DU में दूसरी बार कुलपति बनने वाले पहले VC:योगेश सिंह ने 8 अक्टूबर से संभाला दूसरा कार्यकाल, जानिए कंप्लीट प्रोफाइल
दिल्ली यूनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर योगेश सिंह ने इस महीने की शुरुआत में अपना लगातार दूसरा पांच साल का कार्यकाल शुरू कर दिया है। वे इस पद पर दोबारा पूरे कार्यकाल के लिए नियुक्त होने वाले पहले भारतीय हैं। 2031 में पूरा होगा दूसरा कार्यकाल उनकी दोबारा नियुक्ति का कार्यकाल अगर 5 साल में पूरा होता है तो वे अक्टूबर 2031 तक दिल्ली यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर बने रहेंगे। इससे वाइस-चांसलर के तौर पर उनका एक दशक पूरा हो जाएगा। साथ ही वे ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (AICTE) के प्रमुख भी बने रहेंगे, जिस पद पर वे पिछले साल दिसंबर से हैं। योगेश सिंह का दूसरा कार्यकाल ऐसे समय में शुरू हुआ है जब दिल्ली यूनिवर्सिटी नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) 2020 के तहत बदलाव कर रही है। इन बदलावों में 4 साल का अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम, बदला हुआ करिकुलम स्ट्रक्चर और कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET) के माध्यम से होने वाले एडमिशन शामिल हैं। कुलपति के नियम बदलने पर संभव हुई दूसरी नियुक्ति दिल्ली यूनिवर्सिटी के रिकॉर्ड के अनुसार, ब्रिटिश कानूनविद और एडमिनिस्ट्रेटर सर मॉरिस ग्वायर 1938 से 1950 तक यानी लगभग 12 साल तक वाइस-चांसलर रहे थे। उसके बाद इतने लंबे समय से इस पद पर रहने का अवसर योगेश सिंह को मिला है। वे डीयू के 77 साल के इतिहास में दो बार कुलपति बनने वाले पहले भारतीय हैं। योगेश सिंह की दोबारा नियुक्ति तब संभव हो पाई जब केंद्र सरकार ने अक्टूबर 2023 में दिल्ली यूनिवर्सिटी एक्ट के नियम 11-F(4) में संशोधन किया। पहले इस नियम के तहत वाइस-चांसलर का कार्यकाल पांच साल का होता था और वे दोबारा नियुक्ति के लिए एलिजिबल नहीं माने जाते थे। अब संशोधित नियमों के अनुसार, मौजूदा वाइस-चांसलर को अगले पांच साल तक के लिए फिर से नियुक्त किया जा सकता है। पहले कार्यकाल में किए कई अहम बदलाव 2021 में दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति बनने के बाद प्रो. योगेश सिंह के नेतृत्व में डीयू में कई खास बदलाव किए गए। इनमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) को अपनाना, चार वर्षीय ग्रेजुएट प्रोग्राम (FYUP) की शुरुआत, CUET के जरिये एडमिशन और डिजिटल प्रशासन व ऑनलाइन सेवाओं को बढ़ावा देना शामिल है। योगेश के कुलपति रहते हुए नए शैक्षणिक और शोध कार्यक्रमों की शुरुआत हुई। साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने पर जोर दिया गया। ----------------------------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें करेंट अफेयर्स 9 अक्टूबर:घाना अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस में शामिल, बंगाल सरकार में मिथुन चक्रवर्ती सलाहकार नियुक्त आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें
RPSC में अधिकारी के सामने बैठकर समस्या बता सकेंगे कैंडिडेट्स:हर 15 दिन में 30 अभ्यर्थियों को बुलाया जाएगा ऑफिस; जानिए- क्या होगा प्रोसेस
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) में कैंडिडेट्स को भर्ती से संबंधित कोई समस्या होने पर वह अधिकारी के सामने बैठकर बता सकेंगे। हर महीने में 2 बार आयोग अध्यक्ष, मेंबर और अफसर कैंडिडेट्स की समस्याएं सुनेंगे। ऑनलाइन आवेदन करने पर हर 15 दिन में करीब 30 कैंडिडेट्स का सिलेक्शन होगा। RPSC ने इसी महीने के आखिर तक संवाद पोर्टल लॉन्च करने की प्लानिंग की है। आयोग अध्यक्ष ले. कर्नल केसरी सिंह की पहल पर आयोग ये नवाचार कर रहा है। ये सिलेक्शन आयोग के स्तर पर उनकी बताई समस्याओं के आधार पर होगा। फिलहाल कैंडिडेट्स की समस्याओं के समाधान के लिए ग्रीवेंस पोर्टल और प्री-लिटिगेशन कमेटी की ही व्यवस्था है। इसमें कैंडिडेट्स ऑनलाइन अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है, लेकिन मौखिक या सामने बैठकर शिकायत दर्ज कराने का ऑप्शन नहीं मिलता। आयोग प्रशासन का मानना है कि युवाओं से संवाद जरूरी है। ऐसे में बातचीत करने की व्यवस्था शुरू की जा रही है। अब ऑनलाइन ही इन्टीग्रेटेड संवाद का ऑप्शन मिल सकेगा। ऐसे कर सकेंगे आवेदन कैंडिडेट्स आयोग की वेबसाइट में डैश बोर्ड पर ग्रीवेंस पोर्टल के जरिए अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज कराएगा। यहां इंटीग्रेटेड संवाद के ऑप्शन पर क्लिक कर आयोग में अधिकारियों के सामने बैठकर अपनी समस्या बताने के लिए अप्लाई करेगा। समस्याओं के आधार पर आयोग के स्तर पर सिलेक्शन किया जाएगा। इसके बाद चयनित कैंडिडेट्स को आयोग परिसर में बुलाया जाएगा। यहां कैंडिडेट्स की समस्या को सुना जाएगा और उसके समाधान के लिए उचित कार्रवाई होगी। 99.88 प्रतिशत शिकायतों का निस्तारण 6 दिन में आयोग के ग्रीवेंस पोर्टल पर इस साल 1 जनवरी से लेकर 9 अक्टूबर तक कुल 26 हजार 635 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इसमें से 26 हजार 426 शिकायतों का निस्तारण कर दिया गया है। 18 शिकायतें प्रोसेस में और 15 शिकायतें पेंडिंग हैं, जबकि 176 शिकायतों को रिजक्ट कर दिया गया है। खास बात ये है कि 99.88 प्रतिशत शिकायतों का निस्तारण 0 से 6 दिनों के भीतर किया गया। हर सोमवार होती है शिकायतों की समीक्षा आयोग को ग्रीवेंस पोर्टल पर मिलने वाली शिकायतों की हर सोमवार को आयोग अध्यक्ष या आयोग के सदस्य समीक्षा करते हैं। इसके लिए प्राप्त हुई शिकायत और उनकी स्थिति देखी जाती है। शिकायत का निस्तारण 6 दिन में करने का प्रयास किया जाता है। इसके लिए लेवल-1, लेवल-2 और लेवल-3 स्तर पर अफसर लगाए गए हैं। समस्याओं का निस्तारण समय पर नहीं होने पर आयोग अध्यक्ष और सदस्य जवाब-तलब भी करते हैं। ग्रीवेंस पोर्टल पर इस साल बढ़ा रूझान ग्रीवेंस पोर्टल पर इस साल कैंडिडेट्स का रूझान बढ़ा है। हालांकि इसके पीछे कारण ऑफलाइन शिकायतों को बंद किया जाना रहा है। वर्तमान में आयोग की ओर से केवल ऑनलाइन शिकायत ही ली जाती है। पिछले सालों में ऑफलाइन शिकायतें भी ली जाती थी, इस कारण ऑनलाइन प्राप्त होने वाली शिकायतों की संख्या कम होती थी। …… ये खबर भी पढ़ें… RPSC करेगा भर्ती परीक्षा के पेपर पैटर्न में बदलाव!:सरल सवालों का बढ़ सकता है प्रतिशत; कटऑफ मार्क्स नहीं आने पर खाली रहे पद राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से आयोजित भर्ती परीक्षाओं के पेपर पैटर्न में बदलाव हो सकता है। इसमें कठिन सवालों का प्रतिशत कम करके सरल क्वेश्चंस का प्रतिशत बढ़ाने की संभावना है। पेपर में सरल सवालों के स्तर और सामान्य ज्ञान पर अब ज्यादा फोकस रहेगा। यही नहीं, पिछले दिनों हुई भर्ती परीक्षाओं में खाली रहे पदों पर फिर से वैकेंसी निकालने के लिए आयोग प्रशासन संबंधित विभागों को लेटर लिखेगा। पूरी खबर पढें
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