Explainer: T20 से ब्रेक, टेस्ट मिशन पर फोकस, क्या है 'वर्कलोड मैनेजमेंट' जो बदल रहा है मॉडर्न तेज गेंदबाजों का करियर?
आधुनिक क्रिकेट की दुनिया तेजी से बदल रही है. आज के समय में एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर साल के 12 महीने मैदान पर व्यस्त रहता है. तीनों फॉर्मेट (टेस्ट, वनडे, टी20) के द्विपक्षीय दौरों के साथ-साथ दुनिया भर में होने वाली अनगिनत टी20 लीग्स ने खेल की रफ्तार और खिलाड़ियों की व्यस्तता को चरम पर पहुंचा दिया है. इस व्यस्त कार्यक्रम का सबसे बुरा असर तेज गेंदबाजों के शरीर पर पड़ता है. 13 अक्टूबर को इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली आगामी टी20 सीरीज से जोफ्रा आर्चर और गस एटकिंसन जैसे अपने चार प्रमुख तेज गेंदबाजों को सिर्फ इसलिए आराम दिया ताकि वे दिसंबर में होने वाले साउथ अफ्रीका के अहम टेस्ट दौरे के लिए पूरी तरह फिट और तरोताजा रह सकें. इस रणनीतिक फैसले ने एक बार फिर क्रिकेट जगत में 'वर्कलोड मैनेजमेंट' विषय को लेकर चर्चा छेड़ दी है. आइए इस आर्टिकल में आसान शब्दों में समझते हैं कि यह तकनीक क्या है, क्यों आज के दौर में यह तेज गेंदबाजों की जरूरत बन चुकी है और यह उनके करियर की दिशा को कैसे बदल रही है.
क्या होता है वर्कलोड मैनेजमेंट?
आसान शब्दों में कहें तो 'वर्कलोड मैनेजमेंट' का मतलब है किसी भी खिलाड़ी, खासकर तेज गेंदबाज के खेलने और आराम करने के समय के बीच एक सही संतुलन बनाना. इसके तहत खेल विज्ञान और डेटा का उपयोग करके यह ट्रैक किया जाता है कि एक गेंदबाज ने नेट प्रैक्टिस और मैचों को मिलाकर कुल कितने ओवर फेंके हैं, उसने मैदान पर कितनी दौड़ लगाई है और उसके शरीर पर कितना शारीरिक तनाव पड़ा है. जब यह डेटा एक निश्चित सीमा को पार करने लगता है, तो वैज्ञानिक और कोच खिलाड़ी को चोटिल होने से बचाने के लिए जानबूझकर कुछ सीरीज या मैचों से ब्रेक दे देते हैं. इसका मुख्य उद्देश्य खिलाड़ी की फिटनेस को लंबे समय तक बनाए रखना होता है.
आधुनिक तेज गेंदबाजों के लिए यह क्यों है बेहद जरूरी?
एक तेज गेंदबाज का शरीर वास्तव में एक स्प्रिंटर और एक हैवी-वेट लिफ्टर के मिश्रण की तरह काम करता है. जब कोई गेंदबाज 140 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से गेंद फेंकता है, तो लैंडिंग के वक्त उसके घुटनों, टखनों और पीठ पर उसके वास्तविक शरीर के वजन का लगभग 8 से 10 गुना तक भारी दबाव पड़ता है. पहले के दौर में खिलाड़ी एक इंटरनेशनल सीरीज खत्म होने के बाद हफ्तों तक आराम करते थे, लेकिन आज लगातार क्रिकेट का दबाव इस कदर बढ़ चुका है कि आईपीएल, पीएसएल और बिग बैश जैसी टी20 लीग्स के साथ-साथ लगातार होने वाले ICC इवेंट्स के कारण गेंदबाजों के लिए आराम का समय पूरी तरह खत्म हो चुका है.
ऐसे व्यस्त कार्यक्रम में शरीर को पर्याप्त आराम न मिलने की वजह से तेज गेंदबाजों को स्ट्रेस फ्रैक्चर (पीठ की हड्डी में दरार), मांसपेशियों में खिंचाव और घुटने की गंभीर चोटें होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. यही कारण है कि जोफ्रा आर्चर, जसप्रीत बुमराह और पैट कमिंस जैसे दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज भी अपने करियर के किसी न किसी मोड़ पर इन गंभीर चोटों के चलते महीनों तक क्रिकेट के मैदान से दूर रहे हैं.
वाइट-बॉल बनाम रेड-बॉल, बोर्ड्स की बदलती प्राथमिकताएं
इंग्लैंड बोर्ड का ताजा फैसला साफ तौर पर दिखाता है कि आज के दौर में क्रिकेट बोर्ड्स ने प्रारूपों के महत्व को बांट दिया है, जिसमें टेस्ट क्रिकेट को आज भी खेल का सर्वोच्च शिखर माना जाता है. जहां टी20 मैच फटाफट खत्म हो जाते हैं और एक गेंदबाज को पूरे मैच में केवल 4 ओवर फेंकने होते हैं, वहीं एक टेस्ट मैच में उसे एक दिन में ही 15 से 20 ओवर और पूरे मुकाबले में 40 ओवर तक फेंकने पड़ सकते हैं, जिसके लिए ज्यादा रणनीतिक आराम की आवश्यकता होती है.
तेज गेंदबाजों के करियर पर इसका क्या असर पड़ रहा है?
वर्कलोड मैनेजमेंट ने आज के तेज गेंदबाजों के करियर को दो अलग रास्तों पर लाकर खड़ा कर दिया है. एक तरफ जहां सही देखरेख से खिलाड़ियों के करियर की उम्र बढ़ रही है, जैसे जेम्स एंडरसन का 41 साल की उम्र तक टेस्ट खेलना, तो वहीं जसप्रीत बुमराह और पैट कमिंस भी इसी वजह से तीनों फॉर्मेट में अपना दबदबा बनाए हुए हैं. दूसरी तरफ, गेंदबाजों में अब 'फ्रीलांस क्रिकेटर' बनने का चलन बढ़ रहा है. ट्रेंट बोल्ट जैसे खिलाड़ी अपने शरीर को बचाने के लिए नेशनल टीम का सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट छोड़ रहे हैं और इंटरनेशनल क्रिकेट के बजाय टी20 लीग्स को प्राथमिकता दे रहे हैं, क्योंकि वहां कम ओवर फेंकने पड़ते हैं और कमाई भी ज्यादा होती है. इससे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अब सीनियर गेंदबाजों की कमी साफ दिखने लगी है.
क्या वर्कलोड मैनेजमेंट से खेल की प्रतिस्पर्धा प्रभावित होती है?
इस सिक्के का एक दूसरा पहलू भी है. जब बड़े स्टार गेंदबाज किसी महत्वपूर्ण सीरीज से बाहर बैठते हैं, तो फैंस और ब्रॉडकास्टर्स थोड़े निराश जरूर होते हैं, जिससे खेल का रोमांच कुछ कम महसूस होता है. हालांकि इसका एक बेहद सकारात्मक पहलू यह है कि इससे टीम की बेंच स्ट्रेंथ काफी मजबूत होती है. जब सीनियर गेंदबाजों को वर्कलोड के तहत आराम दिया जाता है, तो नए और युवा गेंदबाजों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतरीन मौका मिलता है, जिससे टीमों के पास भविष्य के लिए बैकअप खिलाड़ियों का एक बड़ा पूल तैयार हो जाता है.
वर्कलोड मैनेजमेंट कोई शौक नहीं है, बल्कि यह आधुनिक क्रिकेट की एक अनिवार्य आवश्यकता बन चुका है. 145 किमी/घंटे की रफ्तार से दौड़ने वाले इंसानी शरीर को भी आराम चाहिए. भविष्य में हमें ऐसे फैसले और ज्यादा देखने को मिलेंगे, जहां तेज गेंदबाज चुनिंदा सीरीज में ही खेलते नजर आएंगे. यदि हमें बुमराह, आर्चर या कमिंस जैसे महान गेंदबाजों की स्विंग और रफ्तार का लुत्फ अगले कई सालों तक उठाना है, तो क्रिकेट जगत को इस 'वर्कलोड मैनेजमेंट' के नए नियम को पूरी तरह स्वीकार करना होगा.
यह भी पढ़ें: 'भुवी ने कभी वापसी का पीछा नहीं...', टीम इंडिया में भुवनेश्वर कुमार के कमबैक पर आर अश्विन ने कह दी ये बड़ी बात
Dharmendra Yadav on Congress-SP Alliance: कांग्रेस से गठबंधन पर क्या बोले SP सांसद धर्मेंद्र यादव?
Dharmendra Yadav on Congress-SP Alliance: कांग्रेस से गठबंधन पर क्या बोले SP सांसद धर्मेंद्र यादव? #dharmendrayadav #congress #samajwadiparty उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन को लेकर चर्चाएं तेज हैं। इसी बीच सपा सांसद धर्मेंद्र यादव के बयान पर सबकी नजर है। कांग्रेस के साथ गठबंधन और आगामी चुनावों को लेकर उन्होंने क्या कहा? क्या यूपी में सपा और कांग्रेस का साथ आगे भी जारी रहेगा? news18 live | aaj ka taaja khabar | आज की ताजा खबर | up live news | news18 up live news | up news live | aaj ke taaja khabar | hindi hews | latest news | news in hindi | hindi samachar | hindi khabar | n18oc_uttar_pradesh Follow Every Breaking Story LIVE ???? Watch News18 LIVE 24x7: https://youtube.com/live/pVXYxHNwJo8 SUBSCRIBE to get the Latest News & Updates - http://bit.ly/News18UP News18 Mobile App - https://onelink.to/desc-youtube Follow Us on Social Media: Website: https://bit.ly/3auydBL Twitter: https://twitter.com/News18UP https://twitter.com/News18_UK Facebook: https://www.facebook.com/News18UP/ https://www.facebook.com/News18UK/ About Channel: News18 UP Uttarakhand is one of India's leading Hindi news channel and can be watched live on YouTube. News18 UP Uttarakhand news channel is a part of Network 18. Topics such as politics, education, health, environment, economy, business, sports, and entertainment are covered by this channel. The channel gives nationwide coverage. News18 UP Uttarakhand ,भारत का एक मात्र भरोसेमंद और लोकप्रिय न्यूज़ चैनल है। यह चैनल नेटवर्क १८ का हिस्सा है। यह चैनल उत्तरप्रदेश एवं उत्तराखंड के सभी क्षेत्रीय खबरों के साथ साथ सरकार, राजनीति, पर्यावरण , खेल-कूद से जुड़ी राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय खबरें प्रसारित करता है| news18 up live, aaj ki taaza khabar, news18 up uttarakhand live, uttar pradesh news, delhi pollution, cec gyanesh kumar protest, delhi new protest sites, bimstec home ministers meeting, bjp mahila morcha protest, pti protest peshawar, bla gwadar attack, khyber pakhtunkhwa emergency, pakistan army plane crash, shiv sena symbol case, rahul gandhi disproportionate assets case, rahul gandhi defamation case, varanasi garba controversy, owaisi sambhal controversy, kerala congress cji tweet
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation
News18








