और ट्रांजिट सिस्टम शामिल हैं। दूसरा बुनियादी ढांचा दिखाई नहीं देता, लेकिन वही निर्णायक होता है क्योंकि वही पहले वाले ढांचे को सक्षम बनाता है। यह विश्वसनीय डेटा, जवाबदेह संस्थानों और ऐसी शासन व्यवस्था पर आधारित होता है जिसे केवल घोषणाओं का मंच नहीं, बल्कि एक कार्यशील अनुशासन माना जाता है।
उन्होंने कहा कि तेजी से बदलती दुनिया में विकास के लिए काम कर रहे दो लोग हर उपलब्धि को एक ही नजरिए से नहीं देख सकते।
अदाणी ने कहा, हमारे दृष्टिकोण हमारी कार्य परिस्थितियों को दर्शाते हैं। एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था के लिए प्राथमिकता तत्काल होती है। इसका अर्थ है कि करोड़ों लोगों को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए बिना देरी के आधारभूत बिजली, औद्योगिक क्षमता और डिजिटल पहुंच उपलब्ध कराई जाए। वहीं, विकसित पूंजी बाजारों में अक्सर ध्यान डीकार्बोनाइजेशन की गति और नियामकीय सामंजस्य पर अधिक रहता है।
गौतम अदाणी ने कहा कि इन भिन्नताओं के बावजूद एक साझा विश्वास मौजूद है कि स्वच्छ ऊर्जा और वहनीयता को साथ-साथ आगे बढ़ना चाहिए।
अदाणी ने कहा, डीकार्बोनाइजेशन एक वैचारिक आदेश नहीं बन सकता, जो आम नागरिकों पर अतिरिक्त बोझ डाले, कारखानों को बंद कर दे या वैश्विक दक्षिण की प्रगति को रोक दे। यदि हरित ऊर्जा गुजरात के किसी छोटे कारोबारी या उत्तर प्रदेश के किसी परिवार के लिए विश्वसनीय और व्यवहारिक नहीं है, तो यह बदलाव अपने ही बोझ तले दब जाएगा।
उन्होंने कहा कि दूसरी ओर पुरानी प्रणालियों से चिपके रहना जलवायु अस्थिरता की वास्तविक चुनौती को नजरअंदाज करना है। वास्तविक प्रगति के लिए पूंजी, नीति और क्रियान्वयन को मिलकर काम करना होगा, ताकि हरित ऊर्जा की अतिरिक्त लागत कम हो और स्वच्छ ऊर्जा सबसे सस्ता और बेहतर विकल्प बन सके।
गौतम अदाणी ने आगे कहा, यही व्यावहारिक सोच माइक के कार्यों को प्रेरणादायक बनाती है। जब उन्होंने दिल्ली में ब्लूमबर्ग न्यू इकॉनमी फोरम को संबोधित किया, तो उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), उन्नत विनिर्माण और हरित बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) में भारत की प्रगति पर पूरे विश्वास के साथ बात की। यह मंच के लिए तैयार किया गया भाषण नहीं था। ब्लूमबर्ग पिछले 30 वर्षों से भारत में सक्रिय हैं और करीब दो दशकों से परोपकारी साझेदारी के माध्यम से भी जुड़े हुए हैं।
माइकल ब्लूमबर्ग और गौतम अदाणी के बीच मुंबई के धारावी पुनर्विकास परियोजना पर भी चर्चा हुई, जिसे अदाणी ने सामूहिक क्षमता की परीक्षा बताया।
उन्होंने कहा, न्यूयॉर्क में माइक के कार्यकाल ने दिखाया कि नगर प्रशासन से जुड़ा डेटा और सख्त क्रियान्वयन किस तरह घनी आबादी वाले शहरी समुदायों की सेवा कर सकता है। धारावी को केवल रियल एस्टेट परियोजना के रूप में नहीं देखा जा सकता। यह सूक्ष्म उद्यमियों, कई पीढ़ियों से रह रहे परिवारों और मानवीय संघर्षों का एक जीवंत और आत्मनिर्भर इकोसिस्टम है। इसके पुनर्विकास का आकलन केवल निर्मित क्षेत्रफल से नहीं किया जा सकता। इसे जलवायु के अनुकूल आवास, आधुनिक स्वच्छता, भरोसेमंद बिजली और सुरक्षित आजीविका के माध्यम से लोगों के जीवन में आने वाले वास्तविक सुधार के आधार पर परखा जाना चाहिए।
अदाणी ने कहा कि यदि इंजीनियरिंग क्षमता और सामुदायिक विश्वास को साथ जोड़ा जाए तो धारावी का पुनर्विकास विकासशील देशों के लिए शहरी पुनर्जीवन का एक स्थायी मानक बन सकता है।
उन्होंने कहा, सच्चे राष्ट्र निर्माण के लिए चार अप्रतिस्पर्धी शक्तियां आवश्यक हैं - धैर्यपूर्ण पूंजी, मजबूत भौतिक क्रियान्वयन, पारदर्शी शासन व्यवस्था और सक्षम स्थानीय नेतृत्व। इनमें से कोई भी दूसरे का विकल्प नहीं हो सकता।
उन्होंने कहा कि ब्रिज के निर्माण के लिए इंजीनियरिंग की आवश्यकता होती है, लेकिन समुदाय भरोसे पर टिका रहता है। माइकल द्वारा अपनी यात्रा साझा करते समय मेरे मन में यही विचार आए।
उन्होंने पोस्ट में आगे कहा, हमारी चर्चा समाप्त होने पर, सबसे अधिक प्रभावित करने वाली बात कोई मापदंड या नीतिगत प्रस्ताव नहीं थी, बल्कि माइक की हर कमरे में मौजूद जीवंतता थी। एक ऐसे दिमाग को देखना एक दुर्लभ शक्ति है जो उस प्रगतिशील गति से काम करता है, मान्यताओं की पड़ताल करता है, बाधाओं को दूर करता है और व्यवस्थागत सीमाओं की ओर इस तरह अग्रसर होता है मानो उसका काम उसी सुबह शुरू हुआ हो।
गौतम अदाणी ने कहा कि नेतृत्व का माप आज की उपलब्धियों से नहीं, बल्कि भविष्य में मानवता की क्षमताओं को और अधिक विस्तारित करने की प्रतिबद्धता से होता है। माइकल ब्लूमबर्ग से बेहतर इस बात का उदाहरण शायद ही कोई हो।
--आईएएनएस
डीबीपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation









