CEC के विरोध प्रदर्शन से दिल्ली को हजारों करोड़ का नुकसान, CM Rekha Gupta का हमला
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को राजधानी में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हालिया विरोध प्रदर्शनों के बीच 'कॉकरोच जनता पार्टी' पर सवाल उठाए। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजेपी नेता ने सवाल उठाया कि क्या उस प्रेशर ग्रुप ने दूसरे राज्यों के मुद्दों पर भी बात की है। दिल्ली के मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से कहा कि यह हैरानी की बात है कि 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' (SIR) पर इस तरह सवाल उठाए जा रहे हैं, जबकि देश में ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है। चुनाव आयोग ने पिछले कई सालों में कई बार इस तरह का रिविज़न किया है। चाहे राज्य में कोई भी पार्टी सत्ता में रही हो या केंद्र में यह प्रक्रिया हमेशा से अपनाई जाती रही है। पहले इसके खिलाफ आवाज़ क्यों नहीं उठाई गई? अब ऐसी आपत्तियां क्यों उठाई जा रही हैं?
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मुख्यमंत्री ने कहा कि इन विरोध-प्रदर्शनों की वजह से दिल्ली को हजारों करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है और यह रुकावट लगातार चल रहे धरनों और विरोध-प्रदर्शनों के कारण है। आप लोकतंत्र में काम कर रही व्यवस्था का विरोध इसलिए करना चाहते हैं क्योंकि आप सरकार बनाने में नाकाम रहे हैं। मैं पूछना चाहता हूं। अगर आप तमिलनाडु या केरल में सरकार बनाते हैं, तो क्या वहां ऐसी स्थिति नहीं होगी? क्या यह मुद्दा आपके लिए सिर्फ़ उन राज्यों में मायने रखता है जहां आप सरकार बनाने में नाकाम रहे हैं? उन्होंने CJP पर भी निशाना साधा और BJP के इस दावे को दोहराया कि यह प्रेशर ग्रुप आम आदमी पार्टी की "B-टीम" है। जब उन राज्यों में कोई समस्या होती है तो CJP वहां क्यों नहीं जाता? वे वहां विरोध-प्रदर्शन करने क्यों नहीं जाते? कल ड्रग्स से जुड़ी हत्या के बाद, CJP पंजाब जाकर विरोध-प्रदर्शन क्यों नहीं कर रहा है? यह आम आदमी पार्टी की 'B-टीम' की तरह क्यों काम करता है, जो सिर्फ़ आम आदमी पार्टी के बताए राजनीतिक एजेंडे पर ही काम करती है?
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गुप्ता ने पत्रकारों से कहा कि देश की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हो रहे विकास कार्यों से पूरी तरह संतुष्ट है। देश तरक्की कर रहा है और वैश्विक मंच पर अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। यही बात उन्हें परेशान करती है। वे भारत से जलने वाले विदेशी लोगों के साथ मिलकर देश को नुकसान पहुंचाने का काम करते रहते हैं।
Himanta Biswa Sarma ने Asom Gana Parishad के 42वें स्थापना दिवस पर दी बधाई
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बुधवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सहयोगी असम गण परिषद (एजीपी) को उसके 42वें स्थापना दिवस पर शुभकामनाएं दीं। असम गण परिषद का गठन 14 अक्टूबर 1985 को गोलाघाट में आयोजित सम्मेलन में हुआ था। इससे पहले ऐतिहासिक असम समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे, जिसके बाद राज्य में अवैध घुसपैठियों के खिलाफ छह साल तक चला आंदोलन समाप्त हुआ था।
शर्मा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “हमारे महत्वपूर्ण सहयोगी असम गण परिषद के सभी सदस्यों और नेतृत्व को स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।” उन्होंने कहा, “असम के हितों से जुड़ी और राज्य के लोगों की सेवा के लिए प्रतिबद्ध असम गण परिषद राज्य के विकास की यात्रा में हमारी करीबी सहयोगी रही है।” एजीपी के अध्यक्ष अतुल बोरा ने कहा कि बलिदान के इतिहास, क्षेत्रवाद के आदर्शों और प्रगतिशील राष्ट्रवाद की विचारधारा से प्रेरित क्षेत्रीय पार्टी असम के हितों के लिए लगातार काम कर रही है। बोरा ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “एकता, सद्भाव और विकास के संकल्प के साथ हम एक मजबूत, समृद्ध और आत्मनिर्भर असम के निर्माण की निरंतर यात्रा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।” पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री बोरा ने कहा, “42वें स्थापना दिवस के अवसर पर मैं सभी कार्यकर्ताओं और सम्मानित नेताओं को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं और उनके प्रति आभार व्यक्त करता हूं।”
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