सऊदी को बचाने क्यों नहीं आया अमेरिका, साजिश में सबक के सब शामिल थे? अब खुल गया राज!
एक तरफ यमन के अंसारुल्लाह हूती लड़ाके सीधे रियाद के एयरपोर्ट्स और तेल प्रतिष्ठानों पर मिसाइलों की बमबारी कर रहे हैं। दूसरी तरफ वाशिंगटन से मदद मांगना सऊदी शहजादे के लिए अपने ही हाथों में बारूद का गोला थामने जैसा साबित हो रहा है। इंटरनेशनल थिंक टैंक क्वीनसी इंस्टीट्यूट के वरिष्ठ विश्लेषक त्रिता पारसी ने बीबीसी को दिए अपने एक खालिया बयान में इस बात की पूरी कड़वी सच्चाई उजागर कर कर रख दी जिसे सुनने के बाद हर कोई हैरान है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि सऊदी अरब इस वक्त पूरी तरीके से बुरे विकल्पों के जाल में फंसा हुआ है। यानी कोई भी विकल्प चुनना उसके लिए खतरे से खाली नहीं। अगर सऊदी अरब भूतियों के विनाशकारी हमलों से बचने के लिए अमेरिका से सैन्य सहायता मांगेगा तो वाइट हाउस के पास इसके बदले एक बहुत बड़ी शर्त भी तैयार रखी है।
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डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन सऊदी अरब की मदद तो तभी करेगा जब रियाद अपनी सीमाओं और एयर स्पेस का इस्तेमाल अमेरिकी वायुसेना को ईरान पर सीधे हमले करने के लिए देगा। और यही रियादत का सबसे बड़ा खौफनाक धर्म संकट भी है। क्योंकि अगर प्रिंस सलमान अमेरिकी लड़ाकू विमानों को अपने एयर स्पीस का इस्तेमाल करने की इजाजत दे देंगे तो इसका सीधा मतलब होगा ईरान के साथ खुली जंग लेना। तेहरान तुरंत अपनी बैलस्टिक मिसाइलों का रुख रिहाद और अरामको की रिफाइनरियों की तरफ मोड़ देगा। वहीं दूसरी तरफ यमन में हूतियों का रुख इस कदर आक्रामक हो चुका है कि वे अब तेहरान की भी नहीं सुनने वाले। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के मुताबिक कई मौकों पर ईरान की सलाह को भी नजरअंदाज करते हुए ने अपने अभियानों को अंजाम दिया है। उनका एकमात्र लक्ष्य अब अपने ऊपर लगे सभी ब्लॉकेट को तोड़ना है। त्रिता पारसी ने साफ शब्दों में कहा कि सऊदी अरब इस वक्त एक ऐसे कगार पर खड़ा हुआ है जहां उसके पास सिर्फ और सिर्फ बुरे विकल्प ही बचे हैं। सऊदी अरब और हूतियों के बीच सालों से चला आ रहा सीज फायर तब टूटा था जब सऊदी ने कुछ महीने पहले सरा एयरपोर्ट पर बमबार्डिंग शुरू की। लेकिन इस भयानक तबाही की असली जड़ है डोनाल्ड ट्रंप और इसराइल की ईरान के खिलाफ शुरू की गई वो बेवजह की जंग जिसने पूरे मिडिल ईस्ट को आग के हवाले कर दिया।
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पारसी ने सबसे खौफनाक चेतावनी देते हुए कहा अब तक की जंग नापी तौली और कैलकुलेटेड थी। लेकिन अब यह युद्ध कंट्रोल से बाहर हो रहा है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि यहूतियों को समर्थन देने वाला ईरान खुद इस बात से घबराया हुआ है कि अगर वह यह आग और भड़का देगा तो इसे रोक पाना तेहरान के बस में भी नहीं रहेगा। यानी हूतियों के खिलाफ सऊदी इस वक्त बहुत बुरी हालात में फंसा हुआ है। सवाल है ट्रंप का सऊदी की मदद के लिए युद्ध में ना कूदने के पीछे का कारण तो अमेरिकी एक्सपर्ट त्रेता पारसी ने पहले ही बताया कि अमेरिका बहुत पहले से पिछले कई सालों से हूतियों के साथ 9 हफ्ते तक जंग लड़कर देख चुका है और नतीजा उसका शून्य निकला था। अमेरिका का इस जंग में दूर रहना ही सबसे समझदारी वाली बात होगी। फिलहाल सवाल यह है कि अमेरिका क्या वास्तव में सऊदी अरब की मदद नहीं करेगा? और अगर अमेरिका नहीं करेगा तो पेट्रोल डॉलर का क्या होगा? देखिए हमारी अगली रिपोर्ट। बड़ी खबर आ रही है सऊदी अरब से जहां बिन सलमान को सुरक्षित निकाला गया है।
ICC Women ODI Rankings में Smriti Mandhana नंबर 1 पर बरकरार, मिले 790 रेटिंग अंक
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की नई कप्तान स्मृति मंधाना ने आईसीसी की ताजा महिला एकदिवसीय बल्लेबाजी रैंकिंग में अपना पहला स्थान बरकरार रखा है। मंगलवार को जारी रैंकिंग में स्मृति 790 अंकों के साथ शीर्ष पर बनी हुई हैं। वहीं, ऑस्ट्रेलिया की अनुभवी खिलाड़ी एलिस पेरी ने भी शीर्ष 10 में वापसी की है। ताजा रैंकिंग में भारतीय खिलाड़ियों ने एकदिवसीय और टी20, दोनों प्रारूपों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है।
स्मृति मंधाना हाल ही में हरमनप्रीत कौर की जगह भारतीय महिला टीम की कप्तान बनी हैं। कप्तानी की जिम्मेदारी मिलने के बाद भी उनका शानदार प्रदर्शन जारी है। एकदिवसीय बल्लेबाजों की सूची में वह भारत की सबसे ऊंची रैंकिंग वाली खिलाड़ी हैं। हरमनप्रीत कौर भी इस सूची के शीर्ष 10 में शामिल हैं। वह 652 अंकों के साथ 9वें स्थान पर हैं। इस तरह एकदिवसीय बल्लेबाजी रैंकिंग में भारत की 2 खिलाड़ियों ने शीर्ष 10 में जगह बनाई है।
गेंदबाजी की बात करें तो भारतीय ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा को एक स्थान का नुकसान हुआ है। वह महिला एकदिवसीय गेंदबाजी रैंकिंग में 9वें स्थान पर पहुंच गई हैं। वहीं, ऑस्ट्रेलिया की एनाबेल सदरलैंड और मेगन शट ने रैंकिंग में ऊपर की ओर बढ़त हासिल की है। दोनों गेंदबाजों ने शीर्ष खिलाड़ियों के बीच अपनी स्थिति मजबूत की है।
टी20 अंतरराष्ट्रीय बल्लेबाजी रैंकिंग में भी भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन अच्छा रहा है। इस सूची के शीर्ष 10 में भारत की 3 बल्लेबाज शामिल हैं। शेफाली वर्मा 759 अंकों के साथ चौथे स्थान पर हैं, जबकि स्मृति मंधाना 754 अंकों के साथ पांचवें नंबर पर बनी हुई हैं। हरमनप्रीत कौर 656 अंकों के साथ 10वें स्थान पर हैं। यह दिखाता है कि भारत के पास छोटे प्रारूप में भी मजबूत बल्लेबाजी विकल्प मौजूद हैं।
गौरतलब है कि टी20 अंतरराष्ट्रीय गेंदबाजी रैंकिंग में भारतीय स्पिनरों का दबदबा बना हुआ है। श्री चरणी 817 अंकों के साथ पहले स्थान पर हैं, जबकि दीप्ति शर्मा 754 अंकों के साथ दूसरे नंबर पर हैं। इस तरह भारत की 2 गेंदबाज इस सूची के शीर्ष 2 स्थानों पर काबिज हैं। स्पिन गेंदबाजी में यह प्रदर्शन भारतीय टीम के लिए अहम माना जा रहा है, खासकर उन मुकाबलों में जहां पिच से स्पिनरों को मदद मिलती है।
ऑलराउंडरों की रैंकिंग में दीप्ति शर्मा शीर्ष 10 में जगह बनाने वाली भारत की एकमात्र खिलाड़ी हैं। वह टी20 अंतरराष्ट्रीय ऑलराउंडरों की सूची में चौथे और एकदिवसीय प्रारूप में छठे स्थान पर हैं। इससे दोनों प्रारूपों में उनके योगदान का पता चलता है।
टीम रैंकिंग में भारत महिला एकदिवसीय और टी20 अंतरराष्ट्रीय, दोनों प्रारूपों में तीसरे स्थान पर बना हुआ है। ताजा आंकड़े बताते हैं कि भारतीय महिला टीम के पास बल्लेबाजी, गेंदबाजी और ऑलराउंड प्रदर्शन में कई मजबूत खिलाड़ी हैं। आने वाले मुकाबलों में इन खिलाड़ियों का प्रदर्शन टीम की रैंकिंग और बड़े टूर्नामेंटों की तैयारियों के लिहाज से अहम रहने वाला है।
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