जॉनी लीवर की बेटी जेमी नहीं लगाना चाहती थीं पिता का सरनेम, आखिर क्या थी इसकी वजह
Johnny Lever daughter Jamie Lever: बॉलीवुड फिल्में देखने का अगर कोई शौकीन हो और जॉनी लीवर का नाम नहीं जानता हो, ऐसा शायद हो नहीं सकता है. दरअसल, कॉमेडिन एक्टर जॉनी लीवर ने शाहरुख खान, सलमान खान अक्षय कुमार, अजय देवगन और सनी देओल समेत कई बड़े सुपरस्टार तक काम किया है. उन्होंने अपनी स्क्रीन पर अपनी कॉमेडी का लोहा मनवाया है. हालांकि, उनकी बेटी जेमी लीवर (Jamie Lever) जो पेशे से एक्ट्रेस और कॉमेडियन हैं, वो खुद अपने पिता का सरनेम नहीं अपनाना चाहती थीं. उन्होंने हाल ही में इसकी वजह बताई है. आइए जानते हैं.20
कोलकाता में बाप-बेटी ने किया परफॉर्म
दरअसल, हाल ही में जेमी लीवर अपने पिता जॉनी लीवर के साथ कोलकाता में स्टेज शेयर करती नजर आई. जहां पर बाप-बेटी ने साथ में परफॉर्म किया और माहौल को काफी फ्रेश बनाया. दोनों को साथ में पर्सफॉर्मेंस करते देख फैंस काफी खुश नजर आए. इतना नहीं उन्होंने अपने पिता के साथ काम करने का अपना एक्सपीरिंयस भी शेयर किया.
जेमी नहीं लगाना चाहती थीं पिता का सरनेम
जेमी ने बातचीत के दौरान एक बड़ा खुलासा किया. उन्होंने बताया था कि उनकी लाइफ में एक ऐसा भी समय भी आया था. जब वह अपने पिता का सरनेम जॉनी नहीं लगाना चाहती थीं. जेमी के मुताबिक, वो अपनी पहचान खुद के दम पर बनाना चाहती थीं. उन्होंने इसकी वजह बताई की. उन्हें लगता है कि लीवर सरनेम उनके लिए एक बड़ी जिम्मेदारी है, जिससे वह प्रेशर महसूस होता है.
प्रोड्यूसर पूछते थे सवाल
उनका कहना है कि उनके पिता के लीवर सरनेम का दवाब काफी ज्यादा रहता है और वह उनके लिए काफी बड़ी जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि शुरुआत में वह अपने प्रोफेशनल नाम के साथ पिता का सरनेम नहीं यूज करना चाहती थीं. हालांकि, जब वह काम के सिलसिले में प्रोड्यूसर या किसी से मिलती थीं तो वे उनसे पूछते थे कि वह अपने साथ लीवर क्यों नहीं लगातीं और यह भी कहते थे उन्हें बताना चाहिए वह जॉनी लीवर की बेटी हैं.
लंबे समय तक उठाती रही बोझ
इसके आगे उन्होंने कहा कि वह अपने पिता का सरनेम इसलिए नहीं इस्तेमाल करना चाहती थी क्यों उनके ऊपर दवाब था और वह अपनी अलग पहचान बनाना चाहती थीं. जिसके बाद उन्होंने समझा कि वह किस चीज में अच्छी हैं और लोगों को क्या दे सकती हैं. यह जिम्मेदारी बहुत छोटी उम्र में ही उन्हें दे दी गई थी. इसके बाद वह लंबे समय तक इसका बोझ उठाती रही.
पहचान बनाने में लगे 10 साल से ज्यादा
जॉनी लीवर की बेटी जेमी कई सालों से अपनी पहचान बनानी की कोशिश कर रही थीं. उनका कहना है कि उन्होंने अपनी मेहनत के दम पर पहचान बनाने के लिए 10 से 12 लगा दिए. उनका मानना है कि पिता की विरासत को आगे बढ़ाना भी उनकी एक बड़ी जिम्मेदारी है. वह सक्सेस मिलने के बाद आराम से नहीं बैठ सकती हैं और आज भी मेहनत कर रही हैं.वह हर रोज खुद को बेहतर बनाने की कोशिश कर रही हैं और अपनी क्रिएटिविटी बढ़ाने के लिए भगवान से प्रार्थना भी करती हैं.
जेमी लीवर के बारे में जानिए
जेमी लीवर स्टैंड-अप कॉमेडियन, एक्ट्रेस और होस्ट हैं. जेमी अपनी बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग के लिए जाती हैं. इतना ही नहीं वह फराह खान, सोनम कपूर और कंगना रनौत की शानादर मिमिक्री करती हैं. उन्होंने 'किस किस को प्यार करूं' और 'हाउसफुल 4' जैसी बॉलीवुड फिल्मों में काम कर रखा है और वह सोशल मीडिया पर भी अपने मजेदार कॉमेडी वीडियो वायरल रहती हैं.
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जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन की जगह के तौर पर डी-नोटिफाई करने की CJP ने की निंदा, उठाए कई सवाल
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन के लिए तय जगह के तौर पर डी-नोटिफ़ाई करने की निंदा की है और इस कदम को शांतिपूर्ण ढंग से इकट्ठा होने के अधिकार और लोकतांत्रिक जवाबदेही के लिए एक बड़ा झटका बताया है. CJP ने मंगलवार सुबह अपने नेताओं और वॉलंटियर्स को हिरासत में लिए जाने की निंदा की. वे राष्ट्रीय ध्वज लेकर और चुनावी लिस्ट में कथित गड़बड़ियों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तुरंत इस्तीफे की मांग करते हुए उस जगह पर पहुंचे थे. डी-नोटिफिकेशन का ऐलान 12 अक्टूबर को किया गया. उसी दिन CJP के प्रतिनिधि जंतर-मंतर पर प्रस्तावित शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के लिए तारीख और समय मांगने वाला पत्र सौंपने संसद मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचे थे.
24 घंटे के अंदर जवाब मांगा था
संगठन ने कहा कि उसने पुलिस को प्रदर्शन का वक्त तय करने का विकल्प दिया था. 24 घंटे के अंदर जवाब मांगा था. इसके बाद आए इस आदेश जंतर-मंतर अब विरोध-प्रदर्शन के लिए तय जगह नहीं रहेगी, शांतिपूर्ण विरोध के लिए सार्वजनिक जगहों तक पहुंच को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.
जंतर-मंतर सिर्फ नक्शे पर एक जगह नहीं
मंगलवार सुबह, CJP के सह-संयोजक आशुतोष रंका और सौरव दास, राष्ट्रीय संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे और पार्टी के अन्य सदस्य उस जगह पहुंचे और दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया. CJP के संस्थापक और राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दिपके ने कहा, "आप विरोध-प्रदर्शन को खत्म नहीं कर सकते. अगर सरकार को लगता है कि जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन के लिए तय जगह की सूची से हटाने से जवाबदेही की मांग करने वाले लोग चुप हो जाएंगे, तो वह इस आंदोलन के मकसद को गलत समझ रही है. जंतर-मंतर सिर्फ नक्शे पर एक जगह नहीं है. यह वह जगह है जहां नागरिक सत्ता में बैठे लोगों से सवाल करने को लेकर एकत्र होते हैं. कोई भी प्रशासनिक आदेश उस लोकतांत्रिक भावना को खत्म नहीं कर सकता."
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