Shivling Puja Rules: क्या शिवलिंग पर नाक, कान और आंख बनाना सही है?, जानें क्या है शास्त्रों का मत
Shivling Puja Rules: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शिवलिंग भगवान शिव के निराकार (अनादि-अनंत) स्वरूप का प्रतीक माना जाता है। शैव आगम, शिवपुराण और लिंगपुराण में शिवलिंग की पूजा उसके मूल स्वरूप में करने का उल्लेख मिलता है। इसलिए सामान्य रूप से शिवलिंग पर नाक, कान, आंख, मूंछ या चेहरा बनाना शास्त्रोक्त पूजा का हिस्सा नहीं माना जाता।
हालांकि, कुछ क्षेत्रों में लोक परंपराओं या विशेष उत्सवों के दौरान श्रद्धा और भक्ति के भाव से ऐसा किया जाता है। इसे स्थानीय परंपरा माना जाता है, न कि शास्त्रों द्वारा निर्धारित पूजा-विधि।
क्या शिवलिंग पर रंग करना सही है?
धार्मिक दृष्टि से स्थायी रंग, पेंट या रासायनिक रंगों से शिवलिंग को रंगना उचित नहीं माना जाता। शास्त्रों में शिवलिंग के अभिषेक और पूजन के लिए प्राकृतिक एवं सात्विक सामग्री का उल्लेख मिलता है।
यदि चंदन, भस्म, केसर या अन्य प्राकृतिक पूजन सामग्री से तिलक या अलंकरण किया जाए, तो इसे पूजा का अंग माना जाता है। लेकिन स्थायी रंग या केमिकल पेंट का उपयोग धार्मिक परंपराओं में वर्णित नहीं है।
शास्त्रों के अनुसार शिवलिंग का श्रृंगार कैसे करें?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शिवलिंग का श्रृंगार सरल और सात्विक तरीके से करना शुभ माना जाता है। इसके लिए
- गंगाजल, शुद्ध जल और पंचामृत से अभिषेक करें।
- चंदन या भस्म का लेप करें।
- त्रिपुण्ड (तीन रेखाएं) अंकित करें।
- बिल्वपत्र अर्पित करें।
- धतूरा, आक, शमीपत्र और मौसमी पुष्प चढ़ाएं।
- धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित करें।
- रुद्राक्ष या पुष्पमाला से शिवलिंग को सजाएं।
शास्त्रों में क्या मिलता है उल्लेख?
शिवपुराण और लिंगपुराण में भगवान शिव के अभिषेक, बिल्वपत्र, चंदन, भस्म और अन्य पूजन सामग्रियों का विस्तार से वर्णन मिलता है। वहीं नाक, कान, आंख, मुंह बनाने या पेंट से रंगने का स्पष्ट विधान नहीं मिलता। इसी कारण अधिकांश विद्वान और आचार्य शिवलिंग की पूजा उसके मूल स्वरूप में करने की सलाह देते हैं।
नोट: भारत के विभिन्न क्षेत्रों में पूजा-पद्धतियों और लोक परंपराओं में भिन्नता हो सकती है। किसी भी विशेष मंदिर या संप्रदाय की परंपरा का पालन वहां के नियमों और स्थानीय आचार्यों के मार्गदर्शन के अनुसार किया जाना चाहिए।
Mohan Cabinet Meeting: आज होगी मोहन कैबिनेट की बैठक, किसानों को मिल सकती है बड़ी राहत, कवच योजना समेत कई प्रस्तावों पर मुहर संभव
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मंगलवार, 4 अगस्त को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक बुलाई गई है। इसमें विभिन्न विभागों के कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लग सकती है। साथ ही जनहित में कुछ महत्वपूर्ण फैसले भी लिए जा सकते हैं। बैठक के बाद मुख्यमंत्री महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के लिए रवाना होंगे, जहां वे निर्धारित कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।
कैबिनेट बैठक में किसानों के लिए कवच योजना का प्रस्ताव भी आ सकता है। इससे प्रदेश के 5 हजार डिफॉल्टर किसानों को राहत मिलेगी। योजना के तहत डिफाल्टर किसानों का बकाया कुछ हिस्सा अपेेक्स बैंकऔर कुछ हिस्सा राज्य सरकार देगी। इसके अलावा कैबिनेट में राज्य सरकार की योजनाओं की निरंतरता और पेंशन से जुड़े प्रस्तावों पर भी विचार हो सकता है।
मध्य प्रदेश में यात्री बसों के किराये में 20 से 25 प्रतिशत तक की वृद्धि को लेकर भी चर्चा हो सकती है। वर्तमान में किराया सवा रुपये प्रति किलोमीटर की दर से निर्धारित है, जिसे बढ़ाकर डेढ़ से पौने 2 रुपये प्रति किलोमीटर तक करने की तैयारी है। इसको लेकर सोमवार को मंत्रालय में परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह और जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट की मध्य प्रदेश बस ओनर्स एसोसिएशन के साथ एक बैठक हो चुकी है। पिछले कैबिनेट बैठक में 4 नए फास्टट्रैक कोर्ट बनाने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई थी। MSP पर किसानों को बोनस भुगतान योजना को भी हरी झंड़ी दी गई थी।
मुख्यमंत्री मोहन यादव के आज के कार्यक्रम
- सुबह 9:45 बजे समत्व भवन में एडीजी इंटेलिजेंस तथा आयुक्त जनसंपर्क के साथ नियमित प्रशासनिक ब्रीफिंग करेंगे।
- इसके बाद आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी पहुंचेंगे। यहां सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला “उभरते ज्ञान क्षेत्र, उन्नत पाठ्यक्रम : दृष्टि, दिशा एवं क्रियान्वयन” में वे शामिल होंगे।
- कार्यशाला समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री मंत्रालय (वल्लभ भवन) पहुंचेंगे। यहां दोपहर 12:20 बजे कैबिनेट ब्रीफिंग आयोजित होगी, जिसके बाद दोपहर 12:30 बजे मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक शुरू होगी।
- दोपहर करीब 1:45 बजे वे मंत्रालय से स्टेट हैंगर के लिए रवाना होंगे और वहां से विशेष विमान से दोपहर लगभग 3:30 बजे मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचेंगे। इसके बाद कार से लोअर परेल स्थित द सेंट रेगिस होटल पहुंचेंगे, जहां वे विभिन्न स्थानीय कार्यक्रमों और निर्धारित बैठकों में भाग लेंगे।
- शाम करीब 6:30 बजे दोबारा एयरपोर्ट पहुंचेंगे और विशेष विमान से रात लगभग 8:05 बजे भोपाल पहुंचेंगे। इसके बाद स्टेट हैंगर से वे सीधे अपने सरकारी निवास के लिए प्रस्थान करेंगे।
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