Mangala Gauri Vrat 2026: मंगला गौरी व्रत पर माता पार्वती की आरती-चालीसा और शक्तिशाली मंत्रों का जाप जरूर करें, मिलेगा सौभाग्य का वरदान
Mangala Gauri Vrat 2026: श्रावण के महीने में सोमवारी के व्रत के साथ-साथ मंगल के व्रत की भी खास मान्यता है. जिस प्रकार सोमवार का व्रत शिवजी को समर्पित होता है, उसी प्रकार मंगलवार के दिन मंगला गौरी व्रत रखा जाता है. यह व्रत अत्यंत खास होता है. इसे भी सनातन धर्म में खास माना गया है. मंगला गौरी व्रत विवाहित महिलाएं करती हैं. मान्यता है कि इस व्रत को नियमानुसार करने से वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि आती है. संतान सुख प्राप्त होता है. आज यानी 4 अगस्त 2026 को पहला मंगला गौरी व्रत रखा जा रहा है. इस व्रत के दिन संध्या में आपको माता पार्वती की पूजा करनी चाहिए. उनकी पूजा में आरती, चालीसा और मंत्रों का जाप जरूर करना चाहिए.
आइए आपको इस आर्टिकल में माता पार्वती की आरती, चालीसा और शक्तिशाली मंत्रों के लिरिक्स बताते हैं.
माता पार्वती की आरती (Parvati Mata Aarti Lyrics in Hindi)
जय पार्वती माता जय पार्वती माता
ब्रह्म सनातन देवी शुभ फल कदा दाता।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
अरिकुल पद्मा विनासनी जय सेवक त्राता
जग जीवन जगदम्बा हरिहर गुण गाता।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
सिंह को वाहन साजे कुंडल है साथा
देव वधु जहं गावत नृत्य कर ताथा।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
सतयुग शील सुसुन्दर नाम सती कहलाता
हेमांचल घर जन्मी सखियन रंगराता।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
शुम्भ निशुम्भ विदारे हेमांचल स्याता
सहस भुजा तनु धरिके चक्र लियो हाथा।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
सृष्टि रूप तुही जननी शिव संग रंगराता
नंदी भृंगी बीन लाही सारा मदमाता।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
देवन अरज करत हम चित को लाता
गावत दे दे ताली मन में रंगराता।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
श्री प्रताप आरती मैया की जो कोई गाता
सदा सुखी रहता सुख संपति पाता।
जय पार्वती माता मैया जय पार्वती माता।
माता पार्वती चालीसा (Mata Parvati Chalisa Lyrics in Hindi)
दोहा
जय गिरी तनये दक्षजे
शम्भू प्रिये गुणखानि ।
गणपति जननी पार्वती
अम्बे! शक्ति! भवानि ॥
चौपाई
ब्रह्मा भेद न तुम्हरो पावे ।
पंच बदन नित तुमको ध्यावे ॥
षड्मुख कहि न सकत यश तेरो ।
सहसबदन श्रम करत घनेरो ॥
तेऊ पार न पावत माता ।
स्थित रक्षा लय हिय सजाता ॥
अधर प्रवाल सदृश अरुणारे ।
अति कमनीय नयन कजरारे ॥
ललित ललाट विलेपित केशर ।
कुंकुंम अक्षत शोभा मनहर ॥
कनक बसन कंचुकि सजाए ।
कटी मेखला दिव्य लहराए ॥
कंठ मदार हार की शोभा ।
जाहि देखि सहजहि मन लोभा ॥
बालारुण अनंत छबि धारी ।
आभूषण की शोभा प्यारी ॥
नाना रत्न जड़ित सिंहासन ।
तापर राजति हरि चतुरानन ॥
इन्द्रादिक परिवार पूजित ।
जग मृग नाग यक्ष रव कूजित ॥ 10
गिर कैलास निवासिनी जय जय ।
कोटिक प्रभा विकासिनी जय जय ॥
त्रिभुवन सकल कुटुंब तिहारी ।
अणु अणु महं तुम्हारी उजियारी ॥
हैं महेश प्राणेश तुम्हारे ।
त्रिभुवन के जो नित रखवारे ॥
उनसो पति तुम प्राप्त कीन्ह जब ।
सुकृत पुरातन उदित भए तब ॥
बूढ़ा बैल सवारी जिनकी ।
महिमा का गावे कोउ तिनकी ॥
सदा श्मशान बिहारी शंकर ।
आभूषण हैं भुजंग भयंकर ॥
कण्ठ हलाहल को छबि छायी ।
नीलकण्ठ की पदवी पायी ॥
देव मगन के हित अस किन्हो ।
विष लै आपु तिनहि अमि दिन्हो ॥
ताकी तुम पत्नी छवि धारिणी ।
दुरित विदारिणी मंगल कारिणी ॥
देखि परम सौंदर्य तिहारो ।
त्रिभुवन चकित बनावन हारो ॥
भय भीता सो माता गंगा ।
लज्जा मय है सलिल तरंगा ॥
सौत समान शम्भू पहआयी ।
विष्णु पदाब्ज छोड़ि सो धायी ॥
तेहि कों कमल बदन मुरझायो ।
लखी सत्वर शिव शीश चढ़ायो ॥
नित्यानंद करी बरदायिनी ।
अभय भक्त कर नित अनपायिनी ॥
अखिल पाप त्रयताप निकन्दिनी ।
माहेश्वरी हिमालय नन्दिनी ॥
काशी पुरी सदा मन भायी ।
सिद्ध पीठ तेहि आपु बनायी ॥
भगवती प्रतिदिन भिक्षा दात्री ।
कृपा प्रमोद सनेह विधात्री ॥
रिपुक्षय कारिणी जय जय अम्बे ।
वाचा सिद्ध करि अवलम्बे ॥
गौरी उमा शंकरी काली ।
अन्नपूर्णा जग प्रतिपाली ॥
सब जन की ईश्वरी भगवती ।
पतिप्राणा परमेश्वरी सती ॥
तुमने कठिन तपस्या कीनी ।
नारद सों जब शिक्षा लीनी ॥
अन्न न नीर न वायु अहारा ।
अस्थि मात्रतन भयउ तुम्हारा ॥
पत्र घास को खाद्य न भायउ ।
उमा नाम तब तुमने पायउ ॥
तप बिलोकी ऋषि सात पधारे ।
लगे डिगावन डिगी न हारे ॥
तब तब जय जय जय उच्चारेउ ।
सप्तऋषि निज गेह सिद्धारेउ ॥
सुर विधि विष्णु पास तब आए ।
वर देने के वचन सुनाए ॥
मांगे उमा वर पति तुम तिनसों ।
चाहत जग त्रिभुवन निधि जिनसों ॥
एवमस्तु कही ते दोऊ गए ।
सुफल मनोरथ तुमने लए ॥
करि विवाह शिव सों भामा ।
पुनः कहाई हर की बामा ॥
जो पढ़िहै जन यह चालीसा ।
धन जन सुख देइहै तेहि ईसा ॥
दोहा
कूटि चंद्रिका सुभग शिर,
जयति जयति सुख खानि
पार्वती निज भक्त हित,
रहहु सदा वरदानि।
माता पार्वती के शक्तिशाली मंत्र
माता पार्वती को नमन मंत्र- ऊं उमामहेश्वराभ्यां नम:
गौरी मंत्र- ऊं गौरयै नम:
माता पार्वती का कल्याणकारी मंत्र- ऊं सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते॥
इन मंत्रों का जाप सुबह या फिर संध्या के समय में करना चाहिए. जाप करते समय स्फटिक की या रुद्राक्ष की माला का प्रयोग करना चाहिए. साथ ही इन मंत्रों का कम से कम 108 बार जाप करना चाहिए.
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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. News Nation इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
एफएसएसएआई ने डाबर के भ्रामक दावे वाले कई उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाई, शेयर करीब 3 प्रतिशत फिसला
नई दिल्ली, 4 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने डाबर इंडिया लिमिटेड के खिलाफ कथित तौर पर 100 प्रतिशत शुद्ध जैसे भ्रामक दावे करने वाले खाद्य उत्पादों की बिक्री को लेकर रोक का आदेश जारी किया है।
खाद्य नियामक ने एफएमसीजी कंपनी के उन उत्पादों की बिक्री को रोकने का निर्देश दिया हैं, जिन पर 100 प्रतिशत नेचुरल,100 प्रतिशत प्योर,100 प्रतिशत प्यूरिटी गारंटीड और 100 प्रतिशत टेंडर कोकोनट वाटर जैसे दावे किए गए थे।
यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) की उस टिप्पणी के बाद की गई है, जिसमें कहा गया था कि ये दावे अस्पष्ट, अप्रमाणित और उपभोक्ताओं को गुमराह करने की संभावना रखते हैं।
नियामक के अनुसार, ऐसे दावों का उपयोग खाद्य सुरक्षा एवं मानक (विज्ञापन एवं दावे) विनियम, 2018 का उल्लंघन है।
एफएसएसएआई ने कहा कि डाबर हिमालयन ऑर्गेनिक एप्पल साइडर विनेगर और डाबर ऑर्गेनिक हनी पर एफएसएसएआई की वैध ऑर्गेनिक मंजूरी के बिना जैविक भारत लोगो दिखाया गया था, जो कथित तौर पर फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (ऑर्गेनिक फ़ूड्स) रेगुलेशंस, 2017 का उल्लंघन है।
इसके अलावा, रेगुलेटर ने कहा कि डाबर होममेड कोकोनट मिल्क को 100 प्रतिशत शुद्धता के दावे के साथ बेचा गया, जिसकी इजाजत कंपाउंड फूड प्रोडक्ट्स के लिए नहीं है।
रेगुलेटर ने यह भी कहा कि कंपनी को गुमराह करने वाले 100 प्रतिशत दावों को बंद करने का निर्देश देने वाला नोटिस पहले भी दिया गया था, लेकिन कोई संतोषजनक सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई।
एफएसएसएआई ने कंपनी को निर्देश दिया है कि वह पहचाने गए प्रोडक्ट्स की बिक्री तुरंत बंद करे और 15 दिनों के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) जमा करे।
इस डेवलपमेंट के बाद डाबर इंडिया के शेयर में गिरावट देखने को मिली है। सुबह 11:30 बजे यह 2.85 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 413.65 रुपए पर कारोबार कर रहा था।
बीते एक महीने में शेयर 8 प्रतिशत और बीते छह महीने में 17 प्रतिशत से ज्यादा लुढ़क चुका है।
--आईएएनएस
एबीएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
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