UP News: सड़क हादसे में घायलों की जान बचाने वालों को ₹25 हजार, केंद्र ने यूपी को दिए 10 लाख
UP Road Safety Award: सड़क पर होने वाले हादसों में अक्सर लोग मदद करने से कतराते हैं, लेकिन कुछ संवेदनशील नागरिक अपनी परवाह किए बिना घायलों की जान बचाने के लिए दौड़ पड़ते हैं. ऐसे ही देवदूत बनकर सामने आने वाले नागरिकों का हौसला बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश में एक बड़ी पहल शुरू हो रही है. सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल लोगों को सही समय पर अस्पताल पहुंचाकर उनकी सांसें लौटाने वाले 27 नेक नागरिकों को राज्य सरकार सम्मानित करने जा रही है. केंद्र सरकार की राहवीर योजना के तहत इन सभी लोगों को 25-25 हजार रुपये की नकद प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया जाएगा.
मददगारों के सम्मान के लिए जारी हुआ बजट
इस पूरी योजना को जमीन पर उतारने के लिए केंद्र सरकार ने अपनी ओर से जरूरी बजट को मंजूरी दे दी है. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग को इसके लिए 10 लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई है. यह रकम परिवहन आयुक्त उत्तर प्रदेश के बैंक खाते में भेज दी गई है. जिला स्तर पर बनी सड़क सुरक्षा समितियों ने पूरी जांच-पड़ताल के बाद इन 27 लाभार्थियों के नामों की सिफारिश की थी. इस बजट के मिलने के बाद अब इन सभी मददगारों के बैंक खातों में पुरस्कार राशि भेजने की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है.
मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में सड़क सुरक्षा और संवेदनशीलता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार राज्य में सड़क सुरक्षा के नियमों को कड़ा करने के साथ-साथ दुर्घटना पीड़ितों की तुरंत मदद करने पर लगातार जोर दे रही है. अक्सर देखा जाता है कि कानूनी पचड़ों या पुलिस की पूछताछ के डर से लोग सड़क किनारे तड़प रहे घायल को देखकर भी आगे नहीं आते. सरकार की इस पहल का मुख्य मकसद समाज से इसी डर को निकालना है. जब नेक काम करने वालों को सरकार की तरफ से सम्मान और आर्थिक मदद मिलेगी, तो आम लोगों में भी घायलों की मदद करने का हौसला और जज्बा पैदा होगा.
गुड सेमेरिटन योजना से राहवीर बनने का सफर
सड़क हादसों में घायलों की मदद करने वालों को प्रोत्साहित करने की शुरुआत केंद्र सरकार ने 3 अक्टूबर 2021 को गुड सेमेरिटन योजना के नाम से की थी. उस समय इस योजना के पहले चरण में 36 मददगारों को पांच-पांच हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया था. इसके बाद सरकार ने इस योजना का दायरा बढ़ाने और इसे और अधिक असरदार बनाने का फैसला किया. पिछले साल 21 अप्रैल 2025 को मंत्रालय ने इस योजना का नाम बदलकर राहवीर योजना कर दिया. नाम बदलने के साथ ही सरकार ने पुरस्कार की राशि में पांच गुना बढ़ोतरी करते हुए इसे सीधे 25 हजार रुपये कर दिया, जिससे लोगों को बड़ा संबल मिला.
गोल्डन आवर में मदद करना सबसे बड़ा पुण्य
चिकित्सा विज्ञान में सड़क हादसे के बाद के पहले एक घंटे को गोल्डन आवर कहा जाता है. इस एक घंटे के भीतर यदि घायल व्यक्ति को प्राथमिक उपचार और अस्पताल की सुविधा मिल जाए, तो उसकी जान बचने की उम्मीद कई गुना बढ़ जाती है. राहवीर योजना का पूरा ध्यान इसी गोल्डन आवर पर टिका है. जो भी नागरिक हादसे के तुरंत बाद बिना समय गंवाए घायल को पास के अस्पताल तक पहुंचाएगा और डॉक्टर की मदद सुनिश्चित करेगा, उसे इस योजना के लिए पात्र माना जाता है. यह आर्थिक पुरस्कार उन लोगों के लिए सम्मान का प्रतीक है, जो निस्वार्थ भाव से मानवता का फर्ज निभाते हैं.
समाज में मदद का माहौल बनाना ही असली मकसद
उत्तर प्रदेश के परिवहन विभाग ने हाल ही में केंद्र सरकार से इस योजना के तहत फंड जारी करने का आग्रह किया था, जिसे केंद्र ने तुरंत स्वीकार कर लिया. सरकार का मानना है कि केवल कानून बनाने से हादसे नहीं रुकते, बल्कि हादसों के बाद घायलों को मिलने वाली तुरंत मदद से सैकड़ों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं. इस योजना के जरिए सरकार यह संदेश देना चाहती है कि सड़क पर घायल की मदद करना सिर्फ एक मानवीय कर्तव्य ही नहीं है, बल्कि ऐसा करने वालों की पूरी सुरक्षा और सम्मान की गारंटी भी प्रशासन की है. आने वाले दिनों में इस तरह के आयोजनों से पूरे प्रदेश में सड़क सुरक्षा के प्रति एक सकारात्मक माहौल तैयार होगा.
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