संसद का बजट सत्र जारी है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भू-राजनीतिक संघर्ष, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और अमेरिका के सामने मौजूद चुनौतियों पर भाषण दिया। उनका यह भाषण ऐसे समय आया है जब पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण का जिक्र करने के बाद विपक्ष द्वारा उन्हें बोलने न दिए जाने के विरोध में कई दिनों से प्रदर्शन जारी है। राज्यसभा में भी बजट पर चर्चा हुई। वहीं, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के लिए प्रस्ताव लाने संबंधी विपक्ष के नोटिस में कमियां पाई गईं थी, जिसके बाद खुद बिरला ने इसमें सुधार करवा के कार्यवाही करने का निर्देश अपने सचिवालय को दिया। लोकसभा सचिवालय के सूत्रों ने यह जानकारी दी।
लोकसभा की कार्यवाही
केंद्रीय बजट 2026-27 पर लोकसभा में हुई सामान्य चर्चा का वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने जवाब दिया। निर्मला सीतारमण ने कहा कि हमने कहा है कि शिक्षा पूरी करने और योग्यता हासिल करने के बाद कौशल सीखने के लिए कहां जाना चाहिए, इस पर इंतजार करने के बजाय, कौशल विकास को शिक्षा में ही शामिल किया जा सकता है। इससे छात्र यह कह सकेंगे कि वे उद्यमी बन सकते हैं और इस तरह का एक विशाल केंद्र किसी भी राज्य के औद्योगिक क्लस्टर के पास स्थापित किया जा सकता है। इस प्रकार, शिक्षा केंद्रों के रूप में ऐसे विशाल उद्यमिता विकास केंद्र किसी भी राज्य में स्थापित किए जा सकते हैं। हम राज्यों के साथ मिलकर काम करने को तैयार हैं ताकि इस विशाल उच्च शिक्षा केंद्र को बढ़ावा दिया जा सके और छात्र वहां जाकर उद्यमी बन सकें। यह बजट 21वीं सदी की दूसरी तिमाही का पहला बजट है। इसीलिए इसमें 2026 से 2050 तक के कई विषयों को शामिल किया गया है। हम अगले वित्त आयोग, यानी 16वें वित्त आयोग के नए पंचवर्षीय चक्र की भी शुरुआत कर रहे हैं, जो 1 अप्रैल, 2026 से शुरू होगा। इसलिए, अनुमान काफी हद तक वित्त आयोग की सिफारिशों पर आधारित हैं।
निर्मला सीतारमण ने कहा कि मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि बजट तैयार करने से पहले मुझसे मिलने वाले राज्यों के वित्त मंत्रियों की सिफारिश पर - जो कि एक सामान्य प्रक्रिया है, क्योंकि मैं हर बजट से पहले राज्य के वित्त मंत्रियों से मिलती हूं - और उनकी सिफारिश को स्वीकार करते हुए, हम जो पूंजीगत व्यय सहायता प्रदान करते हैं, जो कि 50 साल का ब्याज मुक्त ऋण है, अंततः अनुदान के बराबर होगा। उन्होंने कहा कि आगामी वर्ष के लिए राजकोषीय घाटा 4.3% आंका गया है। बेशक, कई माननीय सदस्यों ने कहा है कि यह राजकोषीय सुदृढ़ीकरण व्यय को सीमित करके हासिल किया गया है। मैं स्पष्ट करना चाहूंगा कि यह व्यय को सीमित करके नहीं किया गया है, और मैं इस पर थोड़ा बाद में विस्तार से चर्चा करूंगा। हम पर अक्सर वित्त आयोग द्वारा अनुशंसित 41% राज्यों को हस्तांतरित न करने का आरोप लगाया जाता है—कि भारत सरकार को राज्यों को साझा करने योग्य करों का 41% हस्तांतरित करना चाहिए।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर सवाल खड़े करते हुए कहा कि यह बराबरी की शर्त पर नहीं किया गया और सरकार को शर्म आनी चाहिए कि उसने भारत माता को बेच दिया है। उन्होंने केंद्रीय बजट पर चर्चा में भाग लेते हुए दावा किया कि भारत-अमेरिका समझौते में देश के किसानों के हितों को कुचल दिया गया, जैसा आज से पहले किसी प्रधानमंत्री ने नहीं किया और आगे भी कोई नहीं करेगा। कांग्रेस नेता ने कहा कि बजट के समांतर अमेरिका के साथ व्यापार समझौता हुआ है।
सत्तापक्ष के सदस्यों की टोका-टाकी के बीच कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री मोदी और सरकार पर निशाना साधते हुए अमेरिका में एक भारतीय उद्योगपति के खिलाफ दर्ज मामले और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित एक प्रकरण का उल्लेख किया, जिस पर पीठासीन सभापति ने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि यह रिकॉर्ड में शामिल नहीं होगा। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष ने जो आरोप लगाए हैं उन्हें उन आरोपों को सत्यापित करना चाहिए, जिस पर कांग्रेस नेता ने कहा कि वह इसके लिए तैयार हैं। हालांकि, राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए रीजीजू ने कहा कि कोई माई का लाल पैदा नहीं हुआ जो भारत को बेच या खरीद सके।
सरकार ने बुधवार को कहा कि वाई-फाई कनेक्टिविटी की 4जी तकनीक में भारत विश्व के पीछे था, 5जी में विश्व के साथ चला है और 6जी में दुनिया का नेतृत्व करेगा, यही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संकल्प है। संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान यह भी कहा कि अभी देश में 5जी कनेक्टिविटी के उपभोक्ताओं की संख्या 40 करोड़ है और 2030 तक यह आंकड़ा 100 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है।
भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने बुधवार को लोकसभा में बजट पर भाषण के तुरंत बाद राहुल गांधी के सदन से चले जाने को लेकर उनपर निशाना साधते हुए कहा कि ‘‘जिन्हें झूठ बोलने की आदत होती है वे ज्यादा समय तक टिक नहीं पाते हैं।’’ ठाकुर ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा, ‘‘पहले यह होता था कि हमारे भाषण के बीच में राहुल जी सदन से चले जाते थे, लेकिन अब तो यह स्थिति हो गई है कि वह पहले ही भाग जाते हैं।’’
एआईएमआईएम के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने बुधवार को सरकार पर ‘मुसलमानों से नफरत’ करने का आरोप लगाते हुए कहा कि विकसित भारत तभी बन पाएगा जब मुस्लिम समुदाय शैक्षणिक और अन्य रूपों से ताकतवर होगा। ओवैसी ने लोकसभा में बजट पर चर्चा में भाग लेते हुए दावा किया कि देश में पिछले कुछ साल में प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षण संस्थानों में मुस्लिम बच्चों के पंजीकरण की संख्या में गिरावट आई है और मुसलमान बच्चों के पढ़ाई छोड़ने की दर भी अधिक है।
राज्यसभा की कार्यवाही
राज्यसभा में बुधवार को पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा ने सरकार को सुझाव दिया कि अकेले विकास से काम नहीं चलेगा और नीति बनाते समय रोजगार को केंद्र में रखा जाना चाहिए। उच्च सदन में आम बजट 2026-27 पर चर्चा में भाग लेते हुए जनता दल(एस) प्रमुख देवेगौड़ा ने कहा कि उन्होंने भारत की विकास यात्रा के विभिन्न चेहरे देखे हैं। उन्होंने कहा कि यह बजट एक ऐसे महत्वपूर्ण समय में आया है, जब भारत एक मध्यम आय वाले राष्ट्र से उच्च मध्यम आय वाला देश बनने के कगार पर है।
राज्यसभा में बुधवार को शून्यकाल के दौरान सदस्यों ने काम नहीं करने की स्थिति में जन प्रतिनिधि को वापस बुलाने का अधिकार मतदाताओं को दिए जाने, प्रशासनिक लापरवाही के चलते हुए बड़े हादसों और अभिभावकों की वृद्धावस्था में देखभाल न किए जाने जैसे मुद्दे उठाए तथा सरकार से अपेक्षित कदम उठाने का अनुरोध किया। शून्यकाल में आम आदमी पार्टी के राघव चड्ढा ने कहा कि जिस तरह मतदाताओं को मतदान का अधिकार है उसी तरह, काम नहीं करने की स्थिति में ‘राइट टू रिकॉल’ (जनप्रतिनिधि को वापस बुलाने का अधिकार) भी मतदाताओं के पास होना चाहिए।
ज्यसभा में बुधवार को कांग्रेस की जे बी माथेर हीशम ने सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के कारण किशोरों में उत्पन्न हो रहे मानसिक स्वास्थ्य संकट पर चिंता जताते हुए कहा कि युवा वास्तविकता और कल्पना की दुनिया में अंतर नहीं कर पा रहे हैं। शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस की जे बी माथेर हीशम ने कहा कि हाल के सप्ताहों में ऑनलाइन मंचों के अत्यधिक उपयोग से उत्पन्न अकेलेपन और अलगाव की भावना के कारण छात्रों द्वारा कथित तौर पर आत्महत्या करने की घटनाएं सामने आई हैं।
राज्यसभा में द्रमुकके सदस्य पी. विल्सन ने बुधवार को सरकार से राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग को संवैधानिक दर्जा देने तथा उसके जांच और प्रवर्तन अधिकारों को मजबूत करने की मांग की, ताकि अल्पसंख्यक समुदायों के हितों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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