रिंकू सिंह और सांसद प्रिया सरोज की शादी में लगेगा दिग्गजों का जमावड़ा, VVIP गेस्ट लिस्ट में शाहरुख खान का भी नाम शामिल
भारतीय क्रिकेट के स्टार बल्लेबाज रिंकू सिंह और मछलीशहर से समाजवादी पार्टी की युवा सांसद प्रिया सरोज आगामी 4 दिसंबर 2026 को शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं, जिसके लिए दोनों परिवारों ने भव्य तैयारियां शुरू कर दी हैं. इस हाई-प्रोफाइल शादी के लिए मेहमानों की संभावित सूची भी तैयार हो चुकी है, जिसमें बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान के अलावा खेल जगत, दिग्गज राजनेताओं और शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों के शामिल होने की संभावना है. हालांकि, मेहमानों की आधिकारिक सूची आना अभी बाकी है, लेकिन इस भव्य समारोह में देश के खेल और राजनीतिक गलियारों के कई नामी चेहरों का जमावड़ा लगना तय माना जा रहा है.
4 दिसंबर को होगी रिंकू और प्रिया सरोज की शादी
भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज रिंकू सिंह और मछलीशहर लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी की युवा सांसद प्रिया सरोज की शादी का वेन्यू और तारीख तय हो चुकी है, जिसके बाद दोनों ही परिवारों में तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू हो गई हैं. दोनों आगामी 4 दिसंबर 2026 को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के आलीशान होटल रमाडा में सात फेरे लेकर शादी के बंधन में बंधेंगे.
इस वीवीआईपी विवाह समारोह को भव्य बनाने के लिए प्रिया सरोज की पक्ष की ओर से राजनीतिक हस्तियों की एक विशेष गेस्ट लिस्ट फाइनल कर ली गई है. इस शाही आयोजन में समाजवादी पार्टी के सभी मौजूदा सांसदों और विधायकों को न्योता भेजा जा रहा है. वहीं राष्ट्रीय राजनीति के कई बड़े चेहरों का भी जमावड़ा लगेगा. मेहमानों की इस सूची में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, और एनसीपी नेता सुप्रिया सुले के साथ-साथ कई केंद्रीय मंत्रियों के नाम शामिल हैं, जिन्हें शादी में शामिल होने के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया जाएगा.
पिछले साल 2025 में हुई थी रिंकू-प्रिया की सगाई
क्रिकेटर रिंकू सिंह और सांसद प्रिया सरोज के रिश्ते की आधिकारिक शुरुआत पिछले साल ही हो गई थी. दोनों ने जून 2025 में एक निजी समारोह के दौरान सगाई की थी, जिसकी तस्वीरें और खबरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थीं. इस सगाई के बाद से ही यह खूबसूरत जोड़ी लगातार फैंस और मीडिया की सुर्खियों में बनी हुई है.
कैसे शुरू हुई रिंकू सिंह और प्रिया सरोज की लव स्टोरी?
रिंकू सिंह और सपा सांसद प्रिया सरोज की प्रेम कहानी काफी दिलचस्प है, जिसका खुलासा खुद रिंकू ने एक इंटरव्यू में किया था. रिंकू सिंह ने बताया कि जब प्रिया उनसे पहली बार मिलने आई थीं, तो वह अकेली नहीं बल्कि दोस्तों और करीबियों की पूरी पलटन साथ लेकर पहुंची थीं. प्रिया का यही बिंदास और बेबाक अंदाज रिंकू को बेहद पसंद आया और यहीं से दोनों की दोस्ती प्यार में बदल गई.
एआई विनियमन पर भारत का संतुलित रुख, नवाचार और निवेश को बाधित नहीं कर रही सरकार : आईबीएम इंडिया के एमडी
मुंबई, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। आईबीएम इंडिया और दक्षिण एशिया के प्रबंध निदेशक संदीप पटेल ने मंगलवार को कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को लेकर भारत विनियमन के मामले में बेहद समझदारी भरा दृष्टिकोण अपना रहा है। सरकार एआई को इस हद तक विनियमित कर रही है कि नवाचार और निवेश पर इसका प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण दौर में एआई गवर्नेंस बेहद जरूरी है।
आईबीएम थिंक 2026 सम्मेलन के दौरान न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में पटेल ने कहा कि जैसे-जैसे एआई तकनीक विकसित होगी, यह संतुलित दृष्टिकोण कुछ समय तक जारी रहेगा।
उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि बड़ा सवाल यह है कि हम डिजिटल संप्रभुता को कैसे आगे बढ़ाएं। संप्रभुता का मुद्दा केवल भारत का नहीं, बल्कि पूरी दुनिया का है।
पटेल ने कहा कि डिजिटल संप्रभुता का मतलब डिजिटल स्वराज है। उन्होंने कहा, एआई और बुनियादी ढांचे दोनों के दृष्टिकोण से यह महत्वपूर्ण है। एक उद्यम के रूप में आपको उस स्तर की संप्रभुता बनाए रखनी होगी जो आपके ऊपर लागू नियमों और उन कार्यभारों के अनुरूप हो, जिन पर आप काम कर रहे हैं।
सरकार जल्द ही एआई नियमों पर एक चर्चा पत्र लाने की योजना बना रही है, जिसमें एआई सुरक्षा सुनिश्चित करने और डीपफेक से उत्पन्न खतरों को नियंत्रित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यह चर्चा पत्र स्किलिंग, सुरक्षा और एआई प्रगति के दौरान किसी भी व्यक्ति को पीछे न छूटने देने जैसे मुद्दों पर केंद्रित होगा।
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, एआई को केवल कानून के माध्यम से नियंत्रित नहीं किया जा सकता और इसके लिए टेक्नो-लीगल समाधान की आवश्यकता है।
पटेल ने कहा कि डेटा की उत्पत्ति, डेटा की सटीकता, जिस डेटा का उपयोग किया जा रहा है उसकी वैधता और उसके उपयोग को लेकर पारदर्शिता, ये सभी गवर्नेंस का हिस्सा हैं।
उन्होंने कहा, मॉडल गवर्नेंस भी बेहद महत्वपूर्ण है। इसका मतलब है कि आप कौन से मॉडल इस्तेमाल कर रहे हैं, कब कर रहे हैं, क्या आप उन्हें अपडेट कर रहे हैं और क्या वे आपके उपयोग के लिए उपयुक्त हैं। ये सभी सवाल मॉडल गवर्नेंस के दायरे में आते हैं।
उन्होंने कहा कि समग्र एआई गवर्नेंस का एक महत्वपूर्ण पहलू पारदर्शिता भी है।
पटेल ने कहा, क्या आपके पास इस बात को लेकर पारदर्शिता है कि एआई आपके मॉडलों का उपयोग कैसे कर रहा है? आप कौन सा डेटा इस्तेमाल कर रहे हैं? सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि क्या आप अपने परिणामों को समझा सकते हैं? या फिर आप अपने मॉडलों को मनमाने तरीके से काम करने दे रहे हैं? ये सभी तत्व मिलकर एआई गवर्नेंस के ढांचे का निर्माण करते हैं।
उन्होंने कहा कि आईबीएम को अपने एआई गवर्नेंस समाधान पर गर्व है, क्योंकि इसे बाजार में मान्यता मिल चुकी है, खासकर भारत में।
पटेल ने कहा, इन्फोसिस अपना खुद का गवर्नेंस मॉडल विकसित करने की कोशिश कर रही थी। लेकिन जब उन्होंने हमारा समाधान देखा तो उन्होंने अपना मॉडल बनाने का विचार छोड़ दिया और हमारे वॉटसनएक्स.गव को अपनाया। अब वे इसका उपयोग केवल आंतरिक कार्यों के लिए ही नहीं, बल्कि अपने ग्राहकों के लिए भी कर रहे हैं। इसका इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है।
--आईएएनएस
डीबीपी
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