ऑटोइम्यून बीमारियों से जूझ रही महिलाओं को 'ये तो दिमागी समस्या' कहकर टालने के मामले ज्यादा: स्टडी में खुलासा
नई दिल्ली, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। ऑटोइम्यून बीमारियों से जूझ रही महिलाओं को पुरुषों की तुलना में ट्रीटमेंट जल्दी नहीं मिलता है। उन्हें बार-बार यह बताया जाता है कि उनके लक्षणों की वजह मानसिक या मनोवैज्ञानिक है। इससे बीमारी की सही पहचान और उपचार में देरी हो सकती है। ब्रिटेन के कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय और ईस्ट एंग्लिया विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के एक अध्ययन में यह बात सामने आई है।
ऑटोइम्यून बीमारियों से जूझ रही महिलाओं को 'ये तो दिमागी समस्या' कहकर टालने के मामले ज्यादा: स्टडी में खुलासा
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