Biohacking: where fad meets finance? | BBC News
Biohackers say they're making their bodies and brains run better by hacking their biology. It's not just kitchen counter experimentation anymore - there's now an entire industry promising to optimise you with supplements, treatments and increasingly strange gadgets. But are these expensive, unproven “hacks” worth the investment? The BBC's North America Business Correspondent Michelle Fleury investigates. Subscribe here: http://bit.ly/1rbfUog For more news, analysis and features visit: www.bbc.com/news #Biohacking #Biology #BBCNews
अहमदाबाद प्लेन हादसा पर ‘द इंडिपेंडेंट’ की रिपोर्ट:दावा- एअर इंडिया का पीड़ित परिवारों को केस छोड़न के लिए ₹10 से ₹20 लाख का ऑफर
गुजरात के अहमदाबाद में 12 जून 2025 की दोपहर एअर इंडिया का लंदन जा रहा प्लेन हादसे का शिकार हुआ था। लंदन के अखबार ‘द इंडिपेंडेंट' की एअर इंडिया पर एक रिपोर्ट आई है। इसके मुताबिक एअर इंडिया ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को अतिरिक्त मुआवजे के बदले केस करने का अधिकार छोड़ने का प्रस्ताव दिया है। एयरलाइन परिवारों को अतिरिक्त ₹10 लाख की अंतिम राशि देकर समझौते की पेशकश कर रही है। कुछ मामलों में यह ₹20 लाख रुपए तक है। परिवारों को यह शर्त माननी होगी कि वे भविष्य में हादसे से जुड़ा दावा नहीं करेंगे और सभी कानूनी जिम्मेदारियों से कंपनी को मुक्त करेंगे। यह छूट किसी भी देश या कोर्ट में लागू रहेगी। लीगल टीम ने किया विरोध एअर इंडिया के इस प्रस्ताव का 130 पीड़ितों के परिवारों की लीगल टीम ने विरोध किया है। उसका कहना है कि जांच पूरी नहीं हुई है। जिम्मेदारी तय नहीं हुई है। ऐसे में केस का अधिकार छोड़ने को कहना अनुचित है। कुछ घायल परिवारों का इलाज भी अभी जारी है। इस मामले में एअर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा कि एअर इंडिया इस मुश्किल प्रक्रिया से गुजर रहे हर प्रभावित परिवार की मदद के लिए प्रतिबद्ध है। शुरुआती अंतरिम राशि देने के बाद हमने यह सुनिश्चित किया है कि हर परिवार को दी जाने वाली आखिरी रकम सही और कानून के हिसाब से हो। सुप्रीम कोर्ट ने एएआईबी से 3 हफ्ते में रिपोर्ट मांगी सुप्रीम कोर्ट ने 11 फरवरी को केंद्र से विमान हादसे की जांच के ‘प्रोसिजरल प्रोटोकॉल’ की रिपोर्ट देने को कहा है। सरकार ने बताया कि एएआईबी की जांच अंतिम चरण में है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की बेंच के समक्ष एनजीओ सेफ्टी मैटर्स की तरफ से वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि गंभीर एक्सीडेंट के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी की जरूरत होती है, न एएआईबी की जांच की। इस पर बेंच ने कहा कि एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन बोर्ड (AAIB) की जांच का नतीजा देखते हैं, फिर हम देखेंगे कि कोर्ट ऑफ इंक्वायरी की जरूरत होगी या नहीं। इस पर भूषण ने कहा कि 8 हजार से ज्यादा पायलट कह रहे हैं कि बोइंग 787 सेफ नहीं है और इसे ग्राउंड कर देना चाहिए। AAIB जांच टीम में 5 सदस्य डीजीसीए से हैं। इस पर केंद्र और डीजीसीए की तरफ से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि प्रशांत भूषण को संतुष्ट करने का एकमात्र तरीका खुद भूषण की अगुवाई में कमेटी बनाना है।’ अगली सुनवाई तीन हफ्ते बाद होगी। अब पढ़िए अहमदाबाद प्लेन क्रैश के बारे में 12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रही फ्लाइट AI 171 टेकऑफ के कुछ ही देर बाद एक मेडिकल हॉस्टल की इमारत से टकरा गई थी। इसमें 270 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें 241 यात्री और क्रू मेंबर शामिल थे। सिर्फ एक यात्री इस हादसे में जिंदा बचा था। फ्लाइटरडार24 के मुताबिक, विमान का आखिरी सिग्नल 190 मीटर (625 फीट) की ऊंचाई पर मिला, जो उड़ान भरने के तुरंत बाद आया था। भारत के सिविल एविएशन रेगुलेटर DGCA ने बताया कि विमान ने 12 जून की दोपहर 1:39 बजे रनवे 23 से उड़ान भरी थी। उड़ान भरने के बाद विमान के पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोलर को मेडे कॉल (इमरजेंसी मैसेज) भेजा, लेकिन इसके बाद कोई जवाब नहीं मिला। DGCA के अनुसार, विमान में दो पायलट और 10 केबिन क्रू सहित कुल 242 लोग सवार थे। पायलट के पास 8,200 घंटे और को-पायलट के पास 1,100 घंटे की उड़ान का अनुभव था। ----------- ये खबर भी पढ़ें… अहमदाबाद प्लेन क्रैश- विमान में पहले से खराबी थी: अमेरिकी रिपोर्ट में इलेक्ट्रिकल फेलियर की आशंका अमेरिका स्थित फाउंडेशन फॉर एविएशन सेफ्टी (FAS) ने दावा किया है कि अहमदाबाद में क्रैश एअर इंडिया के विमान में इलेक्ट्रिकल सिस्टम फेल होने से एक के बाद एक कई सिस्टम बंद हुए। हो सकता है कि यही हादसे की वजह बना हो। विमान टेकऑफ के कुछ ही सेकेंड बाद अहमदाबाद के रिहायशी इलाके में गिर गया था। पूरी खबर पढ़ें…
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