UP Budget 2026: बजट के बाद सीएम योगी का पहले रिएक्शन आया सामने, बताया कैसे देश के टॉप 3 अर्थव्यवस्था में पहुंचा यूपी
UP Budget 2026: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के बजट को ऐतिहासिक और दूरदर्शी बताते हुए कहा कि यह हर वर्ग के उत्थान के लिए समर्पित है. बजट के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना कोई नया टैक्स लगाए जनता को अधिकतम लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया है. उन्होंने इस बजट को 'सुरक्षित नारी, सक्षम युवा, खुशहाल किसान और हर हाथ को काम' की थीम पर आधारित बताया.
रिकॉर्ड 10वीं बार बजट पेश करने का अवसर
सीएम योगी ने गर्व जताया कि उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में पहली बार किसी मुख्यमंत्री को लगातार 10वीं बार बजट पेश करने का अवसर मिला है. उन्होंने कहा कि यह केवल एक वित्तीय दस्तावेज नहीं, बल्कि बीते नौ वर्षों के नव निर्माण की गाथा है. उनके अनुसार, पिछले नौ साल में राज्य का बजट आकार तीन गुना से अधिक बढ़ा है, जो बेहतर वित्तीय प्रबंधन का प्रमाण है.
बिना नए टैक्स के ‘सरप्लस स्टेट’ का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश को ‘पॉलिसी पैरालिसिस’ की स्थिति से बाहर निकालकर मजबूत अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर किया गया है. कुशल वित्तीय प्रबंधन के चलते उत्तर प्रदेश को सरप्लस स्टेट बनाने का दावा भी उन्होंने किया. उनका कहना था कि आज यूपी देश की टॉप-3 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और बेरोजगारी दर में उल्लेखनीय कमी आई है.
नई योजनाओं और पूंजीगत व्यय पर जोर
बजट में 43,565 करोड़ रुपये से अधिक की राशि नई योजनाओं के लिए प्रस्तावित की गई है, जबकि 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक पूंजीगत व्यय के लिए निर्धारित किए गए हैं. सरकार का फोकस बुनियादी ढांचे, औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन पर है. सीएम ने इसे “इम्प्लॉयमेंट जेनरेटर बजट” करार दिया.
मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी महाराज के नेतृत्व प्रस्तुत बजट MSME को नई ऊर्जा देने वाला है। सुलभ ऋण व बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से हमारे पारंपरिक शिल्प को वैश्विक पहचान मिल रही है।
— Yogi Adityanath Office (@myogioffice) February 11, 2026
डबल इंजन सरकार में आज उत्तर प्रदेश का युवा 'Job Seeker' नहीं, 'Job Creator' बन रहा है। pic.twitter.com/s4HTZVYGnv
युवाओं और निवेश पर विशेष ध्यान
युवाओं को रोजगार देने के लिए न्यू इकोनॉमिक जोन क्लस्टर विकसित करने का प्रावधान किया गया है. राज्य में सिंगल विंडो सिस्टम को और प्रभावी बनाया जाएगा, ताकि निवेशकों को सहूलियत मिले. सीएम ने कहा कि ‘रूल ऑफ लॉ’ और स्मार्ट पुलिसिंग के कारण ही आज निवेशकों का भरोसा बढ़ा है.
टेक्नोलॉजी और डेटा आधारित विकास
राज्य में नए डेटा सेंटर स्थापित किए जाएंगे और एआई मिशन तथा स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रमों को गति दी जाएगी. अलग-अलग विभागों के आंकड़ों को एकीकृत करने के लिए स्टेट अथॉरिटी के गठन का भी प्रस्ताव है. कई शहरों में इकोनॉमिक जोन विकसित कर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह बजट उत्तर प्रदेश को आत्मनिर्भर, निवेश-अनुकूल और रोजगार सृजक राज्य बनाने की दिशा में मजबूत कदम है.
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बांग्लादेश के पूर्व राजदूत ने आगामी चुनाव पर उठाए सवाल, बोले- 'होगा अब तक के इतिहास का सबसे खराब'
ढाका, 11 फरवरी (आईएएनएस)। बांग्लादेश के आम चुनाव पर दुनिया की नजर है। 12 फरवरी को वोटिंग होनी है। इससे ठीक पहले एक अनुभवी राजदूत (अब निर्वासित ) मोहम्मद हारून अल राशिद ने चुनावों की विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठाए हैं। दावा किया है कि बांग्लादेश के अब तक के इतिहास का ये सबसे बदसूरत चुनाव होगा।
एक बड़े थिंक टैंक को दिए खास इंटरव्यू में उन्होंने इन चुनावों को लेकर अपनी राय रखी।
उन्होंने चेतावनी दी कि अंतरिम सरकार के चीफ एडवाइजर मुहम्मद यूनुस, जो लंबे समय से घटिया चीजों को अच्छाई के तौर पर रीपैकेज करके खुद को बचाए हुए हैं, जवाबदेही से बच नहीं सकते।
श्रीलंका के थिंक टैंक ट्रिंको सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज (टीएसएसटी) के साथ एक इंटरव्यू में, राशिद ने कहा, यूनुस हर चीज को खूबसूरत कहते हैं, लेकिन मैं मानता हूं यह चुनाव बांग्लादेश के इतिहास का सबसे बदसूरत चेहरा दिखाएगा। ऐसा मैं कोई बढ़ा-चढ़ाकर बोलने के लिए नहीं कर रहा। यूनुस लंबे समय से घटिया चीजों को अच्छाई के तौर पर रीपैकेज कर खुद को बचा रहे हैं। इस बार, वह बच नहीं पाएंगे।
उन्होंने कहा कि जो हो रहा है वह असली चुनाव नहीं है, बल्कि 2024 के जिहादी गठबंधन के दो गुटों के बीच मुकाबला है, जिसने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को हटाकर सत्ता पर कब्जा जमाया है।
उन्होंने तर्क दिया कि एक तरफ बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) और उसके सहयोगी हैं, जबकि दूसरी तरफ कट्टरपंथी इस्लामिक पार्टी जमात-ए-इस्लामी और उसके साथी हैं।
टीएसएसटी से बात करते हुए राशिद ने कहा कि विचारधारा के हिसाब से बीएनपी मिस्र के मुस्लिम ब्रदरहुड जैसी है—भले ही स्ट्रक्चर के हिसाब से नहीं—जबकि जमात फिलिस्तीन में हमास जैसी है। उन्होंने कहा कि दोनों में से कोई भी लोकतांत्रिक मूल्यों को सामने नहीं रखता और दोनों ही इस्लामिक कट्टरपंथ का प्रतिनिधित्व करते हैं।
राशिद ने कहा, किसी भी असली लोकतांत्रिक पार्टी को चुनाव लड़ने की इजाजत नहीं दी गई है। यूनुस खुलेआम नतीजे को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि वह अगली सरकार के केंद्र में बने रहें। उनके पसंदीदा साथी जमात और उससे जुड़े लोग हैं, जिसमें एनसीपी भी शामिल है। इसके कैडर ने 2024 की जिहादी हिंसा के दौरान तथाकथित कोटा मूवमेंट के नाम पर सुसाइड ऑपरेटिव के तौर पर काम किया था।
उन्होंने जोर देकर कहा, आप चाहें तो इसे इलेक्शन कह सकते हैं। यह ऐसा कुछ नहीं है।
राशिद से जब पूछा गया कि एक ऐसा देश जो पहले धर्मनिरपेक्ष गणतंत्र के तौर पर पहचाना जाता था, अब उसे आतंक के चश्मे से देखा जाने लगा है। ऐसे में वे बांग्लादेश की बदलती छवि को कैसे देखते हैं?
इस पर उन्होंने कहा कि यह बदलाव न सिर्फ बांग्लादेश के लिए बल्कि 21वीं सदी में पूरी इंसानियत के लिए एक झटका है।
उन्होंने आगे कहा, यूनुस के हड़पे हुए अठारह महीनों के राज से हुई तबाही ने दशकों की तरक्की को खत्म कर दिया है। इसने शेख हसीना के राज में बड़ी मेहनत से बनाई गई इकॉनमी को बर्बाद कर दिया है और बांग्लादेश की सेक्युलर पहचान, ऐतिहासिक यादों और उसके मुक्ति संग्राम की नैतिक विरासत को एक प्रक्रिया के तहत खत्म कर दिया है। यह सिर्फ राजनीतिक गिरावट नहीं है; यह पूरी सभ्यता के खिलाफ बर्बरता है।
जब उनसे उनके इस दावे के बारे में पूछा गया कि यूनुस के राज में बांग्लादेश आतंक में डूब गया है, जबकि पश्चिम में यूनुस की लंबे समय से उदारवादी नेता की छवि रही है, तो राशिद ने कहा कि जिन लोगों ने यूनुस को करीब से देखा था, वे उन्हें एक ठग और इंटरनेशनल ढोंगी मानते थे। ऐसा शख्स जो अपनी बातों और स्थापित इकबाल के बूते पश्चिम को अंधा करके अपनी ओर खींचने में माहिर था।
--आईएएनएस
केआर/
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