Air India की Frankfurt-Delhi फ्लाइट में बम की धमकी, Jaipur में कराई गई इमरजेंसी लैंडिंग
एअर इंडिया के फ्रैंकफर्ट से दिल्ली आ रहे यात्री विमान को बुधवार सुबह बम रखे होने की धमकी के बाद जयपुर भेजा गया। सूत्रों ने बताया किया यह विमान यहां आपात स्थिति में उतरा। सूत्रों ने बताया कि उड़ान संख्या एआई 2030 वाले बोइंग 787-9 विमान ने जयपुर में आपात लैंडिंग की और सुरक्षा जांच के लिए उसे आइसोलेशन बे में ले जाया गया।
सहायक पुलिस आयुक्त शिव दयाल ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि हवाई अड्डे के अधिकारियों ने पुलिस को बम की धमकी के बाद फ्रैंकफर्ट-दिल्ली उड़ान की आपात लैंडिंग के बारे में जानकारी दी थी। उन्होंने कहा कि आगे जानकारी का इंतजार है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि सुरक्षाकर्मियों आइसोलेशन बे में विमान की जांच की।
हवाई अड्डा प्रशासन के अनुसार विमान के सभी सभी यात्रियों को सुरक्षित रूप से विमान से उतारा गया है और उन्हें टर्मिनल भवन में बैठाया गया है। हालांकि, यात्रियों और विमान में सवार कुल लोगों की संख्या के बारे में अभी कुछ नहीं बताया गया है। शुरुआती जानकारी का हवाला देते हुए एक सूत्र ने बताया कि जब विमान मुंबई उड़ान सूचना क्षेत्र (एफआईआर) में था तब पायलट ने स्क्वाक कोड 7500 दबाया जो गैर-कानूनी दखल का संकेत देता है।
सूत्र ने आगे बताया कि इसके बाद विमान को जयपुर डायवर्ट कर दिया गया। विमान में सवार यात्रियों की संख्या के बारे में तुरंत पता नहीं चल सका। एअर इंडिया की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार है।
NEET-UG पेपर लीक की जांच खत्म! CBI ने दाखिल की चार्जशीट, NTA अधिकारी नहीं बने आरोपी
सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने बुधवार को नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट-अंडरग्रेजुएट (NEET-UG) 2026 पेपर लीक मामले में एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की। इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि इसके साथ ही लीक मामले की जांच पूरी हो गई है। दिल्ली की अदालत में सौंपी गई ताज़ा रिपोर्ट में एक और प्राइवेट व्यक्ति का नाम शामिल किया गया है। इससे पहले, 28 जुलाई को दाखिल पहली चार्जशीट में 13 लोगों के नाम थे, जिनमें नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा हायर किए गए तीन सब्जेक्ट एक्सपर्ट, बिचौलिए और कोचिंग सेंटर के प्रतिनिधि शामिल थे।
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एक अधिकारी ने कहा कि किसी भी सरकारी अधिकारी का नाम सामने नहीं आया है। 12 मई को NTA ने 2026 NEET परीक्षा रद्द करने की घोषणा की, क्योंकि एक 'गेस पेपर' (विषय विशेषज्ञों और शिक्षकों द्वारा पिछले ट्रेंड्स और पैटर्न के आधार पर सुझाए गए सवालों का संग्रह) के कम से कम 120 सवाल 3 मई को हुई NEET परीक्षा के पेपर से मेल खाते पाए गए थे। परीक्षा होने के एक हफ़्ते बाद ही पेपर लीक का पता चला, जिससे संसद में ज़बरदस्त विरोध हुआ। 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के बैनर तले लाखों युवाओं के सड़कों पर उतरने के बाद, तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफ़ा देना पड़ा।
पेपर लीक मामले में पहली चार्जशीट 28 जुलाई को दायर की गई, जिसमें 13 लोगों को आरोपी बनाया गया। इनमें NTA द्वारा नियुक्त तीन विषय विशेषज्ञ भी शामिल थे - बॉटनी और ज़ूलॉजी के लिए मनीषा गुरुनाथ मंधारे, केमिस्ट्री के लिए प्रह्लाद विट्ठलराव कुलकर्णी और फ़िज़िक्स के लिए मनीषा संजय हवलदार। CBI ने तब कहा था कि उसने अन्य साज़िशकर्ताओं की भूमिका की जांच खुली रखी है, ताकि सेंट्रल फ़ोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (CFSL), गवर्नमेंट एग्ज़ामिनर ऑफ़ क्वेश्चन्ड डॉक्यूमेंट्स (GEQD) और दिल्ली यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों की राय वाली रिपोर्ट जमा की जा सके।
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एक अधिकारी ने बताया कि नई चार्जशीट में फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की रिपोर्ट भी शामिल है। दूसरे अधिकारी ने कहा कि यह पता लगाने के लिए गहन जांच की गई कि क्या NTA का कोई अधिकारी या कोई अन्य सरकारी अधिकारी इस लीक में शामिल था, लेकिन ऐसी कोई संलिप्तता नहीं पाई गई। CBI की पहली चार्जशीट के अनुसार, NTA ने NEET-UG 2026 का प्रश्न पत्र तैयार करने के कई चरणों में उन्हीं तीन विषय विशेषज्ञों (subject experts) का इस्तेमाल किया - उनमें से एक तो प्रश्न लिखने से लेकर बैक-ट्रांसलेशन तक, सभी चार चरणों में शामिल था - और उन्हें अंतिम चरण के दौरान परीक्षा के सभी चार मास्टर प्रश्न सेट देखने की अनुमति दी।
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