दमोह पहुंची धीरेंद्र शास्त्री की सनातन हिंदू एकता रथयात्रा, पंडोखर सरकार के बयान पर बोले- अपने कपड़े उठाने से अपनी हंसी होती है
दमोह: बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन हिंदू एकता रथयात्रा मंगलवार को दमोह जिले में पहुंची। रथयात्रा का सबसे पहले हटा में आगमन हुआ। इसके बाद रथयात्रा पटेरा और हिंडोरिया होते हुए सीधे दमोह शहर में प्रवेश की। दमोह में रथयात्रा के पहुंचने पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। धीरेंद्र शास्त्री की एक झलक पाने के लिए जगह-जगह लोग एकत्रित हुए और फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया। इस दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने लोगों को संबोधित करते हुए हिंदू एकता का संदेश दिया।
बता दें कि बागेश्वर सरकार के आगमन को लेकर शहर में पहले से ही उत्साह का माहौल था। कार्यक्रम स्थल पर तेज धूप में लोग धीरेंद्र शास्त्री का इंतजार कर रहे थे। जैसे ही महाराज के आगमन की खबर पहुंची श्रद्धालुओं में फिर उत्साह छा गया। दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उमड़ पड़े। जय श्रीराम और धार्मिक जयकारों के बीच बागेश्वर पीठाधीश्वर का रथ सीधे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचा। यहां संत-महात्माओं जनप्रतिनिधियों और आयोजन समिति ने उनका स्वागत किया।
जातिगत भेदभाव मिटाकर हिंदू समाज को एकजुट करने का आह्वान
बता दें कि बागेश्वर धाम सरकार ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुये सनातन हिंदू एकता यात्रा का उद्देश्य बताया। उन्होंने समाज से जातिगत भेदभाव मिटाने और हिंदू समाज को एकजुट करने का आह्वान किया। महाराज ने बार-बार संदेश दिया। जात-पात की करो विदाई हम सब हिंदू भाई-भाई। उन्होंने कहा कि उनकी यात्रा राजनीतिक नहीं, बल्कि रामनैतिक यात्रा है। उनका उद्देश्य समाज को जागरूक करना और लोगों को एकता के सूत्र में बांधना है। इसके साथ ही धीरेद्र शास्त्री ने यह भी कहा कि इस यात्रा का एक और उद्देश्य है कि राष्ट्र को लव जिहाद मुक्त बनाना। इस दौरान उन्होंने बेटियों से अपील की कि कभी भी दूसरे धर्म में विवाह मत करना।
धीरेंद्र शास्त्री ने बुंदेलखंड में जातिवाद के नाम पर बढ़ती सामाजिक दूरियों पर चिंता जताते हुए लोगों से आपसी मतभेद भुलाकर राष्ट्र और समाज के हित में एकजुट होने की अपील की। अपने संबोधन में उन्होंने हिंदू एकता गौ रक्षा लवजिहाद और नशामुक्ति जैसे विषयों पर भी विचार रखे। साथ ही लोगों से जात-पात से ऊपर उठकर राष्ट्रहित में कार्य करने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
पंडोखर सरकार के बयान पर धीरेंद्र शास्त्री का जवाब
बता दें कि हालही में पंडाखर सरकार ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन हिंदू एकता यात्रा को सिर्फ एक राजनीतिक यात्रा बताया था। उन्होंने कहा था कि यह यात्रा सनातन, हिंदू राष्ट्र, राम राज्य की स्थापना, गौमाता के लिये नहीं हैं। यह सिर्फ एक राजनीतिक यात्रा है। यह विधानसभा, लोकसभा एवं मुख्यमंत्री बनने का सपना देख रहे हैं। यह सिर्फ अपना समर्थन जुटाने के लिये यह रथयात्रा निकाल रहे हैं।
पंडोखर सरकार के राजनैतिक यात्रा वाले बयान पर धीरेंद्र शास्त्री ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुये इस मामले में ज्यादा कुछ कहने से इनकार कर दिया। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि हम संतों को लेकर कोई जवाब नहीं देना चाहते हैं। इसके अलावा, उन्होंने व्यंग करते हुये कहा कि “अपने कपड़े उठाने से अपनी हंसी होती है”।
बांदकपुर तीर्थ क्षेत्र अतिक्रमण पर भी बोले बागेश्वर सरकार
इसके साथ की धीरेंद्र शास्त्री ने मीडिया से चर्चा करते हुये दमोह तीर्थ क्षेत्र अतिक्रमण को लेकर भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि हम सिर्फ प्रशासन को साधुवाद दे सकते हैं। उन्होंने शिवभक्तों से निवेदन किया कि वह प्रशासन के समक्ष अपनी बात रखें, उन्होंने हनुमान दादा पर पूरा भरोसा है। बात दें कि बांदकपुर तीर्थ क्षेत्र में 100 करोड़ रुपये की लागत से कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। वहीं, स्थानीय कुछ नागरिकों ने मंदिर के आसपास अतिक्रमण हटाने को लेकर आवाज उठाई थी। हालांकि प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया था कि जल्द ही कार्रवाई होगी लेकिन अभी तक किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई है।
विपक्ष की मतदाता सूची ऑडिट याचिका में मिली 14 खामियां, राहुल गांधी की याचिका पर सुनवाई टली
मतदाता सूची में गड़बड़ियों की जांच की मांग को लेकर राहुल गांधी और विपक्षी दलों के नेताओं की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई अटक गई है। सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने याचिका में 14 तकनीकी खामियां पाई हैं। इन कमियों के कारण 13 अक्टूबर को याचिका सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं हो सकी। अब कांग्रेस की कानूनी टीम आपत्तियों को दूर कर याचिका को जल्द सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कराने की कोशिश कर रही है।
रजिस्ट्री की आपत्तियों में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पहचान पत्र की स्पष्ट प्रति नहीं होना और याचिका के कुछ पन्नों का पढ़ने योग्य नहीं होना शामिल है। इसके अलावा, दस्तावेजों और अन्य प्रक्रियागत औपचारिकताओं से जुड़ी कमियां भी सामने आई हैं। कांग्रेस की कानूनी टीम ने इन खामियों को दूर करने के बाद 14 अक्टूबर को याचिका पर सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया है।
12 अक्टूबर के मार्च के बाद दाखिल हुई याचिका
राहुल गांधी और विपक्षी दलों के अन्य नेताओं ने 12 अक्टूबर को निकाले गए मार्च के बाद सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। इसमें एसआईआर के दौरान कथित अनियमितताओं और बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने का मुद्दा उठाया गया है। विपक्षी नेताओं ने इस प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए स्वतंत्र जांच की मांग की है।
सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में ऑडिट की मांग
सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में स्वतंत्र समिति गठित कर मतदाता सूची में हुए बदलावों का ऑडिट कराने का अनुरोध किया गया है। इसके साथ ही, याचिकाकर्ताओं ने मामले का निपटारा होने तक एसआईआर प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगाने की मांग भी की है। उनका कहना है कि मतदाता सूची में नाम हटाने और जोड़ने की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि किसी पात्र मतदाता का मतदान का अधिकार प्रभावित न हो।
खामियां दूर होने के बाद आगे बढ़ेगी सुनवाई
कांग्रेस की कानूनी टीम रजिस्ट्री की ओर से बताई गई कमियों को दूर करने में जुटी है। इसके बाद याचिका को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कराने का अनुरोध किया जाएगा। हालांकि, 14 अक्टूबर को ही सुनवाई होगी, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने अभी याचिका में लगाए गए आरोपों पर कोई फैसला नहीं दिया है। फिलहाल मामला तकनीकी खामियों को दूर करने और याचिका को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कराने की प्रक्रिया में है।
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