चंडीगढ़, चार अगस्त पंजाब पुलिस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई समर्थित एवं सीमापार से संचालित दो आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है और चार नाबालिगों सहित नौ आरोपियों को पकड़ा है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने मंगलवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी एक पोस्ट में कहा, ‘‘एक बड़ी कामयाबी में, अमृतसर आयुक्तालय पुलिस ने आईएसआई समर्थित एवं सीमा-पार से संचालित दो आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने नौ आरोपियों को पकड़ा है, जिनमें चार नाबालिग शामिल हैं, और उनके पास से तीन पिस्तौल, चार पेट्रोल बोतल बम और 9 कारतूस बरामद किए हैं।’’
उन्होंने बताया कि शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी विदेश में बैठे आईएसआई के आकाओं के निर्देश पर काम कर रहे थे।
यादव ने बताया कि विदेश में बैठे आतंकी आका, आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने, सुरक्षा ठिकानों की टोह लेने, अवैध हथियार हासिल करने और सार्वजनिक शांति भंग करने के लिए स्थानीय युवाओं को भर्ती करने की कोशिश कर रहे थे। डीजीपी ने बताया कि जांच में रेल पटरियों के पास निगरानी कैमरे लगाए जाने का भी खुलासा हुआ है और इन कैमरों से रिकॉर्ड तस्वीरों को विदेशी आकाओं के साथ साझा किया जाता था। उन्होंने बताया कि अमृतसर के मोहकमपुरा, हवाई अड्डा और सी-डिवीजन पुलिस थानों में प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।
डीजीपी यादव ने कहा कि आईएसआई समर्थित नेटवर्क के बाकी सदस्यों की पहचान करने, उसके संबंध, पैसों के लेन-देन और दूसरी आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता का पता लगाने के लिए प्रकरण की विस्तृत जांच की जा रही है।
Continue reading on the app
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर से चरम पर है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने दावा किया है कि उसने हॉर्मोज जलडमरूमध्य के ऊपर ओढ़ रहे एक अमेरिकी एमकेाइन रिपड ड्रोन को मार गिराया है। इसके साथ ही ईरान ने यह भी संकेत दिए हैं कि होमोस जलडम मध्य को लेकर उसकी रणनीति में बदलाव हो सकता है। लेकिन फिलहाल वह इस अहम समुद्री मार्ग को पूरी तरह खोलने के पक्ष में नहीं है। इन घटनाओं ने पश्चिम एशिया में पहले से जारी तनाव को और ज्यादा बढ़ा दिया है।
आईआरजीसी के आधिकारिक मीडिया प्लेटफार्म सिपाह न्यूज़ के अनुसार अमेरिकी एम99 रिपेर ड्रोन को हॉर्मोज जलडमरूमध्य के ऊपर तैनात ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम ने मार गिराया। रिपोर्ट में कहा गया है कि ड्रोन को सफलतापूर्वक निशाना बनाया गया। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि ड्रोन ने किस स्थान से उड़ान भरी थी। एम9 रिपर ड्रोन का इस्तेमाल मुख्य रूप से अमेरिकी वायुसेना निगरानी, खुफिया जानकारी जुटाने और सटीक हमलों के लिए करती है। 28 फरवरी से शुरू हुए अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच संघर्ष के बाद से तेहरान लगातार अमेरिकी सैन्य गतिविधियों को चुनौती देता रहा है। ईरानी मीडिया का दावा है कि अब तक 30 से ज्यादा एम क्यूाइन रिपोन गिराए गए हैं। इसी बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास आरागची ने होमस जलडमरू मध्य को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ओमान के साथ जलडम मध्य के प्रबंधन को लेकर बातचीत अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। उनके मुताबिक दोनों देशों के बीच नए शिपिंग रूट को लेकर सहमति बनने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है।
ईरानी विदेश मंत्रालय ने भी संकेत दिए हैं कि संबंध में जल्द ही कोई औपचारिक समझौता हो सकता है। हालांकि ईरान ने स्पष्ट किया है कि किसी नए समुद्री मार्ग पर सहमति बनने का अर्थ यह नहीं होगा कि हुरम जलडम्र मध्य को पूरी तरह खोल दिया जाए। तेहरान का कहना है कि क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति और मौजूदा हालात को देखते हुए जलडू मंदिर में जहाजों की आवाजाही पर नियंत्रण बनाए रखा जाएगा। यानी नए शिपिंग रूट की व्यवस्था के बावजूद ईरान अपने रणनीतिक विकल्प अपने हाथ में रखना चाहता है। फिलहाल ईरान ने एक और एम9 रिपब ड्रोन को मार गिराया है। अब देखना यह होगा कि अमेरिका इस पर क्या प्रतिक्रिया देता है। यमन के ईरान हिमायती अंसारुल्लाह या हूती ने जिस तरह सऊदी के सेंशंस के खिलाफ सख्त एक्शन लेते हुए लाल सागर पर सऊदी के लिए कंप्लीट ब्लॉकेट लगा दिया है।
Continue reading on the app