Pumpkin से बनाएं 5 स्वादिष्ट Recipes, सूप और चीले से लेकर Halwa तक बदलें स्वाद
क्या आपके घर में भी कद्दू ज्यादा आ गया है और बार-बार आप एक ही तरह की सब्जी खाकर बोर हो चुके हैं। तो आप कद्दू की नई डिश ट्राई कर सकती हैं। आप कद्दू से मीठे से लेकर नमकीन तक कई तरह की स्वादिष्ट रेसिपीज बना सकती हैं। वहीं खास बात यह है कि इनमें से कुछ डिश ऐसी भी हैं, जिनको देखकर और खाकर आपको ऐसा नहीं लगेगा कि यह कद्दू से बनी हैं। कद्दू में मौजूद पोषक तत्व स्वाद के अलावा सेहत के लिए अच्छे होते हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको कद्दू से बनने वाली 5 स्वादिष्ट रेसिपीज के बारे में बताने जा रहे हैं।
कद्दू का सूप
अगर आप भी कुछ हेल्दी और हल्का खाना चाहती हैं, तो कद्दू का सूप एक अच्छा ऑप्शन है। इसके लिए कद्दू को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर हल्का रोस्ट कर लें। फिर इसको ब्लेंड करें और एक प्यूर स्मूदी बनाकर तैयार करें। अब पैन में थोड़ा मक्खन गर्म करें और अदरक और लहसुन भूनें। अब इसमें कद्दू की प्यूरी डालकर नमक, काली मिर्च और जरूरत के हिसाब से पानी या वेजिटेबल मिलाएं। कुछ मिनट धीमी आंच पकाएं और ऊपर से क्रीम, फ्रेश धनिया या भुने हुए कद्दू के बीच डालकर सर्व करें।
कद्दू का हलवा
अगर आप भी मीठा खाने के शौकीन हैं, तो आप स्वादिष्ट कद्दू का हलवा बना सकती हैं। इसको बनाने के लिए कद्दू को छीलकर कद्दूकस करें। अब इसका हल्का पानी निचोड़ लें और कड़ाही में घी गर्म करें और कद्दू को अच्छे से भूनें, जिससे इसका कच्चापन खत्म हो जाएगा। फिर दूध और चीनी डालकर इसको धीमी आंच पर पकाएं। जब दूध सूखने लगे और हलवा गाढ़ा होने लगे, तो इसमें काजू, बादाम, इलायची पाउडर और किशमिश डालें। ऊपर से घी डालकर सर्व करें।
कद्दू के चीले
अगर आपको नाश्ते में कुछ ट्राई करना है, तो कद्दू के चीले बनाएं। इसको बनाने के लिए कद्दू को कद्दूकस करके बेसन में मिलाएं और फिर बारीक कटी हरी मिर्च, धनिया, नमक, अजवाइन और अपने पसंदीदा मसाले डालकर मिक्स करें। इसको न ज्यादा पतला रखें और न ज्यादा गाढ़ा बैटर बनाएं। अब तवा को गर्म करके पूरे तवे पर तेल लगाकर बैटर लगाएं और दोनों तरफ से इसको सुनहरा होने तक भूनें। इसको हरी चटनी, टमाटर की चटनी या दही के साथ सर्व करें।
कद्दू की खीर
कद्दू से बनने वाली खीर स्वाद में सामान्य खीर से थोड़ी डिफरेंट होती है। कद्दू की खीर बनाने के लिए कद्दू को कद्दूकस कर लें। फिर इसको हल्का सा उबाल कर घी में भूनें। अब दूध में डालकर इसको मीडियम फ्लेम पर पकाएं। जब यह अच्छे से नरम हो जाए और दूध गाढ़ा होने लगे, तब इसमें चीनी को मिलाएं। अब इसमें काजू, बादाम, पिस्ता, केसर और इलायची डालें। कुछ देर पकाने के बाद गैस बंद कर दें। आप चाहें तो इसको गरमा-गरम सर्व करें या फिर ठंडा होने पर सर्व करें।
रोस्टेड कद्दू
आप कद्दू को हेल्दी स्नैक्स के रूप में भी इस्तेमाल कर सकती है। इसके लिए कद्दू को छीलकर इसको छोटे और बराबर टुकड़ों में काट लें। फिर थोड़ा सा जैतून का तेल, काली मिर्च, नमक, चिली फ्लेक्स और अपनी पसंद के हर्ब्स डालकर अच्छे से मिक्स करें। अब इसको ओवन या एयर फ्रायर में तब तक रोस्ट करें, जब तक कि इसके किनारे हल्के क्रिस्पी और सुनहरे न हो जाएं। इसको शाम के स्नैक के रूप में लंच या डिनर के रूप में साइड डिश की तरह परोस सकते हैं।
UP में 68 हजार ग्राम प्रहरियों का मानदेय बढ़कर हुआ 3,500 रुपये, CM Yogi ने दी मंजूरी
उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को 68 हजार ग्राम प्रहरियों का मानदेय 2,500 रुपये से बढ़ाकर 3,500 रुपये प्रतिमाह करने को मंगलवार को मंजूरी दी दे दी। इसके अलावा उनके परिवारों के लिए सालाना पांच लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा भी शुरू हो गई। यहां जारी एक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्राम प्रहरियों (गांव के चौकीदारों) के मानदेय में एक हजार रुपये की बढ़ोतरी की मंजूरी दी है।
आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 में ग्राम प्रहरियों को महज 1,500 रुपये मानदेय मिलता था, जिसे वर्ष 2019 में बढ़ाकर 2,500 रुपये किया गया था। उन्होंने कहा कि अब ग्राम प्रहरियों की जिम्मेदारियों के साथ सुविधाएं भी बढ़ाई जा रही हैं। बरेली की रिजर्व पुलिस लाइन में ग्राम प्रहरी सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में पर्व-त्योहार आते ही उपद्रव शुरू हो जाते थे।
कुछ अराजक तत्वों की हरकतों का खामियाजा 25 करोड़ प्रदेशवासियों को भुगतना पड़ता था।’’ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में ‘डबल इंजन’ सरकार ने प्रदेश के प्रति देश और दुनिया की धारणा बदल दी है। आदित्यनाथ ने कहा कि शहरों में सीसीटीवी कैमरे जिस तरह अपराधियों पर नजर रखते हैं, उसी तरह गांवों में ग्राम प्रहरियों को भी अपनी भूमिका निभानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरियों ने अपील की कि वे संदिग्ध गतिविधियों, अपराध और जमीन पर कब्जा करने वालों की सूचना तत्काल पुलिस तक पहुंचाएं।
उन्होंने कहा कि थानाध्यक्ष या संबंधित क्षेत्र के उपनिरीक्षक सप्ताह में कम से कम एक दिन ग्राम प्रहरियों के साथ बैठक करें, जिससे सूचना तंत्र मजबूत होगा और छोटी घटनाओं को बड़ा विवाद बनने से रोका जा सकेगा। आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में अब दंगे और उपद्रव नहीं होते और कानून-व्यवस्था बेहतर होने से निवेश, व्यापार व रोजगार बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि पहले नवरात्र और अन्य पर्वों पर उपद्रव की आशंका रहती थी, लेकिन अब नवरात्र के पहले दिन से ही गांव-गांव में दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विंध्यवासिनी धाम में पिछले दिन में सवा दो लाख से ढाई लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए और मंगलवार सुबह छह बजे तक डेढ़ लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे। उन्होंने कहा कि देवीपाटन धाम में भी डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे और सीतापुर के ललिता देवी मंदिर व सहारनपुर की शाकंभरी पीठ में भी श्रद्धालुओं की भीड़ है। आदित्यनाथ ने कहा कि यह भयमुक्त वातावरण का परिणाम है।
मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरियों से वन्यजीवों के खतरे, अफवाहों और भू-माफिया की गतिविधियों की सूचना भी प्रशासन को देने को कहा। उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाले 11 ग्राम प्रहरियों को सम्मानित किया।
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