भक्ति, तप, सेवा और सत्संग… ‘हर-हर महादेव’ के साथ हुई भावनाथ मेले की शुरुआत: जानिए क्यों कहा जाता है इसे गुजरात का ‘मिनी कुंभ’
गुजरात में भावनाथ का मेला बुधवार (11 फरवरी 2026) से शुरू हुआ। इसकी तैयारियों और विशालता को देखते हुए इसे ‘मिनी कुंभ’ भी कहा जा रहा है।
महाशिवरात्रि स्पेशल: यहां मौजूद हैं शक्तिशाली कृतिवासेश्वर महादेव, बहुत कम लोगों को मिलता है दर्शन का सौभाग्य
नई दिल्ली, 11 फरवरी (आईएएनएस)। सृष्टि की उत्पत्ति और संहार के अधिपति भगवान शिव को माना जाता है। स्वभाव से भोलेनाथ भक्तों पर शीघ्र प्रसन्न होते हैं, तो क्रोध आने पर संहारक रूप धारण करते हैं। आस्था के प्रमुख केंद्र वाराणसी में महादेव के असंख्य स्वरूपों की पूजा होती है, लेकिन इसी पवित्र नगरी में एक ऐसा स्थल भी है, जहां आज तक शिव को उनका पारंपरिक स्थान पूरी तरह वापस नहीं मिल सका है।
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