Aaj Ka Mausam: दिल्ली-UP समेत कई राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट, 60 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
Aaj Ka Mausam: देश के कई राज्यों में बुधवार को मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है. मौसम विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में गरज-चमक, बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं. दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में खराब मौसम को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है. कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि राजस्थान के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि की आशंका है.
दिल्ली-NCR में 14 अक्टूबर को आसमान में बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, राजधानी और आसपास के इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. दिल्ली में अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. बारिश से लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है.
यूपी के कई जिलों में आंधी-बारिश की संभावना
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मौसम बदल सकता है. बिजनौर, अमरोहा, अलीगढ़, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बुलंदशहर, मुरादाबाद, गाजियाबाद, मथुरा और आगरा समेत कई इलाकों में आंधी और बारिश की आशंका है. इसके अलावा बहराइच, आजमगढ़, मिर्जापुर, जौनपुर, गोरखपुर, सोनभद्र, मऊ, प्रयागराज और देवरिया में भी बारिश हो सकती है. कुछ जगहों पर हवा की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है. लखनऊ में अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है.
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बिहार में बारिश और तेज हवाओं का असर
बिहार में भी कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है. पटना, गया, रोहतास, औरंगाबाद, नालंदा, शेखपुरा, सारण, वैशाली और मुजफ्फरपुर के अलावा समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, सहरसा, सुपौल, किशनगंज, खगड़िया और कटिहार में मौसम बदल सकता है. इस दौरान हवा की रफ्तार करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है. पटना में अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है.
झारखंड में 60 KM प्रति घंटे तक चल सकती हैं हवाएं
झारखंड के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है. रांची, दुमका, जामताड़ा, जमशेदपुर, साहिबगंज, सरायकेला, गुमला, पलामू, रामगढ़, खूंटी और हजारीबाग समेत कई जिलों में मौसम खराब हो सकता है. कुछ इलाकों में हवा के झोंकों की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है. रांची में अधिकतम तापमान 28 डिग्री और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रह सकता है.
राजस्थान में बारिश के साथ ओले गिरने की आशंका
राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश के साथ ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है. श्रीगंगानगर, जयपुर, सीकर, अलवर, बीकानेर, झुंझुनू और हनुमानगढ़ समेत कई जिलों में मौसम बदल सकता है। वहीं कोटा, बारां, टोंक, पाली और उदयपुर में भी तेज हवाओं के साथ बारिश होने के आसार हैं. कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है. जयपुर में अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है.
मध्य प्रदेश में भोपाल-इंदौर समेत कई इलाकों में बारिश
मध्य प्रदेश के कई जिलों में भी बारिश और आंधी की संभावना है. मुरैना, श्योपुर, झाबुआ, अलीराजपुर, देवास, भोपाल, इंदौर, सतना, उमरिया, सीधी और पन्ना में मौसम प्रभावित हो सकता है. कुछ इलाकों में तेज हवाओं की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है. भोपाल में अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है.
पंजाब-हरियाणा में गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट
पंजाब के पठानकोट, पटियाला, गुरदासपुर, जालंधर, लुधियाना, अमृतसर, मोगा और होशियारपुर समेत कई इलाकों में बारिश और आंधी की संभावना है. चंडीगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में भी मौसम बदल सकता है. कुछ जगहों पर हवा की रफ्तार 55 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है.
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Shardiya Navratri 2026: अष्टभुजाओं वाली मां कूष्मांडा के पास है कई सिद्धियां, पढ़ें उनकी पौराणिक कथा
Shardiya Navratri 2026: आज यानी 14 अक्टूबर को नवरात्रि के चौथे दिन देवी कूष्मांडा की पूजा-अर्चना की जाती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवी कूष्मांडा सूर्य ग्रह को दिशा एवं ऊर्जा प्रदान करने वाली मानी जाती है. माना जाता है कि माता कूष्मांडा द्वारा ही सूर्य देव शासित होते हैं. देवी कूष्मांडा की अष्ट भुजाएं यानी आठ भुजा होती है. भक्तों की मान्यता है कि कूष्मांडा मां सिद्धिया और निधियां प्रदान करने की शक्ति देवी मां की जप माला में है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवी माता ने अपनी मधुर मुस्कान से संपूर्ण संसार की रचना की है, जिसे संस्कृत में ब्रह्माण्ड कहा जाता है.
माता कूष्मांडा को कद्दू की बली प्रदान की जाती है, क्योंकि ये उन्हें अति प्रिय होता है. नवरात्रि के चौथे दिन पूजा करने के साथ-साथ माता कूष्मांडा की कथा का पाठ भी करना चाहिए.
नवरात्रि के चौथे दिन पढ़ें कूष्मांडा माता की पौराणिक कथा
पौराणिक कथा के अनुसार, जब त्रिदेवों ने सृष्टि की रचना करने की कल्पना की, तो उस समय ब्रह्मांड में अंधेरा छाया हुआ था और समस्त ब्रह्मांड में सन्नाटा पसरा हुआ था. ऐसे में त्रिदेव ने मां दुर्गा से सहायता ली. दुर्गा मां के चौथे स्वरूप मां कुष्मांडा ने ब्रह्मांड की रचना की. मां कूष्मांडा के मुख मंडल पर मुस्कान से पूरे ब्रह्मांड में उजाला हो गया. इसी वजह से मां दुर्गा के चौथे स्वरूप को मां कूष्मांडा कहा गया. सनातन धर्म के अनुसार, सूर्य लोक में मां कूष्मांडा वास करती हैं. मां कूष्मांडा मुखमंडल पर सूर्य प्रकाशवान है.
मां कुष्मांडा की आठ भुजाएं होती हैं, इसलिए इन्हें अष्टभुजा देवी के नाम से भी जाना जाता है. इनके सात हाथों में कमंडल, धनुष, बाण, कमल पुष्प, अमृत से भरा कलश, चक्र और गदा सुशोभित होता हैं. वहीं, आठवें हाथ में सभी सिद्धियों और निधियों को प्रदान करने वाली जपमाला होती है. मां कुष्मांडा का वाहन सिंह है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन्हें कुम्हड़े यानी कद्दू की बलि प्रिय है. संस्कृत में कुम्हड़े को कुष्मांड कहा जाता है, इसी कारण इनका नाम मां कुष्मांडा पड़ा.
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, माता कुष्मांडा का निवास सूर्यमंडल के भीतर स्थित लोक में होता है. ऐसा माना जाता है कि सूर्यलोक में निवास करने की शक्ति सिर्फ इन्हीं में है. यही कारण है कि इनके शरीर की आभा सूर्य के समान तेजस्वी और दिव्य दिखती है. इनके तेज से दसों दिशाएं प्रकाशित हो जाती हैं और संपूर्ण ब्रह्मांड की प्रत्येक वस्तु तथा प्राणी में इनकी ऊर्जा व्याप्त मानी जाती है.
नवरात्रि के चौथे दिन मां कुष्मांडा की पूजा-अर्चना की जाती है. इस दिन भक्तों को शांत, एकाग्र और पवित्र मन से मां की आराधना करनी चाहिए. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कुष्मांडा की उपासना करने से भक्तों के रोग, दुख और कष्ट दूर होते हैं. उनकी कृपा से आयु, यश, बल और आरोग्य की प्राप्ति होती है. मां अपने भक्तों की सच्ची श्रद्धा और भक्ति से प्रसन्न होकर उन्हें आशीर्वाद देती हैं.
धार्मिक मान्यता है कि विधि-विधान और सच्चे मन से मां कुष्मांडा की पूजा करने वाले भक्तों को सुख-समृद्धि, उन्नति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है. मां अपने भक्तों को आधि-व्याधियों से मुक्ति दिलाकर जीवन में सुख और शांति प्रदान करती हैं. उनकी कृपा से भक्तों के जीवन में खुशहाली आती है और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है. इसलिए नवरात्रि के चौथे दिन मां कुष्मांडा की आराधना पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ करनी चाहिए.
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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. News Nation इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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